
कर्नाटक: कांग्रेस-JD(S) सरकार गिराने में मदद के लिए येदियुरप्पा ने दिए 1,000 करोड़ रुपये- पूर्व विधायक
क्या है खबर?
जुलाई में कांग्रेस-JD(S) सरकार से समर्थन वापस लेने के लिए अयोग्य घोषित हुए विधायकों में शामिल रहे एक पूर्व विधायक ने ऐसा दावा किया है जो फिर से कर्नाटक की राजनीति में भूचाल पैदा कर सकता है।
नारायण गौड़ा ने दावा किया है कि कांग्रेस-JD(S) सरकार से समर्थन वापस लेने के लिए बीएस येदियुरप्पा ने उन्हें 1,000 करोड़ रुपये दिए थे।
गौड़ा के अनुसार, इस्तीफा देने के लिए येदियुरप्पा ने उन्हें उनकी मांग से अधिक रकम दी थी।
दावा
गौड़ा का दावा, कुमारास्वामी की सरकार गिरने से पहले किया था येदियुरप्पा ने संपर्क
इस्तीफे से पहले JD(S) के विधायक रहे नारायण गौड़ा ने मंगलवार को ये दावा किया।
उन्होंने कहा कि एचडी कुमारास्वामी की सरकार गिरने से पहले येदियुरप्पा ने उनसे संपर्क किया, जिसके बाद वह येदियुरप्पा के घर गए।
उन्होंने बताया, "जब हम उनके घर में दाखिल हुए, येदियुरप्पा पूजा कर रहे थे। मेरे घुसने के बाद उन्होंने मुझसे बैठने को कहा। उन्होंने मुझसे उनकी मदद करने को कहा ताकि वह फिर से मुख्यमंत्री बन सके।"
बयान
गौड़ा ने मांगे 700 करोड़, येदियुरप्पा ने दिए 1,000 करोड़ रुपये
गौड़ा ने दावा किया कि मदद के बदले में उन्होंंने येदियुरप्पा से उनके निर्वाचन क्षेत्र कृष्णाराजपेट के विकास के लिए 700 करोड़ रुपये मांगे।
उन्होंने बताया, "येदियुरप्पा ने कहा कि वह इससे 300 करोड़ रुपये अधिक 1,000 करोड़ रुपये देंगे। बाद में उन्होंने ये रकम मुझे प्रदान भी की।"
गौ़ड़ा ने ये भी दावा किया कि मांड्या से JD(S) विधायक रहे एक अन्य नेता ने भी अपने क्षेत्र के विकास के लिए पैसे मिलने के बाद येदियुरप्पा की मदद की।
राजनीति
कर्नाटक की राजनीति में विवाद खड़ा कर सकता है दावा
गौड़ा के दावे के बाद कर्नाटक की राजनीति में फिर से बड़ा विवाद खड़ा होने के पूरे आसार हैं।
खासकर ये देखते हुए कि हाल ही में एक वीडियो क्लिप सामने आई थी जिसमें येदियुरप्पा कह रहे हैं कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बागी विधायकों के मुंबई में ठहरने का इंतजाम किया था।
इसे लेकर कांग्रेस और JD(S) हमलावर है, वहीं भाजपा का कहना है कि येदियुरप्पा की बात को संदर्भ से बाहर पेश किया जा रहा है।
पृष्ठभूमि
क्या हुआ था कर्नाटक में?
जुलाई में कर्नाटक की तत्कालीन कांग्रेस-JD(S) सरकार के 17 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था।
इसे लेकर हफ्तों सियासी नाटक चला जिसका अंत कांग्रेस-JD(S) के गिरने के साथ हुआ।
इसके बाद भाजपा के येदियुरप्पा ने सरकार बनाने का दावा किया और 26 जुलाई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
29 जुलाई को वह विधानसभा में ध्वनि मत से बहुमत साबित करने में भी कामयाब रहे।हालांकि उन्होंने कैबिनेट का गठन 25 दिन बाद किया।
जानकारी
रद्द की गई 17 बागी विधायकों की सदस्यता
वहीं इस्तीफा देने वाले कांग्रेस-JD(S) के 17 बागी विधायकों की तत्कालीन विधानसभा स्पीकर रहे केआर रमेश ने सदस्यता रद्द कर दी थी। बागी विधायकों ने स्पीकर के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी और इस पर अभी भी सुनवाई चल रही है।