
हस्त उत्तानासन: जानिए इस योगासन के अभ्यास का तरीका, लाभ और अन्य महत्वपूर्ण बातें
क्या है खबर?
हस्त उत्तानासन सूर्य नमस्कार योग का प्रमुख हिस्सा है। इसे सूर्य नमस्कार की 12 मुद्राओं में दूसरे और 11वें नंबर पर किया जाता है। इसका नियमित अभ्यास शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद सिद्ध हो सकता है।
आज हम आपको हस्त उत्तानासन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें बताने जा रहे हैं ताकि आप इसके जुड़ी बातों को ध्यान में रखते हुए इसका अभ्यास करें और इससे भरपूर लाभ प्राप्त कर सकें।
अभ्यास
हस्त उत्तानासन के अभ्यास का तरीका
सबसे पहले योगा मैट पर दोनों पैरों को मिलाकर सीधे खड़े हो जाएं। अब सांस भरते हुए अपने दोनों हाथों को एक साथ सिर के ऊपर ले जाएं।
इसके बाद सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे अपने ऊपरी शारीरिक ढांचे को पीठ के पीछे की ओर मोड़ने की कोशिश करें। इस दौरान अपनी नजरें आसमान की ओर रखें।
कुछ मिनट इसी मुद्रा में बने रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं। इसी प्रक्रिया को कई बार दोहराएं।
सावधानियां
अभ्यास के दौरान जरूर बरतें ये सावधानियां
अगर किसी को गर्दन में दर्द, रीढ़ की हड्डी में दर्द या फिर कोई गंभीर बीमारी हो तो वह हस्त उत्तानासन का अभ्यास न करें।
शरीर में कमजोरी महसूस होने पर भी इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए। उच्च रक्तचाप और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को भी इस योगासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
घुटने में दर्द या आर्थराइटिस होने पर हस्त उत्तानासन का अभ्यास करने की भूल न करें क्योंकि इससे आपकी समस्या बढ़ सकती है।
फायदे
हस्त उत्तानासन के रोजाना अभ्यास से मिलते हैं ये फायदे
अगर आप हर दिन हस्त उत्तानासन का अभ्यास करते हैं तो इससे पेट, पीठ, पैर और बांहों की मांसपेशियों में मजबूती आती है। इससे शरीर की मुख्य मांसपेशियां तुरंत सक्रिय भी हो जाती हैं।
इसके अलावा इससे फेफड़ों की कार्य क्षमता में सुधार होता है और फेफड़ों को मजबूती मिलती है।
मानसिक फायदों की बात करें तो यह दिमाग को शांत रखने और तनाव से राहत दिलाने में सहायक हो सकता है।
खास टिप्स
हस्त उत्तानासन के अभ्यास से जुड़ी खास टिप्स
हस्त उत्तानासन का अभ्यास योग गुरू की निगरानी में ही करें।
इसके अलावा इसके हर स्टेप की ओर धीरे-धीरे बढ़े और असुविधा होने पर इस आसन का अभ्यास तुरंत छोड़ दें।
अभ्यास के दौरान कंधे या घुटनों पर दबाव न डालें और हमेशा वार्मअप करने के बाद ही इसका अभ्यास करें।
जब आसन का अभ्यास छोड़े तो किसी भी तरह की जल्दबाजी न करें और धीरे-धीरे आसन का अभ्यास बंद करें।