
जानिए आखिर क्यों IPL का रद्द होना विश्व क्रिकेट के लिए बहुत बड़ा घाटा होगा
क्या है खबर?
कोरोना वायरस के लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच क्रिकेट पर पूरी तरह से रोक लगी है और इसकी वापसी कब तक होगी किसी को नहीं पता है।
इस महामारी के कारण इस साल अब तक इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का भी आयोजन नहीं हो सका है।
IPL के पूर्व चीफऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) सुंदर रमन के मुताबिक IPL 2020 का रद्द होना विश्व क्रिकेट के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है।
आइए जानें कैसे।
रेवेन्यू
विश्व क्रिकेट के रेवेन्यू का 40 प्रतिशत अकेले IPL से आता है- सुंदर
क्रिकेट बोर्ड्स फिलहाल आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं और रमन इस पर करीबी निगाह बनाए हुए हैं।
उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ बातचीत के दौरान कई ऐसे आंकड़े पेश किए जिससे पता चलता है कि IPL वाकई में कितना जरूरी है।
सुंदर ने यह भी बताया कि IPL जितना रेवेन्यू हासिल करता है वह विश्व क्रिकेट की रेवेन्यू का 40 प्रतिशत होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक नजरिए से IPL को टी-20 विश्वकप पर वरीयता मिलनी चाहिए।
जानकारी
IPL फ्रेंचाइजियों की प्लेयर्स सैलरी 3-4 ICC बोर्ड मेंबर्स के ब्रॉडकास्ट रेवेन्यू के बराबर
उन्होंने आगे बताया कि IPL की एक फ्रेंचाइजी अकेले खिलाड़ियों को सैलरी के रूप में 85 करोड़ रूपये तक देती है। यदि आठों टीमों की सैलरी मिला लें तो यह कम से कम ICC के 3-4 बोर्ड मेंबर्स की ब्रॉडकास्ट रेवेन्यू के बराबर होगी।
प्लान
सुंदर ने बनाए क्रिकेट की वापसी के लिए दो प्लान
सुंदर ने इस दौरान क्रिकेट की वापसी के लिए दो प्लान भी बताए हैं जिसमें पहला यह है कि जुलाई में टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ क्रिकेट की वापसी हो सकती है और जनवरी 2021 से फैंस मैदान में भी आ सकते हैं।
उनके दूसरे प्लान के मुताबिक दिसंबर 2020 में खेल की वापसी टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हो जाए और अप्रैल 2021 से फैंस मैदान में आ पाएं।
ग्लोबल क्रिकेट इकॉनमी
ग्लोबल क्रिकेट इकॉनमी का दो तिहाई भारत से आता है- सुंदर
ग्लोबल क्रिकेट इकॉनमी लगभग 1.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर है जिसका दो तिहाई अकेले भारत से आता है।
सुंदर के अनुसार भारत में खेलने या फिर भारत के खिलाफ खेलने से ही ज़्यादा रेवेन्यू हासिल किया जा सकता है, लेकिन भारत केवल अपनी 45 प्रतिशत क्षमता को ही पहचानता है।
सुंदर ने कहा, "भारत की रेवेन्यू कंट्रीब्यूशन का यह संभावित मौका जो उन्हें ज्ञात नहीं है, अकेले 2019-2022 के बीच 1.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर की है।"
तुलना
2019 विश्वकप से 30 प्रतिशत ज़्यादा था IPL 2019 का रेवेन्यू
2019 में क्रिकेट की कुल रेवेन्यू का एक तिहाई हिस्सा अकेले IPL से आया था।
IPL हर साल अपनी ब्रॉडकास्ट राइट्स से होने वाली कमाई का 24 प्रतिशत खिलाड़ियों की सैलरी के रूप में खर्च करती है।
2019 में क्रिकेट विश्वकप होने के बावजूद IPL ने विश्वकप से 30 प्रतिशत ज़्यादा रेवेन्यू हासिल किया था।
इसमें स्टेडियम टिकटों को नहीं जोड़ा गया है क्योंकि वह विश्वकप को होस्ट करने वाला देश रखता है।
IPL 2020
IPL आयोजित करके मिल सकता है इकॉनमी सुधारने का समय
IPL 2020 की रेवेन्यू को इस साल होने वाले टी-20 विश्वकप से 70 प्रतिशत ज़्यादा माना जा रहा था।
सुंदर ने कहा, "यदि दोनों इवेंट रद्द होते हैं तो इसका क्रिकेट इकॉनमी पर गहरा असर पड़ेगा। हालांकि, ICC इवेंट को आगे बढ़ाया जा सकता है क्योंकि इसका कॉन्ट्रैक्ट 2023 तक चलेगा।"
उन्होंने कहा कि IPL या फिर द्विपक्षीय सीरीज़ का आयोजन नहीं करने से काफी ज़्यादा घाटा होगा। IPL आयोजित करके इकॉनमी सुधारने के लिए काम किया जा सकता है।
ब्रॉडकास्ट आडियंस
भारत में सबसे ज़्यादा है क्रिकेट के दर्शक
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2019 विश्वकप के फाइनल को टीवी पर इंग्लैंड में 1.54 करोड़ तो वहीं भारत में 18.3 करोड़ लोगों ने देखा था।
इसके अलावा 2019 विश्वकप के 70.6 करोड़ ब्रॉडकास्ट आडियंस में से 50.9 करोड़ तो अकेले भारत से ही थे।
यह बात किसी से छिपी नहीं है कि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के अलावा लगभग हर क्रिकेट बोर्ड ब्रॉडकास्टर्स को लुभाने के लिए भारत के साथ सीरीज़ खेलने की कोशिश करता है।