
अग्निपथ योजना: लड़कियां भी बनेंगी अग्निवीर, भारतीय नौसेना में पहली बार महिला नाविकों की होगी भर्ती
क्या है खबर?
भारतीय नौसेना इस साल नई अग्निपथ योजना के माध्यम से पहली बार महिला नाविकों की भर्ती करेगी। इससे आने वाले समय में उनके लिए भी युद्धपोतों पर तैनात होने का मार्ग प्रशस्त होगा।
रविवार को अग्निपथ योजना को लेकर तीनों सेनाओं की ओर से संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई थी।
इसी में नौसेना के वाइस एडमिरल डीके त्रिपाठी ने महिला अग्निवीरों की भर्ती के संबंध में यह ऐलान किया।
महिला
भारतीय नौसेना में कितनी महिलाओं को मिलेगी जगह?
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, इस साल नौसेना में भर्ती किए जाने वाले 3,000 अग्निवीरों में से महिलाएं कितनी होंगी, इस पर अभी अंतिम फैसला लिया जाना बाकी है।
हालांकि यह संभावना जताई जा रही है कि यह संख्या पहले बैच का 10 से 20 प्रतिशत होगी।
नौसेना में शामिल होने वाले अग्निवीर इस साल 21 नवंबर से ओडिशा स्थित नौसेना प्रतिष्ठान इंडियन नेवल शिप (INS) चिल्का में प्रशिक्षण शुरू करेंगे।
नौसेना
नौसेना में जेंडर-न्यूट्रल होगी अग्निपथ योजना
त्रिपाठी ने कहा कि नौसेना में अग्निपथ योजना जेंडर-न्यूट्रल होगी।
उन्होंने कहा, "वर्तमान में 30 महिला अधिकारी युद्धपोतों पर तैनात हैं। हमने तय किया है कि महिला नाविकों की भी भर्ती करने का समय आ गया है। नौसेना के सभी ट्रेडों में महिलाओं की भर्ती होगी जिसके तहत उनकी तैनाती समुद्र में भी होगी।"
नौसेना में 1990 के दशक से ही महिलाओं को शामिल किया जा रहा है, लेकिन अधिकारी के रूप में उनकी नियुक्ति 2019-2020 में शुरू हुई है।
शामिल
सैन्य अधिकारियों में महज 3,904 महिलाएं
भारतीय सशस्त्र बलों में लगभग 70,000 अधिकारियों में महिलाओं की संख्या सिर्फ 3,904 (सेना 1,705, IAF 1,640 और नौसेना 559) है, जबकि 9,000 से अधिक अधिकारियों की कमी है।
सेना द्वारा पहली बार 2019-2020 में 'अन्य रैंकों' में महिलाओं की भर्ती शुरू करने के बाद अब सैन्य पुलिस कोर (CMP) में 100 महिला जवान भी हैं।
पिछले दो वर्षों में 199 अन्य CMP महिलाओं की भर्ती प्रक्रिया कोरोना वायरस महामारी के कारण प्रभावित हुई है।
जानकारी
23 साल के अंतराल बाद युद्धपोतों पर तैनात की गईं महिला अधिकारी
एक साल पहले नौसेना ने 23 साल के अंतराल बाद युद्धपोतों पर चार महिला अधिकारियों की तैनाती की थी। तब विमानवाहक INS विक्रमादित्य और बेड़े के टैंकर INS शक्ति पर दो-दो महिला अधिकारियों की तैनाती की गई थी। अब इनकी संख्या 30 हो गई है।
योजना
क्या है अग्निपथ योजना?
अग्निपथ योजना तीनों सेनाओं, थल सेना, वायुसेना और नौसेना, के लिए एक अखिल भारतीय योग्यता-आधारित भर्ती प्रक्रिया है।
इस योजना के तहत भर्ती होने वाले युवाओं को 'अग्निवीर' कहा जाएगा। उन्हें चार साल के लिए सेना में सेवा का अवसर मिलेगा।
इसके बाद योग्यता, इच्छा और मेडिकल फिटनेस के आधार पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सेवा में बरकरार रखा जाएगा।
इस योजना के खिलाफ देशभर में युवा सड़कों पर हैं और इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
न्यूजबाइट्स प्लस
अग्निपथ योजना को लेकर प्रदर्शन क्यों हो रहा है?
अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले युवाओं को न ही स्थायी नौकरी मिलेगी और न ही उन्हें पेंशन मिलेगी। हालांकि उन्हें चार साल बाद लगभग 11 लाख की एकमुश्त राशि दी जाएगी।
इसके अलावा करीब दो साल से कोरोना वायरस महामारी के कारण सेना में भर्ती ठप थी। ऐसे उम्मीदवार जो महामारी के दौरान पूर्णकालिक सरकारी नौकरी का सपना संजोए भर्ती की तैयारी कर रहे थे, वे इस योजना के आने के बाद काफी निराश हैं।