
प्रधानमंत्री मोदी का देश के नाम पत्र, लिखा- कोई आपदा हमारा भविष्य तय नहीं कर सकती
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर देश के नाम खुला पत्र लिखा है।
प्रधानमंत्री ने लिखा कि अगर स्थिति सामान्य होती तो वो लोगों के बीच आकर इस बारे में बात करते, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के पैदा स्थितियों में वो पत्र के माध्यम से बात कर रहे हैं।
उन्होंने इस पत्र में पिछले एक साल की सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करने के साथ-साथ कई बातें कही हैं।
प्रधानमंत्री का पत्र
2014 में देश ने परिवर्तन के लिए वोट दिया था- प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने लिखा कि साल 2014 में देश की जनता ने परिवर्तन, देश की नीति और रीति बदलने के लिए वोट किया था। उन पांच सालों में देश ने व्यवस्थाओं को जड़ता और भ्रष्टाचार के दलदल से बाहर आते देखा है।
अपनी सरकार के पहले कार्यकाल के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने गरीबों के बैंक में खाते खोले, उन्हें फ्री गैस कनेक्शन दिया, शौचालय और घर बनवाकर उनकी गरिमा बढ़ाई।
प्रधानमंत्री का पत्र
पत्र में गिनाई पहले कार्यकाल की उपलब्धियां
मोदी ने लिखा कि उस कार्यकाल में सर्जिकल और एयरस्ट्राइक हुई, वहीं सरकार ने वन रैंक वन पेंशन, वन नेशन वन टैक्स- GST, किसानों की न्यूनतम समर्थन मूल्य की बरसों पुरानी मांंग को पूरा किया। पहला कार्यकाल देश की अनेक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए समर्पित रहा।
साल 2019 में देश की जनता का आशीर्वाद, देश के बड़े सपनों, आशाओं-आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए था। इस एक साल में लिए गए फैसले इन्हीं बड़े सपनों की उड़ान है।
प्रधानमंत्री का पत्र
अनुच्छेद 370, राम मंदिर का किया जिक्र
उन्होंने आगे लिखा कि 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' इस मंत्र को लेकर आज देश सामाजिक हो या आर्थिक, वैश्विक हो या आंतरिक, हर दिशा में आगे बढ़ रहा है। बीते एक साल में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय ज्यादा चर्चा में रहे और इस वजह से इन उपलब्धियों का स्मृति में रहना भी बहुत स्वाभाविक है।
इसके आगे उन्होंने उपलब्धियों के तौर पर अनुच्छेद 370, राम मंदिर निर्माण की बात, तीन तलाक मुद्दे और नागरिकता संशोधन कानून का जिक्र किया।
जानकारी
सरकार ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए- प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में लिखा कि इस बीच कई ऐतिहासिक फैसले रहे। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद के गठन से सेनाओं समन्वय बढ़ा है, वहीं मिशन गगनयान के लिए भारत ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
प्रधानमंत्री का पत्र
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का भी जिक्र
उन्होंने लिखा कि इस दौरान गरीबों, किसानों, महिलाओं-युवाओं को सशक्त करना सरकार की प्राथमिकता रही है।
अब PM किसान सम्मान निधि योजना के तहत बीते एक साल में 9.5 करोड़ से ज्यादा किसानों के खातों में 72,000 करोड़ रुपए से अधिक राशि जमा कराई गई है।
देश के 15 करोड़ ग्रामीण घरों तक साफ पानी पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन शुरू किया गया है। 50 करोड़ से अधिक पशुधन के लिए मुफ्त टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री का पत्र
तेज गति से बढ़ते भारत को कोरोना वायरस ने घेरा- प्रधानमंत्री
उन्होंने पत्र में आगे लिखा कि पहली बार ऐसा हुआ है जब गांवों में इंटरनेट यूजर्स की संख्या शहरों की तुलना में 10 प्रतिशत ज्यादा हो गई है।
प्रधानमंत्री ने लिखा, 'मैं इतना अवश्य कहूंगा कि एक साल के कार्यकाल के प्रत्येक दिन चौबीसों घंटे पूरी सजगता से काम हुआ है, संवेदनशीलता से काम हुआ है। देशवासियों की आशाओं-आकांक्षाओं की पूर्ति करते हुए हम तेज गति से आगे बढ़ ही रहे थे, कि कोरोना ने भारत को भी घेर लिया।'
प्रधानमंत्री का पत्र
लॉकडाउन के कारण लोगों को हुई परेशानी- प्रधानमंत्री मोदी
लॉकडाउन के कारण लोगों को हो रही परेशानी के बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि इतने बड़े संकट में कोई ये दावा नहीं कर सकता कि किसी को कोई तकलीफ और असुविधा न हुई हो।
श्रमिक साथी, प्रवासी मजदूर भाई-बहन, छोटे-छोटे उद्योगों में काम करने वाले कारीगर, पटरी पर सामान बेचने वाले, रेहड़ी-ठेला लगाने वाले, दुकानदार भाई-बहन, लघु उद्यमी, ऐसे साथियों ने असीमित कष्ट सहा है।
इनकी परेशानियों को दूर करने का प्रयास हो रहा है।
जानकारी
एक भारत ही श्रेष्ठ भारत की गारंटी
प्रधानमंत्री ने लिखा कि ताली-थाली बजाने और दीया जलाने से लेकर भारत की सेनाओं द्वारा कोरोना वॉरियर्स का सम्मान हो, जनता कर्फ्यू या लॉकडाउन के दौरान नियमों का पालन हो, हर अवसर पर आपने दिखाया है कि एक भारत ही श्रेष्ठ भारत की गारंटी है।
प्रधानमंत्री का पत्र
जीतना हमारा संकल्प- प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, 'ये लड़ाई लंबी है लेकिन हम विजय पथ पर चल पड़े हैं और विजयी होना हम सबका सामूहिक संकल्प है। अभी पश्चिम बंगाल और ओडिशा में आए अम्फान चक्रवात के दौरान जिस हौसले के साथ वहां के लोगों ने स्थितियों का मुकाबला किया, चक्रवात से होने वाले नुकसान को कम किया, वह भी हम सभी के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।'
उन्होंने लिखा कि हर भारतीय के लिए नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है।
प्रधानमंत्री का पत्र
आर्थिक क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेंगे- प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, 'भारत ने अपनी एकजुटता से कोरोना के खिलाफ लड़ाई में पूरी दुनिया को अचंभित किया है, वैसे ही आर्थिक क्षेत्र में भी हम नई मिसाल कायम करेंगे। आज समय की मांग है कि हमें अपने पैरों पर खड़ा होना ही होगा। अपने बलबूते पर चलना ही होगा और इसके लिए एक ही मार्ग है - आत्मनिर्भर भारत। इसके लिए दिया गया 20 लाख करोड़ रुपए का पैकेज, इसी दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है।
जानकारी
भारत का भविष्य विपदा तय नहीं कर सकती- प्रधानमंत्री मोदी
उन्होंने लिखा, वैश्विक महामारी के कारण यह संकट की घड़ी तो है ही, लेकिन देशवासियों के लिए यह संकल्प की घड़ी भी है। यह हमेशा याद रखना है कि 130 करोड़ भारतीयों का वर्तमान और भविष्य कोई आपदा या कोई विपत्ति तय नहीं कर सकती।