
त्वचा संबंधी समस्याओं से राहत दिला सकते हैं ये योगासन, जानिए अभ्यास का तरीका
क्या है खबर?
गलत खान-पान, धूल-मिट्टी और प्रदूषण आदि कारणों से त्वचा से जुड़ी समस्याएं आम होती जा रही हैं।
कई लोग इनसे राहत पाने के लिए तरह-तरह के स्किन केयर प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन कई बार इनसे फायदा की जगह नुकसान हो जाता है।
इन प्रोडक्ट्स के विकल्प के तौर पर आप कुछ योगासनों को अपने दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं।
आइए ऐसे ही कुछ योगासनों के बारे में जानते हैं जो त्वचा के स्वास्थ्य लिए लाभदायक हैं।
उष्ट्रासन
कील-मुंहासों की समस्या से बचा सकता है उष्ट्रासन
उष्ट्रासन के अभ्यास के लिए सबसे पहले योगा मैट पर वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं।
अब घुटनों के बल खड़े हो जाएं और सामान्य रूप से सांस लेते हुए धीरे-धीरे पीछे की ओर झुकें।
इसके बाद अपनी दायीं हथेली को दायीं एड़ी पर और बायीं हथेली को बायीं एड़ी पर रखने की कोशिश करें।
इस मुद्रा में कम से कम एक-दो मिनट रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं।
हलासन
त्वचा पर निखार लाने में सहायक है हलासन
इसके लिए सबसे पहले योगा मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
अब सांस लेते हुए पैरों को 90 डिग्री तक ऊपर उठाएं और फिर सांस छोड़ते हुए टांगों को धीरे-धीरे सिर के ऊपर से पीछे की ओर ले जाएं।
इस दौरान अपने हाथों को कमर से हटाकर जमीन पर सीधा ही रखें।
अंत में सांस लेते हुए धीरे-धीरे वापस प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं और कुछ सेकंड विश्राम के बाद एक बार फिर इस आसन को करें।
पवनमुक्तासन
त्वचा के दाग-धब्बों से राहत दिलाने में सहायक है पवनमुक्तासन
सबसे पहले योगा मैट पर पीठ के बल लेट जाएं और अपने दोनों पैरों को घुटनों से मोड़ते हुए धीरे-धीरे छाती के पास ले आएं।
अब अपने दोनों हाथों को घुटनों पर रखते हुए उंगलियों को आपस में कस लें। इसके बाद सिर और कंधों को जमीन से उठाते हुए नाक को दोनों घुटनों को बीच लगाने का प्रयास करें।
कुछ सेकंड के लिए इसी मुद्रा में बने रहने की कोशिश करें और फिर धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं।
उत्तानासन
त्वचा की सूजन को कम करने में मदद कर सकता है उत्तानासन
उत्तानासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं।
इसके बाद सांस छोड़ते हुए और कूल्हों की तरफ से मुड़ते हुए नीचे झुकें। ध्यान रहें कि इस दौरान आपके घुटने बिल्कुल सीधे और पैर एक−दूसरे के समानांतर होने चाहिए।
इसके बाद अपने हाथों से अपने पंजों को छूने की कोशिश करें।
कुछ देर इसी मुद्रा में बने रहने के बाद धीरे−धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।