
कितने देशों में सामने आ चुके हैं कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामले?
क्या है खबर?
सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में पाया गया कोरोना वायरस का ओमिक्रॉन वेरिएंट दुनिया के 15 देशों में फैल चुका है।
रविवार को कनाडा में दो और फ्रांस में आठ लोगों को इस वेरिएंट से संक्रमित पाया गया था।
कोरोना के इस नए वेरिएंट की पुष्टि के बाद से ही कई देशों ने यात्रा संबंधी प्रतिबंध लागू कर दिए थे, जिसे दक्षिण अफ्रीका ने अनुचित और अवैज्ञानिक करार देते हुए हटाने की मांग की है।
ओमिक्रॉन वेरिएंट
अब तक इन देशों में सामने आए मामले
दक्षिण अफ्रीका के अलावा बोत्सवाना, बेल्जियम, हांगकांग, इजरायल, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड, जर्मनी, चेक रिपब्लिक, ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, इटली, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और फ्रांस में ओमिक्रॉन के 100 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने रविवार को बताया कि ओमिक्रॉन से दोबारा संक्रमण का खतरा ज्यादा है, लेकिन अभी तक ऐसे सबूत नहीं मिले हैं, जिनके आधार पर इसे अधिक संक्रामक बताया जा सके। RT-PCR टेस्ट से इस वेरिएंट की पुष्टि की जा सकती है।
प्रतिक्रिया
दक्षिण अफ्रीका ने प्रतिबंधों की निंदा की
अमेरिका, ब्रिटेन और कई यूरोपीय देशों ने दक्षिण अफ्रीका और उसके पड़ोसी देशों से आने वाले यात्रियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। इसकी निंदा करते हुए दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने इन्हें अनुचित करार दिया है।
रविवार को अपने संबोधन में रामाफोसा ने कहा कि इन पाबंदियों के पीछे कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है और अफ्रीका को अनुचित भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है। इन पाबंदियों से वेरिएंट के प्रसार पर असर नहीं पड़ेगा।
बयान
रामाफोसा बोले- खतरे की घंटी है ओमिक्रॉन वेरिएंट
रामाफोसा ने कहा कि ये पाबंदियां अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाएंगी और उबरने की कोशिश कर रहे देशों के प्रयासों को प्रभावित करेगी।
वैक्सीन वितरण में असमानता की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि यह वेरिएंट दुनिया के लिए खतरे की घंटी है। जब तक पूरी दुनिया वैक्सीनेट नहीं होगी, तब तक नए वेरिएंट का खतरा बना रहेगा।
बता दें कि अफ्रीका में वैक्सीनेशन अभियान बहुत धीमा है और यहां 7 प्रतिशत आबादी ही पूरी तरह वैक्सीनेट हो पाई है।
शुुरुआती जानकारी
ओमिक्रॉन से संक्रमित व्यक्ति में दिखते हैं हल्के लक्षण
दक्षिण अफ्रीका मेडिकल एसोसिएशन ने कहा है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित व्यक्ति में केवल हल्के लक्षण ही नजर आते हैं और कोई गंभीरता सामने नहीं आई है।
एसोसिएशन की अध्यक्ष एंजेलिक कोएत्जी ने बताया कि फिलहाल इससे पीड़ित लोगों को केवल हल्की खांसी महसूस हो रही है और उनका घर पर ही इलाज हो रहा है। अस्पतालों में ओमिक्रॉन के रोगियों का बोझ नहीं बढ़ा है और वैक्सीनेटेड लोगों पर इसका खास प्रभाव नजर नहीं आ रहा।
जानकारी
भारत ने उठाए ऐहतियाती कदम
भारत में अभी तक ओमिक्रॉन का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन सरकार ने ऐहतियात बरतते हुए विदेशी यात्रियों के लिए नई गाइडलाइंस जारी है।
इसके तहत यूरोप के सभी देशों के अलावा दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, ब्रिटेन मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिम्बावे, सिंगापुर, इजरायल और हांगकांग से आने वाले यात्रियों के लिए पहुंचने पर कोरोना टेस्ट अनिवार्य किया गया है।
अगर इनकी टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव भी आती है, तब भी उन्हें सात दिन होम क्वारंटीन में रहना होगा।
कोरोना संकट
ओमिक्रॉन वेरिएंट को खतरनाक क्यों माना जा रहा?
दक्षिण अफ्रीका, हांगकांग और बोत्सवाना समेत कई देशों में मिल चुके ओमिक्रॉन वेरिएंट का वैज्ञानिक नाम B.1.1.529 है और इसकी स्पाइक प्रोटीन में 32 म्यूटेशन हैं।
विशेषज्ञों का कहना है यह वेरिएंट वायरस के अन्य वेरिएंटों की तुलना में अधिक संक्रामक और खतरनाक हो सकता है। इस वेरिएंट के अब तक 100 से अधिक मामले आ चुके हैं।
WHO ने इसे 'वेरिएंट ऑफ कंसर्न' करार दिया है और कई देश इस ऐलान के बाद यात्रा प्रतिबंध लागू कर चुके हैं।