
नई शराब नीति: CBI ने किन आरोपों को लेकर मनीष सिसोदिया पर छापा मारा है?
क्या है खबर?
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने आज नई शराब नीति से संबंधित एक मामले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर छापा मारा।
CBI ने शराब नीति के निर्माण और इसे लागू करने में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार के लिए सिसोदिया के खिलाफ FIR दर्ज की है।
FIR में सिसोदिया पर क्या-क्या आरोप लगाए गए हैं और CBI किन-किन चीजों के लिए उनकी जांच कर रही है, आइए विस्तार से जानते हैं।
पृष्ठभूमि
सबसे पहले जानें क्या थी दिल्ली सरकार की नई शराब नीति
अपना राजस्व बढ़ाने और शराब माफिया और नकली शराब पर अंकुश लगाने के लिए दिल्ली सरकार पिछले साल नई शराब नीति लेकर आई थी।
इसके जरिए सरकार ने अपनी सभी ठेके बंद कर दिए थे और शहर में केवल शराब के निजी ठेके और दुकानें रह गई थीं। इन दुकानों के लिए दोबारा से नए लाइसेंस जारी किए गए थे।
इसके अलावा सरकार ने उन्हें डिस्काउंट पर शराब बेचने की अनुमति भी दी थी।
भ्रष्टाचार
भ्रष्टाचार के आरोपों की शुरूआत कैसे हुई?
दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार को मई में आबकारी विभाग से नई शराब नीति में बदलाव के लिए एक प्रस्ताव मिला था।
इसके विश्लेषण के दौरान कुमार को नई शराब नीति में कुछ प्रक्रियात्मक खामियां और अनियमितताएं मिलीं, जिसके बाद उन्होंने 8 जुलाई को आबकारी मंत्री सिसोदिया, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को रिपोर्ट भेजी।
इस रिपोर्ट के बाद उपराज्यपाल ने मामले की CBI जांच की सिफारिश की और भ्रष्टाचार के लिए सिसोदिया को जिम्मेदार ठहराया।
आरोप
CBI किन आरोपों की जांच कर रही?
सिसोदिया पर कमीशन लेकर शराब की दुकानों का लाइसेंस लेने वालों को अनुचित फायदा पहुंचाने का आरोप है।
दरअसल, कोविड महामारी का हवाला देकर शराब कंपनियों की 144.36 करोड़ रुपये की निविदा लाइसेंस फीस माफ की गई थी।
आरोप है कि यह फैसला लेते वक्त सिसोदिया ने कैबिनेट को लूप में नहीं रखा और न ही उपराज्यपाल से इसकी अनुमति है।
उपराज्यपाल का आरोप है कि ऐसा तभी संभव है जब सिसोदिया को रिश्वत और कमीशन दिया गया हो।
अन्य आरोप
सिसोदिया पर अन्य क्या-क्या आरोप हैं?
सिसोदिया पर एयरपोर्ट पर शराब बेचने का लाइसेंस प्राप्त करने वाले लाइसेंसधारकों को 30 करोड़ रुपये रिफंड करने का भी आरोप है क्योंकि वो एयरपोर्ट प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं हासिल कर पाए। दावा है कि ये फैसला रिफंड करने की बजाय जब्त किया जाना चाहिए था।
इसके अलावा बिना अनुमति के विदेशी बीयर पर 50 रुपये प्रति बॉक्स का आयात शुल्क भी हटा दिया गया जिससे विदेशी बीयर सस्ती हो गईं और राजकोष को नुकसान हुआ।
प्रतिक्रिया
सिसोदिया और केजरीवाल का आरोपों पर क्या कहना है?
सिसोदिया ने आरोपों को खारिज करते हुए छापे को बदले की राजनीति से प्रेरित कदम बताया है। उन्होंने कहा, 'हम कट्टर ईमानदार हैं। लाखों बच्चों का भविष्य बना रहे हैं। बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे देश में जो अच्छा काम करता है, उसे इसी तरह परेशान किया जाता है।'
वहीं अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सिसोदिया आजाद भारत के सबसे अच्छे शिक्षा मंत्री हैं और जांच में उनके खिलाफ कुछ नहीं निकलेगा।