
ऑक्सीजन ऑडिट: दिल्ली द्वारा मांग को चार गुना बताने की बात नहीं कह सकते- AIIMS निदेशक
क्या है खबर?
दिल्ली में महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की जरूरत को लेकर केंद्र और केजरीवाल सरकार आमने-सामने हैं।
केंद्र ने AIIMS निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया के नेतृत्व वाले एक सब-पैनल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि दिल्ली सरकार ने ऑक्सीजन की मांग चार गुना बढ़ा-चढ़ाकर पेश की थी।
अब इस पर डॉ गुलेरिया ने सफाई देते हुए कहा है कि यह केवल अंतरिम रिपोर्ट है और अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है।
बयान
"मांग को चार गुना बढ़ाकर पेश करने की बात नहीं कह सकते"
NDTV से बात करते हुए डॉ गुलेरिया ने कहा, "यह दिल्ली में ऑक्सीजन ऑडिट की अंतरिम रिपोर्ट है। मुझे नहीं लगता कि हम मांग को चार गुना बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की बात कह सकते हैं। अभी यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है। हमें इंतजार कर यह देखना चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट इस पर क्या कहता है।"
सब पैनल की यह रिपोर्ट केंद्र सरकार ने ऑक्सीजन ऑडिट पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य पैनल को सौंपी है।
ऑक्सीजन ऑडिट
ऑडिट में क्या सामने आया?
सब-पैनल के अनुसार, दिल्ली सरकार ने 183 अस्पतालों में 1,140 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) की मांग होने का दावा किया, वहीं अस्पतालों द्वारा दी गई सूचना के हिसाब से वास्तविक खपत मात्र 209 मीट्रिक टन थी।
रिपोर्ट में कहा गया कि 1,140 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत का दिल्ली सरकार का दावा प्रति बेड फॉर्मूला के हिसाब से उसकी खपत से चार गुना अधिक था। बता दें कि केंद्र सरकार की तरफ से यह पैनल बनाया गया था।
जानकारी
सब-पैनल में शामिल थे ये सदस्य
केंद्र के सब-पैनल में डॉ गुलेरिया के अलावा दिल्ली के मुख्य गृह सचिव भूपिंदर एस भल्ला, मैक्स अस्पताल के डॉ संदीप बुद्धीराजा, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के सुबोध यादव और विस्फोटक नियंत्रक संजय के सिंह शामिल थे।
ऑडिट के दौरान पेट्रोलियम और ऑक्सीजन सुरक्षा संगठन (PESO) ने पैनल को बताया, "दिल्ली के पास अतिरिक्त ऑक्सीजन थी जिससे बाकी राज्यों की सप्लाई पर असर पड़ा और अगर दिल्ली को ये सप्लाई जारी रही तो इससे राष्ट्रीय संकट पैदा हो सकता है।"
राजनीति
भाजपा नेताओं ने साधा था केजरीवाल पर निशाना
भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने मामले में दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया है, "अरविंद केजरीवाल अगर आपमें थोड़ी सी भी शर्म बची है तो अभी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करो और दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की मांग को चार गुना करने के लिए देश से माफी मांगो।"
वहीं भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्वीट करते हुए कहा, "आखिरकार सच सामने आ गया... इसने 12 राज्यों को प्रभावित किया। तो दोस्तों केजरीवाल झूठ बोल रहे थे।"
प्रतिक्रिया
दिल्ली सरकार ने कहा- केंद्र का है पैनल
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा है कि ऐसी कोई रिपोर्ट है ही नहीं और भाजपा झूठ बोल रही है।
उन्होंने कहा कि ये रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट पैनल की नहीं है, बल्कि एक सब-पैनल की है जो केंद्र सरकार का है। सिसोदिया ने कहा कि इस सब-पैनल ने ये रिपोर्ट मुख्य पैनल को भेजी है जिसने अभी तक इसे मंजूरी नहीं दी है।
उन्होंने भाजपा को रिपोर्ट पेश करने की चुनौती दी थी।
कोरोना संकट
दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई थीं कई मौतें
अप्रैल-मई में देश में आई कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर (दिल्ली में चौथी) के दौरान दिल्ली में हालात बहुत खराब हो गए थे।
राजधानी में दैनिक मामले 28,000 तक पहुंच गए थे और अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन सबकी किल्लत हो गई थी।
ऑक्सीजन की किल्लत के कारण शहर के कई अस्पतालों में मरीजों की मौत भी हुई थी। केंद्र सरकार के अधिक ऑक्सीजन देने से इनकार करने के बाद दिल्ली सरकार मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी।