
#NewsBytesExplainer: क्या है BRICS समूह, जिसके 15वें शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है दक्षिण अफ्रीका?
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में 22 से 24 अगस्त तक BRICS के 15वें शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा की अध्यक्षता में आयोजित हो रही BRICS की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी हिस्सा लेंगे।
आइए इस संगठन के बारे में विस्तार से जानते हैं।
समूह
BRICS में कौन से देश हैं शामिल?
BRICS दुनिया की पांच सबसे तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है। BRICS के नाम में हर अक्षर एक देश का प्रतिनिधित्व करता है और ये देश हैं ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका।
इस समूह का नाम पहले BRIC था और 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने पर इसका नाम BRICS हो गया।
बता दें कि BRICS समूह के 5 सदस्य देशों में दुनिया की कुल आबादी की करीब 41.5 प्रतिशत आबादी रहती है।
नाम
कैसे पड़ा था BRICS समूह का नाम?
अमेरिकी निवेश बैंक और वित्तीय सेवा कंपनी गोल्डमैन सैक्स में काम करने वाले ब्रिटिश अर्थशास्त्री जिम ओ निल ने BRIC नाम का प्रयोग सबसे पहले 2001 में अपने एक शोधपत्र में किया था।
उनका मानना था कि BRIC में शामिल देश वर्ष 2050 तक विनिर्माण उद्योग, सेवाओं और कच्चे माल के प्रमुख आपूर्तिकर्ता बन जाएंगे। उन्होंने BRIC समूह का G7 जैसे वैश्विक नीति निर्माण मंचों में समायोजन का सुझाव भी दिया था।
बैठक
कब हुई थी BRICS की पहली बैठक?
जुलाई, 2006 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित G8 समूह के शिखर सम्मेलन के दौरान ब्राजील, रूस, भारत और चीन के नेताओं ने पहली बार आपस में मुलाकात की थी।
उसी वर्ष सितंबर में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान इन देशों के विदेश मंत्रियों की औपचारिक बैठक हुई और समूह की स्थापना हुई।
दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने से पहले BRICS देशों का पहली शिखर सम्मेलन 16 जून, 2009 को रूस के येकाटेरिंगबर्ग में हुआ था।
अहमियत
BRICS का क्या मकसद है?
BRICS के पांचों सदस्य देश G-20 समूह के भी सदस्य हैं और इनकी वैश्विक GDP में 24 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी है। समूह क्षेत्रीय मुद्दों के साथ वैश्विक मामलों पर भी चर्चा करता है।
इसका अहम मकसद अलग-अलग क्षेत्रों में सदस्य राष्ट्रों के बीच पारस्परिक लाभकारी सहयोग को आगे बढ़ाना है ताकि इनके विकास को गति मिल सके।
BRICS समूह के लिए जलवायु परिवर्तन, आतकंवाद, व्यापार, ऊर्जा, आर्थिक संकट जैसे मुद्दे भी अहम हैं।
सम्मलेन
कब आयोजित होता है BRICS शिखर सम्मेलन?
BRICS का मुख्यालय चीन के शंघाई में स्थित है। समूह के सदस्य बारी-बारी से हर साल सम्मेलन की मेजबानी करते हैं, जिसमें पांचों देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होते हैं।
BRICS देशों का प्रमुख मुद्दा आर्थिक तौर पर एक साथ काम करना है, लेकिन इनमें से कुछ देशों के बीच बड़े राजनीतिक विवाद भी सामने आए हैं।
इन विवादों की सूची में पड़ोसी देशों भारत और चीन के बीच लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में जारी सीमा विवाद सबसे अहम है।
अहमियत
भारत के लिए क्यों अहम है BRICS?
भारत BRICS को वैश्विक संतुलन, विविधता और बहुलता का एक अहम मंच मानता है।
भारत का मानना है कि BRICS समूह के सदस्य व्यापार के अवसर, आर्थिक आपूर्ति और सहयोग के क्षेत्रों की पहचान कर लगातार आगे बढ़ सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने 2021 में कहा था कि BRICS समूह ने पहले डेढ़ दशक में काफी सफलता हासिल की है और सुनिश्चित करना चाहिए कि आगामी 15 वर्षों में BRICS काफी उपयोगी बने।