
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और सेना में करतारपुर कॉरिडोर के लिए पासपोर्ट की अनिवार्यता को लेकर मतभेद
क्या है खबर?
पाकिस्तान में असली राज किसका है, इसकी बानगी पेश करता एक और मामला सामने आया है। ये मामला करतारपुर कॉरिडोर से जुड़ा है।
दरअसल, कुछ दिन पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा था कि करतारपुर कॉरिडोर के जरिए पाकिस्तान आने वाले सिख तीर्थयात्रियों को बस एक वैध पहचान पत्र की जरूरत होगी।
अब पाकिस्तानी सेना ने इसके विपरीत बयान देते हुए कहा कि बिना पासपोर्ट भारतीय तीर्थयात्रियों को पाकिस्तान नहीं आने दिया जाएगा।
पृष्ठभूमि
इमरान खान ने 1 नवंबर को खत्म कर दी थी दो शर्तें
1 नवंबर को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने करतारपुर कॉरिडोर के जरिए पाकिस्तान आने वाले भारत के सिख तीर्थयात्रियों को दो शर्तों से मुक्ति देने का ऐलान किया था।
इसमें पासपोर्ट की जरूरत और तीर्थयात्रा पर आने से 10 दिन पहले रजिस्ट्रेशन शामिल थे।
इमरान की इस घोषणा के बाद से ही असली स्थिति को लेकर संशय बना हुआ था और भारत ने पाकिस्तान को पासपोर्ट को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा था।
बयान
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता बोले- सुरक्षा जरूरी, पासपोर्ट होना आवश्यक
अब पाकिस्तान की सेना ने कहा कि है पाकिस्तान में प्रवेश के लिए भारतीय तीर्थयात्रियों को पासपोर्ट की जरूरत होगी।
गुरूवार को 'हम न्यूज' से बात करते हुए पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आशिफ गफूर ने कहा, "चूंकि हम सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, प्रवेश कानूनी तौर पर एक परमिट के जरिए होगा जिसके लिए पासपोर्ट की आवश्यकता होगी। सुरक्षा और संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।"
जानकारी
पाकिस्तानी सेना को नहीं मामले पर फैसला लेने का अधिकार
गफूर का ये बयान इमरान खान के ऐलान के बिल्कुल विपरीत है। इसने पासपोर्ट की जरूरत को लेकर संशय बढ़ाया है या घटाया, ये कहना मुश्किल है क्योंकि मामले पर कोई भी घोषणा करने का अधिकार केवल पाकिस्तान की सरकार को है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस
भारतीय विदेश मंत्रालय ने किया साफ, पासपोर्ट की होगी जरूरत
पाकिस्तान में सरकार और सेना के इस विपरीत रुख के बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि करतारपुर कॉरिडोर का उपयोग करने वाले तीर्थयात्रियों को पासपोर्ट की जरूरत होगी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, "पाकिस्तान से आ रही रिपोर्ट्स विरोधाभासी हैं। कभी वो कहते हैं कि पासपोर्ट की जरूरत है, कभी कहते हैं कि इसकी जरूरत नहीं। हमें लगता है कि उनके विदेश मंत्रालय और बाकी एजेंसियों में मतभेद हैं।"
करतारपुर समझौता
रवीश ने कहा- दोनों देशों के बीच समझौता, कोई देश नहीं ले सकता एकतरफा फैसला
पासपोर्ट पर स्थिति साफ करते हुए रवीश ने कहा, "हमारे बीच एक MoU है। इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है और इसके अनुसार पासपोर्ट की जरूरत है।"
उन्होंने कहा, "हमें पता है कि भारत और पाकिस्तान ने एक द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं जिसमें साफ बताया गया है कि तीर्थयात्रियों को कौन से दस्तावेज ले जाने की जरूरत है। इस MoU में कोई भी एकतरफा नहीं किया जा सकता, इसके लिए दोनों पक्षों की सहमति जरूरी है।"
करतारपुर कॉरिडोर
क्या है करतारपुर कॉरिडोर?
करतारपुर कॉरिडोर का निर्माण पाकिस्तान के नरोवाल स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारे को भारत के गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे से जोड़ने के लिए किया गया है।
करतारपुर में सिखों के पहले धर्मगुरू गुरू नानक देव का निवास स्थान था और यहीं उनकी मौत हुई थी। ये सिख समुदाय के सबसे पवित्र स्थानों में से एक हैं।
भारत और पाकिस्तान दोनों देशों की सरकारें ने मिलकर इसका निर्माण किया है। पिछले काफी समय से इसकी मांग हो रही थी।
जानकारी
मनमोहन सिंह के नेतृत्व में जाएगा पहला जत्था
करतारपुर कॉरिडोर का 9 नवंबर को उद्घाटन किया जाएगा और इस दिन भारत की तरफ से 575 सदस्यीय जत्था सीमा पार कर करतारपुर जाएगा। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और हमसिमरत कौर बादल शामिल होंगे।