
#NewsBytesExplainer: कैसी होगी भारतीय सेना की इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड?
क्या है खबर?
भारतीय सेना के तीनों अंगों को मिलाकर बनने वाले इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड की राह का एक और रास्ता साफ हो गया है।
केंद्र सरकार ने 'अंतर-सेवा संगठन (कमान, नियंत्रण और अनुशासन)' अधिनियम को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक को पिछले साल मानसून सत्र में संसद से पारित किया गया था। अधिनियम से थलसेना, वायुसेना और नौसेना को मिलाकर इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड बनाई जाएगी।
आइए जानते हैं कि इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड क्या है।
इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड
क्या है इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड?
दरअसल, फिलहाल भारतीय थल सेना, वायु सेना और नौसेना का ढांचा अलग-अलग है। इनके अपने-अपने मुखिया हैं। इससे तीनों अंगों के बीच योजना बनाने, संसाधन जुटाने और युद्ध अभियान चलाने में तालमेल की कमी महसूस होती है।
इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड में सेना के इन तीनों अंगों को एकीकृत किया जाएगा। इसके तहत थलसेना, वायुसेना और नौसेना के सभी संसाधनों की मौजूदगी एक साथ होगी, जिसका उद्देश्य सेना में एकजुटता और तालमेल बेहतर करना है।
वजह
क्यों बनाई जा रही है इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड?
एकीकृत थिएटर कमांड बनाने का उद्देश्य है कि तीनों सेनाओं की क्षमताओं को एक-दूसरे से जोड़ दिया जाए, जिससे युद्ध में इनका प्रदर्शन कई गुना बेहतर होगा।
कारगिल युद्ध के बाद बनी कई समितियों ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए सेना को इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड बनाने के बारे में सोचना चाहिए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मुताबिक, युद्ध की बदलती प्रकृति और तीनों सेनाओं के बेहतर समन्वय के लिए इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड जरूरी है।
सेना
फिलहाल कैसा है भारतीय सेना का ढांचा?
वर्तमान में तीनों सेनाओं के कुल 17 कमांड हैं, थल सेना और वायु सेना के पास 7-7 और 3 नौ सेना के पास। इसके अलावा 2 'ट्राई-सर्विसेज' या 'त्रि-सेवा कमांड' भी हैं- अंडमान और निकोबार कमांड (ANC) और स्ट्रैटेजिक फोर्स कमांड (SFC)।
ANC का नेतृत्व तीनों सेनाओं के अधिकारी करते हैं, जबकि SFC भारत की परमाणु संपत्तियों के लिए जिम्मेदार है।
फिलहाल, तीनों अंगों के अपने-अपने प्रमुख हैं और ये तीनों चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) को रिपोर्ट करते हैं।
ढांचा
कैसी होगी इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड?
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 3 इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड बनाए जाएगी। इनमें से एक पश्चिमी कमांड जयपुर में होगी, जिसका काम मुख्य रूप से पाकिस्तान से लगी पश्चिमी सीमा पर नजर रखना होगा।
उत्तरी कमांड लखनऊ में बनाई जा सकती है, जो चीन से लगी सीमाओं पर नजर रखेगी। एक समुद्री थिएटर कमांड कोयंबटूर में बनाई जा सकती है, जो देश की तटीय सीमाओं के बाहर समुद्री खतरों से निपटेगी।
बदलाव
सेना के संगठन में क्या बदलाव आएगा?
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, एकीकृत थिएटर कमांड में एक वाइस चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और एक डिप्टी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति पर विचार किया जा रहा है। वाइस CDS संभवतः जनरल या समकक्ष रैंक का अधिकारी होगा, जो रणनीतिक योजना, क्षमता और खरीद-संबंधी मामलों की देखभाल करेगा।
डिप्टी CDS संभवतः लेफ्टिनेंट जनरल या समकक्ष रैंक का अधिकारी होगा, जो संचालन, खुफिया जानकारी और थिएटरों के बीच संपत्ति के आवंटन का समन्वय करेगा।
चुनौतियां
राह में कई चुनौतियां भी
इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड की राह इतनी आसान भी नहीं है। तीनों अंगों के अधिकारों और समन्वय को लेकर सहमति बनाने में कई चुनौतियां हैं।
कथित तौर पर वायुसेना इस योजना को लेकर उत्साहित नहीं है। माना जाता है कि वायुसेना के पास लड़ाकू विमानों की कमी है और वो नहीं चाहती कि उसके विमानों को थिएटर कमांड के बीच बांट दिया जाए।
कई पूर्व रक्षा कर्मी और विशेषज्ञ भी इसके क्रियान्वयन की चुनौतियों पर चिंता जता चुके हैं।
देश
दुनिया के और किन देशों में है थिएटर कमांड?
अमेरिका के पास फिलहाल 11 थिएटर कमांड्स हैं। इनमें से 6 पूरी दुनिया को कवर करते हैं। चीन के पास भी 5 थिएटर कमांड्स हैं, जिसकी पश्चिमी थिएटर कमांड भारत, मध्य एशिया और अफगानिस्तान पर नजर रखती है।
रूस के पास भी 4 थिएटर कमांड्स हैं। ज्यादातर देशों में थिएटर कमांड का गठन भौगोलिक क्षेत्र के आधार पर किया गया है। अमेरिका की 4 थिएटर कमांड कार्यकारी आधार पर संचालित की जाती हैं।