
काबुल एयरपोर्ट पर गोलीबारी, एक अफगान गार्ड की मौत
क्या है खबर?
काबुल एयरपोर्ट पर सोमवार को अज्ञात बंदूकधारियों, अफगान गार्ड्स और पश्चिमी देशों के सुरक्षा बलों में गोलीबारी हो गई जिसमें एक अफगान गार्ड की मौत हुई है, वहीं कई लोग घायल हुए हैं।
जर्मनी की सेना ने ट्वीट करते हुए ये जानकारी दी। ट्वीट के अनुसार, इस गोलीबारी में अमेरिका और जर्मनी के सैनिक शामिल रहे।
अभी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और एयरपोर्ट के सभी गेट बंद कर दिए गए हैं।
घटना
काबुल एयरपोर्ट के उत्तरी गेट पर हुई गोलीबारी
ये पूरी घटना काबुल एयरपोर्ट के उत्तरी गेट पर हुई।
जर्मन सेना ने ट्वीट करते हुए बताया, 'आज सुबह 4 बजकर 13 मिनट पर काबुल एयरपोर्ट के उत्तरी गेट पर अज्ञात हमलावरों और अफगान सुरक्षा गार्ड्स के बीच गोलीबारी हुई। एक अफगान गार्ड की मौत हो गई और तीन अन्य लोग घायल हो गए। इसके बाद जर्मन सेना और अमेरिकी सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई की।'
CNN ने एक स्नाइपर के अफगान गार्ड्स पर हमले की बात कही है।
स्थिति
काबुल एयरपोर्ट पर अभी भी अव्यवस्था बरकरार
बता दें कि काबुल एयरपोर्ट पर अभी भी अव्यवस्था फैली हुई है और सैकड़ों लोग देश से बाहर निकलने के लिए एयरपोर्ट के बाहर जमा हैं।
तालिबान के आतंकवादी गेट के बाहर व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं एयरपोर्ट के अंदर विदेशी सैनिक अफगान गार्ड्स के साथ मोर्चा संभाले हुए हैं।
तालिबान के काबुल पर कब्जा करने के बाद से अब तक कई लोगों की काबुल एयरपोर्ट पर मौत हो चुकी है।
बयान
काबुल से लोगों को बाहर निकालने को सबसे मुश्किल अभियान बता चुके हैं बाइडन
अभी भी अफगानिस्तान से अपने लोगों को निकालने में लगे अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने काबुल से लोगों को निकालने को इतिहास का सबसे मुश्किल अभियान बताया था और कहा था कि उन्हें नहीं पता इसका अंत कैसा होने वाला है।
हालांकि उन्होंने सभी अमेरिकियों को सुरक्षित निकालने का वादा किया था। उन्होंने कहा था कि अमेरिका के 6,000 सैनिकों ने काबुल एयरपोर्ट को सुरक्षित किया हुआ है जिससे सैन्य और नागरिक विमान उड़ान भर पा रहे हैं।
मांग
बढ़ाया नहीं जाएगा अमेरिकी सुरक्षा का दायरा
कई अमेरिकी सांसदों ने मांग की थी कि अमेरिका सैनिकों के सुरक्षा दायरे का विस्तार काबुल एयरपोर्ट के बाहर भी करना चाहिए ताकि ज्यादा लोग उड़ान के लिए एयरपोर्ट तक पहुंच सकें।
बाइडन ने इस मांग को खारिज करते हुए कहा कि ऐसा नहीं होगा और इसके अवांछित परिणाम हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने तालिबान को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका अपने सैनिकों पर हमला बर्दाश्त नहीं करेगा और तेज और बड़ी कार्रवाई करेगा।
मौजूदा स्थिति
अफगानिस्तान में अभी क्या स्थिति?
अमेरिकी सेना की वापसी के बाद तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है और अपनी सरकार बनाने की जुगत में लगा हुआ है। उसका प्रयास है कि वह एक ऐसी सरकार बना सके जो अफगानिस्तान के अधिकांश लोगों को स्वीकार हो और इस संबंध में आज उसके नुमांइदे देश के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई और वरिष्ठ नेता अब्दुल्ला अब्दुल्ला से मिले।
तालिबान ने साफ कर दिया है कि देश में लोकतंत्र नहीं होगा।