
कोरोना वायरस: घरेलू सीजन छोटा करेगी BCCI, केवल रणजी ट्रॉफी का होगा आयोजन!
क्या है खबर?
कोरोना वायरस के कारण सभी देश क्रिकेट के आयोजन के लिए काफी परेशानियों का सामना कर रही हैं।
हालांकि, इंटरनेशनल क्रिकेट की वापसी हो चुकी है और इंग्लैंड में लगातार क्रिकेट खेले जाने का शेड्यूल तैयार है।
भारत में अब तक क्रिकेट की वापसी नहीं हो सकी है और आने वाले घरेलू सीजन के लिए बड़ी कटौती होने वाली है।
इस साल केवल रणजी ट्रॉफी और अंडर-19 वीनू मांकड़ ट्रॉफी ही खेली जाएगी।
जानकारी
इस साल रद्द होंगे ये टूर्नामेंट
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) इस साल दलीप ट्रॉफी, देवधर ट्रॉ़फी, विजय हजारे ट्रॉफी और सीके नायडू अंडर-23 टूर्नामेंट का आयोजन नहीं करेगी और सैय्यद मुश्ताक अली टी-20 के लिए भविष्य में योजना बनाई जाएगी।
रणजी का फॉर्मेट
शुरुआती फॉर्मेट के हिसाब से खेली जा सकती है रणजी ट्रॉफी
इस साल रणजी ट्रॉफी अपने शुरुआती फॉर्मेट के हिसाब से खेली जा सकती है जिसमें टीमों को भौगोलिक स्थिति के हिसाब से पांच जोन में बांटा जाएगा।
शुरुआती मैचों को जोन के भीतर ही खेला जाएगा जिसमें विजेता खोजा जाएगा और फिर सभी जोन के विजेता नॉकआउट टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे।
फिलहाल BCCI इस प्लान के लिए हर हिसाब से सोच रही है और वे अपना प्लान बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
रणजी का महत्व
IPL के बाद रणजी घरेलू खिलाड़ियों की कमाई का सबसे बड़ा जरिया
घरेलू खिलाड़ियों के लिए रणजी ट्रॉफी कमाई का सबसे बड़ा जरिया है क्योंकि 38 टीमें 500 से ज़्यादा खिलाड़ियों की कमाई का जरिया बनती हैं।
रणजी के एक मैच में खिलाड़ी को 1,40,000 की मैचफीस मिलती है और जो खिलाड़ी खेल नहीं रहे होते हैं उन्हें 70,000 रूपये मिलते हैं।
इसके अलावा खिलाड़ियों को 1,000 रूपये का भत्ता भी मिलता है। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के बाद रणजी कमाई का सबसे बड़ा जरिया है।
अंडर-19
अंडर-19 टूर्नामेंट बोर्ड के लिए काफी महत्वपूर्ण
फिलहाल BCCI रणजी के अलावा अंडर-19 टूर्नामेंट के आयोजन के लिए ही ज़्यादा प्रयासरत दिख रही है।
करीबी सूत्रों का कहना है कि कोरोना के इस दौर में खिलाड़ियों को उनकी उचित कमाई मिलती रहनी चाहिए।
इसके अंडर-19 टूर्नामेंट के आयोजन का कारण यह है कि युवा खिलाड़ियों से एक बेहतरीन मौका छूट जाएगा और ऐज-ग्रुप होने के कारण इस बैच के खिलाड़ी अगले साल इसमें हिस्सा नहीं ले सकेंगे।