
टाटा कैपिटल ने IPO के लिए SEBI के पास दाखिल किए दस्तावेज, यह तरीका अपनाया
क्या है खबर?
टाटा समूह की प्रमुख वित्तीय सेवा शाखा टाटा कैपिटल ने अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लॉन्च की दिशा में एक और कदम बढ़ा दिया है।
सूत्रों के अनुसार, कंपनी ने 15,000 करोड़ रुपये से अधिक के IPO के लिए गोपनीय प्री-फाइलिंग रूट के जरिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास दस्तावेज दाखिल किए हैं।
टाटा कैपिटल एक गैर-बैंकिंग वित्तीय सेवा (NBFC) फर्म है और व्यवसाय समूह की प्रमुख निवेश होल्डिंग कंपनी टाटा संस की सहायक कंपनी है।
गोपनीयता मार्ग
कब दाखिल होंगे मसौदा दस्तावेज?
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, टाटा कैपिटल गोपनीय प्री-फाइलिंग सिस्टम का उपयोग करेगी और मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत तक मसौदा दस्तावेज दाखिल कर देगी।
मामले से जुड़े व्यक्तियों में से एक ने कहा, "ड्राफ्ट पेपर गोपनीय प्री-फाइलिंग रूट के माध्यम से बाजार नियामक के पास दाखिल कर दिए गए हैं।
उन्होंने बताया, "यह इश्यू शेयरों के प्राथमिक और द्वितीयक इश्यू का संयोजन होगा, टाटा संस और निवेशक IFC अपनी हिस्सेदारी कम करेंगे।"
सलाहकार
10 बैंकों को सलाहकार नियुक्त
25 फरवरी को टाटा कैपिटल बोर्ड ने IPO योजना को मंजूरी दे दी और कहा कि इसमें 23 करोड़ शेयरों तक का नया इश्यू और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा इक्विटी शेयरों की बिक्री की पेशकश शामिल होगी।
कंपनी ने कहा कि IPO बाजार की स्थितियों और SEBI मंजूरी के अधीन है।
इससे पहले 21 मार्च को मनीकंट्रोल ने इस मेगा लिस्टिंग के लिए सलाहकार के तौर पर 10 निवेश बैंकों को नियुक्त किए जाने की जानकारी दी थी।