
अमेरिका: सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण पूरे देश में सभी उड़ानें रद्द
क्या है खबर?
अमेरिका में सिस्टम में तकनीकी खराबी आने की वजह से 3,700 उड़ानें प्रभावित हुई हैं।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में नोटिस टू एयर मिशन (NOTAM) सिस्टम में तकनीकी खराबी का व्यापक असर देखने को मिला, जिसकी वजह से सभी उड़ानों को रद्द किया गया है।
फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने भी अपने बयान में कहा कि बुधवार सुबह उड़ानों को संचालित करने वाले सिस्टम NOTAM में खराबी आने के चलते सभी उड़ानें रद्द की गई हैं।
जानकारी
सुबह करीब 5:31 बजे आई खामी
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटअवेयर के मुताबिक, सुबह करीब 5:31 बजे सिस्टम में यह तकनीकी खामी आई और अमेरिका के भीतर और बाहर इससे करीब 3,700 उड़ानें प्रभावित और 550 उड़ानें रद्द हुईं।
FAA ने अपने बयान में कहा, ''हम चीजों को वेरिफाई करते हुए अब सिस्टम को फिर से खोल रहे हैं। नेशनल फ्लाई जोन सिस्टम में ऑपरेशंस प्रभावित हुए हैं। इन खामियों को तेजी से दूर किया जा रहा है। हम आपको लगातार अपडेट करते रहेंगे।"
बयान
पूरे अमेरिका में हवाई यात्री परेशान
अमेरिका के वाशिंगटन और टेक्सास से लेकर पेंसिल्वेनिया के हवाई अड्डों पर यात्री परेशान हैं और उड़ानों में देरी पर वह लगातार सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमानन विशेषज्ञ परवेज दमानिया ने बताया कि उन्हें याद नहीं कि 9/11 हमले के बाद अमेरिका में हवाई सेवाओं को लेकर ऐसी स्थिति कब देखी गई थी। उन्होंने इस तकनीकी खामी पर हैरानी व्यक्त की।
रिपोर्ट
व्हाइट हाउस ने साइबर हमले से किया इनकार
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति जो बाइडन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं, वहीं व्हाइट हाउस ने साइबर हमले के कारण तकनीकी खामी आने का कोई सबूत मिलने से इनकार किया है।
अमेरिका में आज करीब 21,000 विमानों को उड़ान भरनी थी और उड़ानों को संचालित करने वाले सिस्टम में अचानक तकनीकी खामी को साइबर हमले से जोड़कर भी देखा जा रहा था।
जानकारी
क्या होता है NOTAM?
FAA के मुताबिक, NOTAM उड़ानों के संचालन का सबसे अहम हिस्सा होता है। इसके जरिए ही विमानों की टेकऑफ या लैंडिंग की जानकारी मिलती है।
NOTAM रियल टाइम डाटा लेकर एयरपोर्ट ऑपरेशन्स या एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को देता है। इसके बाद ATC इस जानकारी को पायलटों तक पहुंचाता है।
इसके जरिये ही पायलटों को मौसम, दिशा और एयर ट्रैफिक की जानकारियां उपलब्ध हो पाती हैं।
इस सिस्टम में खराबी आने के बाद उड़ानों का संचालन करना मुश्किल होता है।