
केरल: मुख्यमंत्री पिनरई विजयन की बेटी का क्या है मामला, जिसको लेकर मुकदमे का आदेश हुआ?
क्या है खबर?
केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन अपनी बेटी की वजह से चर्चा में हैं। उनकी बेटी टी वीना पर केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार के मामले में मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है।
केंद्रीय कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की एजेंसी सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) ने उनके खिलाफ कोच्चि में आर्थिक अपराधों की विशेष कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया है, जिसके बाद केंद्र ने मुकदमा चलाने की मंजूरी दी।
क्या है पूरा मामला, जिसमें टी वीना फंसी हैं? आइए, जानते हैं।
आरोप
टी वीना पर क्या हैं आरोप?
SFIO ने टी वीना को कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) से कथित अवैध भुगतान लेने के मामले में शामिल किया है।
केंद्रीय एजेंसी का आरोप है कि वीना और उनकी फर्म, एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस ने CMRL से बिना कोई IT सेवाएं दिए 2.73 करोड़ रुपये का लेन-देन किया है।
SFIO के अधिकारियों का कहना है कि दोनों संस्थाओं के बीच एक औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे, लेकिन भुगतान धोखाधड़ी और अनुचित पाए गए थे।
विवाद
क्या है मामला और कब आया सामने?
सबसे पहले यह मामला 8 अगस्त, 2023 को कोच्चि स्थित CMRL से संबंधित आयकर विभाग की एक रिपोर्ट से सामने आया था।
उसमें पता चला कि CMRL ने 2017 से 2020 के बीच एक्सालॉजिक को 1.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जबकि एक्सालॉजिक ने उसे कोई सेवाएं नहीं दी थी।
इसके बाद केंद्र ने SFIO को मामले की विस्तृत जांच करने के आदेश दिए थे।
एक्सालॉजिक ने सॉफ्टवेयर और विपणन सेवाओं के लिए CMRL से 2017 में समझौता किया था।
आरोप पत्र
SFIO ने अपने आरोपपत्र में क्या बताया?
SFIO ने 160 पन्नों के आरोपपत्र में वीना, CMRL के प्रबंध निदेशक शशिधरन कार्था, निदेशक अनिल आनंदा पणिक्कर, मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) सुरेश कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (CGM) पी सुरेश कुमार, वैधानिक लेखा परीक्षक सागेश कुमार, मुरलीकृष्णन समेत 25 अन्य को आरोपी बनाया है।
इसमें CMRL, एक्सालॉजिक और कार्था के परिवार से जुड़ी इसकी सहायक कंपनी एम्पावर इंडिया कैपिटल इन्वेस्टमेंट्स समेत कई कंपनियों को सूचीबद्ध किया है।
जांच में CMRL में 182 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताएं भी मिली है।
जांच
अब जांच में आगे क्या?
सभी आरोपियों पर कॉर्पोरेट धोखाधड़ी कानून का उल्लंघन करने के आरोप में कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 447 के तहत आरोप लगाए गए हैं।
मामले में आयकर विभाग और कंपनी रजिस्ट्रार की जांच पहले ही पूरी हो चुकी है। SFIO का आरोपपत्र विशेष कोर्ट मंजूर कर चुका है।
ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से मुकदमा चलाने की मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। SFIO की जांच का CMRL विरोध कर चुका है।
सजा
क्या होगी सजा?
अगर वीना समेत सभी आरोपी दोषी पाए जाते हैं तो उनको 6 महीने से लेकर 10 साल तक की कैद हो सकती है। साथ ही धोखाधड़ी की गई राशि का तीन गुना जुर्माना भी देना पड़ सकता है।
अगर कोर्ट को लगता है कि मामला जनता से जुड़ा था तो आरोपियों की सजा को 3 साल के लिए बढ़ाया भी जा सकता है।
SFIO ने कहा है कि उसकी जांच अभी चल रही है।
विवाद
पिनरई विजयन के लिए बड़ी मुसीबत?
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी (CPIM) से जुड़े पिनराई विजयन पिछले 8 साल से अधिक समय से केरल के मुख्यमंत्री हैं।
गरीबी से उठे विजयन केरल में काफी लोकप्रिय हैं और ईमानदार छवि के माने जाते हैं।
उनकी बेटी का मामला सामने आने पर विजयन पर भी सवाल उठ रहे हैं।
केरल की विपक्षी पार्टी उनका इस्तीफा मांग रही है। उनका कहना है कि विजयन के मुख्यमंत्री रहते जांच प्रभावित हो सकता है।
केरल में अगले साल विधानसभा चुनाव है।