
हरियाणा: केंद्रीय अधिकारी ने बताया OPS लागू किया तो 2030 तक दिवालिया हो जाएगा देश- खट्टर
क्या है खबर?
पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर देशभर में चल रही चर्चा के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का कहना है कि इससे देश दिवालिया हो जाएगा।
उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "एक केंद्रीय अधिकारी ने उन्हें व्हाट्सऐप पर लिखा था कि अगर OPS लागू की जाती है तो 2030 तक देश दिवालिया हो जाएगा। ये बिना संसद के कोई लागू नहीं कर सकता, बल्कि राजस्थान ने भी इसे वापस ले लिया। यह राजनीतिक घोषणा है।"
बयान
मनमोहन सिंह को बताया बढ़िया अर्थशास्त्री
खट्टर कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा, "मैं कहता हूं कि आपको 2006 का मनमोहन सिंह का बयान सुनना चाहिए। वह प्रधानमंत्री कैसे भी रहे हों, लेकिन अर्थशास्त्री अच्छे थे। उनका कहना था कि आगे कर्मचारी बढ़ेंगे तो वेतन और पेंशन बढ़ेगी और सारे काम रूक जाएंगे।"
बता दें, पुरानी पेंशन को लेकर कांग्रेस भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश में OPS लागू भी कर दिया है।
पृष्ठभूमि
क्या है पुरानी पेंशन योजना?
पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारी को आखिरी निकाले गए वेतन के 50 प्रतिशत के बराबर पेंशन मिलती थी। इसकी पूरी राशि का भुगतान सरकार करती थी। इसमें हर छह महीने पर मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) भी लागू होता था।
2004 में तत्कालीन NDA सरकार ने सेना को छोड़ बाकी सभी विभागों के लिए इस योजना को खत्म कर दिया था। अभी NPS लागू है, जिसमें कर्मचारी को अपनी सैलरी का 10 प्रतिशत हिस्सा देना होता है।
पृष्ठभूमि
क्यों हो रही है पुरानी पेंशन पर चर्चा?
नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने हिमाचल में उसकी सरकार बनने पर OPS को बहाल करने की गारंटी दी थी। उसकी जीत में इस वादे का अहम योगदान रहा था और यही कारण है कि पार्टी अन्य राज्यों में भी ऐसा वादा करने की योजना बना रही है, जिससे यह मुद्दा चर्चा में आ गया है।
कांग्रेस राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और कर्नाटक आदि उन राज्यों में भी OPS को बहाल करने का वादा कर सकती है।
अर्थशास्त्र
पुरानी पेंशन योजना पर अर्थशास्त्रियों के क्या विचार?
अर्थशास्त्री इसे एक खराब राजकोषीय नीति के रूप में देखते हैं और उनका मानना है कि पुरानी पेंशन योजना को लागू करने से वित्तीय सकंट खड़ा होगा।
उनके अनुसार, 2004 तक चलने वाली पुरानी पेंशन योजना के केंद्र में एक बड़ी असमानता थी, जिसमें काम करने वाली पीढ़ी के अंशदान का पेंशनभोगियों को भुगतान किया जा रहा था।
SBI समूह के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष का कहना है कि आर्थिक रूप से पुरानी पेंशन योजना विनाशकारी है।