
अमेरिका ने स्वीकार की काबुल एयरस्ट्राइक में आम लोगों के मरने की बात, मांगी माफी
क्या है खबर?
अमेरिका ने शुक्रवार को माना है कि पिछले महीने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में की गई एयरस्ट्राइक में बच्चों समेत 10 आम लोगों की मौत हुई थी।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड के प्रमुख जनरल फ्रैंक मेकैंजी ने कहा कि मारे गए लोगों में से कोई भी इस्लामिक स्टेट (IS) से जुड़ा हुआ नहीं था।
उन्होंने कहा, "यह एक गलती थी। मैं इसके लिए माफी मांगता हूं। कॉम्बैट कमांडर के तौर पर मैं इस स्ट्राइक और इसके नतीजे का जिम्मेदार हूं।"
पृष्ठभूमि
कब हुई थी स्ट्राइक?
अमेरिका ने 29 अगस्त को काबुल में एक एयरस्ट्राइक की थी। शुरुआत में अमेरिका की तरफ से दावा किया गया था कि उसने इस्लामिक स्टेट के आतंकियों को निशाना बनाया था, जो काबुल हवाई अड्डे पर हमला करने जा रहे थे।
आम लोगों को नुकसान पहुंचने की जानकारी देते हुए अमेरिका ने कहा था कि जिस वाहन पर एयरस्ट्राइक की गई थी, उसमें रखे विस्फोटक में धमाका होने से आम लोगों को नुकसान पहुंचा है।
जांच
विस्तृत समीक्षा के बाद अमेरिका ने मांगी माफी
शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए मेकैंजी ने कहा, "जांच और दूसरे इनपुट की विस्तृत समीक्षा के बाद यह पता चला है कि स्ट्राइक में सात बच्चों समेत 10 नागरिकों की मौत हो गई थी।"
उन्होंने मृतकों के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि स्ट्राइक इस भरोसे के साथ की गई थी कि यह काबुल हवाई अड्डे पर मंडरा रहे बड़े खतरे को टाल देगी, जहां से अमेरिकी बल लोगों को निकाल रहे थे।
बयान
अमेरिकी रक्षा मंत्री बोले- गलती से सबक लेंगे
अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हमले की जांच का ऐलान किया और कहा कि एयरस्ट्राइक की प्रक्रिया और तरीके बदलने पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि वो इस गलती से सबक लेंगे।
जानकारी
मीडिया ने कही थी एयरस्ट्राइक में नौ लोगों की मौत की बात
अमेरिका ने इस एयरस्ट्राइक के बाद जारी बयान में बताया था कि निशाना बनाए गए वाहन में मौजूद विस्फोटक में धमाका होने से आम लोगों को नुकसान पहुंचा है। वाहन में दूसरा धमाका होने का मतलब है कि उसमें भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ रखे हुए थे।
इस स्ट्राइक के अगले ही दिन अमेरिकी मीडिया ने बताया था कि हमले में एक परिवार के नौ लोगों की मौत हुई थी और मरने वालों में एक दो वर्षीय बच्ची भी थी।
निंदा
तालिबान ने की थी स्ट्राइक की निंदा
तालिबान ने इस एयरस्ट्राइक की निंदा करते हुए कहा था कि अमेरिका ने अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन किया है। उसके प्रवक्ता बिलाल करीमी ने कहा कि दूसरों की धरती पर ऐसे ऑपरेशन ठीक नहीं है और अमेरिका को पहले इसकी जानकारी देनी चाहिए थी।
करीमी ने कहा, "अमेरिका जब भी ऐसे अभियान चलाएगा, हम उसकी निंदा करेंगे।"
बता दें कि अमेरिकी सेना की वापसी के बाद अब तालिबान अफगानिस्तान में अपनी सरकार बना चुका है।