
क्या नई यात्रा नीति के तहत अमेरिका की यात्रा कर पाएंगे वैक्सीन लगवा चुके भारतीय?
क्या है खबर?
संयुक्त राज्य अमेरिका ने कोरोना वायरस वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके लोगों को फिर से अपने देश में प्रवेश देने का निर्णय किया है। इसकी शुरुआत नवंबर से की जाएगी।
अमेरिका द्वारा यात्रा की अनुमति के लिए चुने गए 33 देशों में भारत भी शामिल है। व्हाइट हाउस ने सोमवार को इसकी घोषणा की है।
अब सवाल है कि क्या वह भारतीय भी अमेरिकी की यात्रा कर सकेंगे, जिन्होंने अमेरिका में अधिकृत वैक्सीन के अलावा वैक्सीन लगवाई है?
नियम
अमेरिका में किसे कहा जाता है पूर्ण वैक्सीनेशन?
अमेरिकी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, वह व्यक्ति पूर्ण वैक्सीनेशन की श्रेणी में आएगा, जिसने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) या विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा अधिकृत वैक्सीन की दोनों खुराक ले रखी है।
वह सूची किसी भी निकाय द्वारा परिवर्धन के अधीन बदल सकती है। विदेशी नागरिकों को यात्रा से पहले वैक्सीनेशन का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद उन्हें वहां क्वारंटाइन में नहीं रहना पड़ेगा।
कोविशील्ड
क्या 'कोविशील्ड' लगवाने वालों को मिलेगी अनुमति?
एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित कोविशील्ड को अभी तक अमेरिकी FDA द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया है। हालांकि, इसे WHO ने हरी झंडी दे दी है।
इसका मतलब है कि इस वैक्सीन की खुराक लगवाने वाले लोगों को अमेरिका में किसी भी प्रतिबंध का सामना नहीं करना पड़ेगा और वह बिना किसी परेशानी के वहां की यात्रा कर सकेंगे। कोविशील्ड का भारत में उत्पादन पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SSI) ने किया है।
कोवैक्सिन
क्या 'कोवैक्सिन' लगवाने वाले भी कर सकेंगे यात्रा?
भारत बायोटेक द्वारा विकसित भारत के स्वदेशी कोरोना वैक्सीन 'कोवैक्सिन' को अभी न तो FDA ने मंजूरी दी है और न ही WHO ने। इस साल जून में FDA ने आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण के लिए इसके आवेदन को भी खारिज कर दिया था और कंपनी से क्लिनिकल ट्रायल का अतिरिक्त डाटा मांगा था।
हालांकि, हालिया रिपोर्टों की माने तो इस वैक्सीन को भी सितंबर के अंत तक WHO की मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
अन्य वैक्सीन
भारत में स्वीकृत कोई अन्य वैक्सीन अमेरिकी नियमों को नहीं करती पूरा
भारत में जारी वैक्सीनेशन अभियान में कोविशील्ड और कोवैक्सिन के अलावा रूस की स्पुतनिक-V का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, इसे FDA और WHO दोनों ने ही मंजूरी नहीं दी है।
इसी तरह मॉडर्ना, जॉनसन एंड जॉनसन और जायडस कैडिला को भी भारत में मंजूरी मिली हुई है, लेकिन अभी इनका वैक्सीनेशन में इस्तेमाल शुरू नहीं हुआ है। इसी तरह वैक्सीनेशन के लिए अयोग्य बच्चों को भी अमेरिकी यात्रा पर नियमों में छूट दी जाएगी।
UK
वैक्सीन की दोनों खुराक लेने वाले भारतीयों को UK में रहना होगा क्वारंटाइन
इस बीच, यूनाइटेड किंगडम (UK) ने 4 अक्टूबर से लागू होने वाले नए कारोना संबंधित यात्रा नियमों में कोविशील्ड को मंजूरी नहीं दी है।
ऐसे में कोविशील्ड की दोनों खुराक लेकर वहां जाने वाले भारतीयों को 10 दिन का अनिवार्य क्वारंटाइन पूरा करना होगा।
इस कदम की भारतीय अधिकारियों और नेताओं ने तीखी आलोचना की है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ब्रिटिश समकक्ष के साथ इस मुद्दे को उठाया है। भारत ने परस्पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।