
DRDO वैज्ञानिक कुरुलकर ने महिला जासूस से किया था ब्रह्मोस की रिपोर्ट दिखाने का वादा- ATS
क्या है खबर?
हनी ट्रैप में फंसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के वैज्ञानिक प्रदीप कुरुलकर को लेकर अब महाराष्ट्र के आतंकवाद रोधी दस्ते (ATS) ने नया खुलासा किया है।
ATS ने कहा है कि कुरुलकर ने कथित तौर पर पाकिस्तानी महिला जासूस को ब्रह्मोस मिसाइल से जुड़ी बेहद गुप्त जानकारी दिखाने का वादा किया था। महिला जासूस ने वैज्ञानिक से एक बार निजी तौर पर मुलाकात भी की थी। तब इस जासूस ने अपना नाम जारा दासगुप्ता बताया था।
महिला
महिला ने वैज्ञानिक को हनाी ट्रैप में फंसाया
अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला जासूस ने व्हाट्सऐप पर कुरुलकर से संपर्क किया था। महिला ने बताया कि वह ब्रिटेन में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थी।
बाद में महिला ने कुरुलकर को कई अश्लील संदेश भेजकर, वॉयस और वीडियो कॉल करके जानकारी साझा करने का लालच दिया। कुरुलकर और महिला जासूस के बीच 10 जून, 2022 से लेकर 24 फरवरी, 2023 के बीच कई बार बातचीत हुई थी।
ब्रह्मेस
दोनों के बीच ब्रह्मोस के बारे में हुई बातचीत
ATS के मुताबिक, दोनों ने 19 अक्टूबर, 2022 और 28 अक्टूबर, 2022 को ब्रह्मोस के बारे में बातचीत की थी।
तब कुरुलकर ने कहा था, "मेरे पास सभी ब्रह्मोस संस्करणों पर लगभग 186 A4 आकार की प्रारंभिक डिजाइन रिपोर्ट है।"
बाद में कुरुलकर ने कहा, "मैं उस रिपोर्ट की कॉपी वॉट्सऐप पर या मेल नहीं कर सकता, यह अत्यधिक गोपनीय है। मैं इसे तैयार रखूंगा और जब आप यहां होंगी तो आपको दिखाने की कोशिश करूंगा।"
अग्नि
अग्नि, रुस्तम और ड्रोन को लेकर भी हुई बातचीत
ATS ने कहा कि दोनों के बीच अग्नि 6 मिसाइल, मानव रहित विमान रुस्तम और DRDO के ड्रोन प्रोजेक्ट को लेकर भी बात हुई थी। इसके अलावा क्वाडकॉप्टर, DRDO ड्यूटी चार्ट, मिटिओर मिसाइल, स्वदेशी मिसाइल आकाश, राफेल के बारे में भी बातचीत हुई।
DRDO के लिए रोबोटिक उपकरण बनाने वाले एक निजी विक्रेता के बारे में भी दोनों ने बात की थी। कुरुलकर ने जासूस के साथ DRDO के 2 वैज्ञानिकों के नाम भी साझा किए थे।
कुरुलकर
3 मई को गिरफ्तार किए गए थे कुरुलकर
ATS ने कुरुलकर को 3 मई को गिरफ्तार किया था। उन पर जासूसी और पाकिस्तान की महिला जासूस के साथ संपर्क रखने के लिए गुप्त जानकारी साझा करने के आरोपों को लेकर आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
इससे पहले DRDO को जब मामले की भनक लगी थी तो 24 फरवरी को कुरुलकर का मोबाइल, लैपटॉप और हार्ड डिस्क कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण फोरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिए गए थे।
प्रदीप
कौन हैं प्रदीप कुरुलकर?
कुरुलकर DRDO की प्रमुख प्रणाली इंजीनियरिंग लैब, रिसर्च एंड डेवलपमेंट के डायरेक्टर थे। उन्होंने 1985 में पुणे के इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में प्रथम श्रेणी से स्नातक की परीक्षा पास की और उसके बाद IIT कानपुर से एडवांस पावर इलेक्ट्रॉनिक्स की पढ़ाई की है।
1988 में कुरुलकर DRDO से जुड़े थे। उन्हें मिसाइल लॉन्चर्स समेत अत्याधुनिक रोबोटिक्स और सैन्य अनुप्रयोगों के लिए मोबाइल मानवरहित प्रणालियों के डिजाइन और विकास में विशेषज्ञता है।