
बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला: आखिरकार मंत्री पद से बर्खास्त किए गए पार्थ चटर्जी
क्या है खबर?
शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किए गए पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी को आखिरकार उनके पद से बर्खास्त कर दिया गया है। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज उन्हें पद से हटाने का आदेश जारी किया।
करोड़ों रुपये के इस घोटाले में चटर्जी को 23 जून को गिरफ्तार किया गया था और इसके बाद से ही उन्हें पद से बर्खास्त किए जाने की मांग हो रही थी।
वह वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय का पदभार संभाल रहे थे।
आरोप
चटर्जी पर क्या आरोप हैं?
चटर्जी पर शिक्षा मंत्री के अपने कार्यकाल के दौरान रिश्वत लेकर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और अन्य स्टाफ की अवैध नियुक्ति करने का आरोप है। उन पर रिश्वत लेकर ट्रांसफर करने और कॉलेजों को मान्यता दिलाने का आरोप भी है।
इस संबंध में कोलकाता हाई कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई थीं, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मामले में जांच के आदेश दिए थे।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत मामले की जांच कर रहा है।
छापा
चटर्जी की सहयोगी के घरों से बरामद हुआ 50 करोड़ रुपये कैश
मामले में कार्रवाई करते हुए ED ने शुक्रवार को पार्थ चटर्जी की सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के आवास पर छापा मारा था। इस छापे में अर्पिता के घर से 21 करोड़ कैश बरामद किया था। अगले दिन शनिवार को चटर्जी और अर्पिता दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
कल एक बार फिर से ED ने मुखर्जी के अन्य दो फ्लैट पर छापा मारा और इस छापेमारी में 29 करोड़ रुपये कैश और पांच किलो सोना बरामद हुआ।
आरोप
पैसे छिपाने के लिए अर्पिता के अपार्टमेंट्स का इस्तेमाल करते थे चटर्जी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पूछताछ के दौरान अर्पिता ने ED अधिकारियों को बताया कि घोटाले से आए पैसों को छिपाने के लिए चटर्जी उसके अपार्टमेंट्स का इस्तेमाल करते थे और ये उनके लिए "मिनी बैंक" जैसा था।
भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने छापेमारी के दौरान एक डायरी मिलने का दावा भी किया है जिसमें 40 पेज के नोट हैं। उन्होंने कहा कि ये काली डायरी काली करतूतों को सामने लाने में मदद करेगी।
पार्टी का रूख
तृणमूल कांग्रेस का मामले पर क्या कहना है?
चटर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) पहले मामले को लेकर असमंजस में थी, लेकिन अब उसका रुख स्पष्ट हो गया है।
पहले दोषी पाए जाने तक चटर्जी को मंत्री पद से न हटाने की बात कहने वाले TMC प्रवक्ता कुनाल घोष ने कल कहा कि उन्होंने पार्टी को शर्मिंदा किया है।
ममता बनर्जी भी कह चुकी हैं कि दोषी पाए जाने पर चटर्जी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि उन्होंने मीडिया ट्रायल को गलत बताया है।
अर्पिता मुखर्जी
न्यूजबाइट्स प्लस
अर्पिता मुखर्जी पार्थ चटर्जी की 'करीबी सहयोगी' हैं। पेशे से अभिनेत्री मुखर्जी ने कुछ बंगाली और उड़िया फिल्मों में काम किया है।
उन्होंने 2008 में आई फिल्म 'पार्टनर' में बंगाली सुपरस्टार जीत और 2009 में आई 'मामा बागने' में प्रसनजीत चटर्जी के साथ काम किया था।
वो पार्थ चटर्जी की दुर्गा पूजा समिति 'नाकटला उदयन' के प्रचार अभियान का चेहरा भी रह चुकी हैं। यह कोलकाता की सबसे बड़ी दुर्गा पूजा समितियों में से एक है।