
कोरोना वैक्सीन: कुछ शर्तों के साथ भारत को पांच करोड़ खुराकें देने को तैयार है फाइजर
क्या है खबर?
अमेरिकी फार्मा कंपनी फाइजर कुछ शर्तों के साथ कोरोना वायरस वैक्सीन की पांच करोड़ खुराकें इसी साल भारत में भेजने के लिए तैयार है।
कंपनी का कहना है कि उसे नियामकीय मंजूरी और कुछ कानूनी पचड़ों से बचने की छूट दी जाए।
वहीं एक और अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना अगले साल भारत में अपनी एक खुराक वाली वैक्सीन लॉन्च करने की योजना में है। इसके लिए वह सिप्ला समेत कई भारतीय कंपनियों के संपर्क में है।
जानकारी
इस साल मॉडर्ना और J&J से वैक्सीन मिलने की उम्मीद कम
सूत्रों ने बताया कि मॉडर्ना ने इस साल भारत को वैक्सीन देने में अमसर्थता जताई है। इसके अलावा जॉनसन एंड जॉनसन (J&J) से भी वैक्सीन मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं क्योंकि फिलहाल कंपनी निर्यात करने में असमर्थ है।
कोरोना वायरस वैक्सीन
राज्यों को सीधे तौर पर वैक्सीन देने से मना कर चुकी कंपनियां
दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक देश होने के बावजूद भारत इन दिनों कोरोना वायरस वैक्सीन की भारी कमी महसूस कर रहा है।
केंद्र ने राज्यों को 18-44 साल वालों के लिए वैक्सीन खरीदने को कह दिया है, लेकिन भारतीय कंपनियों के पास इतनी वैक्सीन नहीं है कि वे राज्यों की मांग पूरी कर पाए।
वहीं कई विदेशों कंपनियों ने केंद्र से सौदे की बात कहकर सीधे तौर पर राज्यों को वैक्सीन देने से इनकार कर दिया है।
वैक्सीन की खरीद
कैबिनेट सचिव ने की उच्च-स्तरीय बैठकें
इसी बीच पिछले सप्ताह कैबिनेट सचिव ने वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर दो उच्च-स्तरीय बैठकें की थीं।
इन बैठकों में विदेश मंत्रालय, नीति आयोग, बायोटेक्नोलॉजी विभाग, कानून मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने हिस्सा लिया था।
बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि मॉडर्ना के पास इस साल भारत को देने के लिए वैक्सीन नहीं है और वो अगले एक खुराक वाली वैक्सीन भारत में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है।
जानकारी
सिप्ला खरीदेगी पांच करोड़ खुराकें
समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, सिप्ला अगले साल मॉडर्ना से पांच करोड़ खुराकें खरीदने की इच्छुक है और उसने इस संबंध में सरकार से बातचीत शुरू कर दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय को इस संबंध में कंपनी की मदद करने को कहा गया है।
कोरोना वायरस वैक्सीन
जुलाई से वैक्सीन आपूर्ति को तैयार फाइजर
फाइजर ने कहा है कि वह भारत को इस साल पांच करोड़ खुराकें देने के लिए तैयार है। इसके लिए वह सीधे केंद्र से बात करेगी और वैक्सीन के बदले भारत सरकार फाइजर इंडिया को भुगतान करेगी।
कंपनी ने बताया कि वह जुलाई और अगस्त में एक-एक करोड़, सितंबर में दो करोड़ और अक्टूबर में एक करोड़ खुराकों की आपूर्ति कर सकती है।
इनकी खरीद के बाद भारत सरकार वितरण के लिए नई योजना तैयार करेगी।
शर्तें
फाइजर ने मांगी ये छूट
एक और सूत्र ने बताया कि फाइजर ने वैक्सीन आपूर्ति के लिए सरकार से कानूनी पचड़ों से सुरक्षा मांगी है और इस संबंध में उसने एक दस्तावेज भी भारत सरकार को सौंप दिया है।
इसके अलावा कंपनी ने भारत में इस्तेमाल से पहले ब्रिजिंग ट्रायल से भी छूट की मांग की है।
अधिकारियों ने बताया कि इन शर्तों पर विचार हो रहा है, लेकिन फाइजर को ऐसी छूट मिलती है तो बाकी कंपनियां भी ऐसी मांग कर सकती हैं।
जानकारी
फाइजर को 100 से अधिक देशों में मिल चुकी है छूट
जानकारी के अनुसार, अमेरिका समेत लगभग 116 देश अभी तक फाइजर को कानूनी पचड़ों से सुरक्षा की गारंटी दे चुके हैं।
दूसरी तरफ अभी तक दुनियाभर में फाइजर वैक्सीन की लगभग 15 करोड़ खुराकें लगाई जा चुकी हैं और कहीं से भी गंभीर दुष्प्रभावों की बड़ी घटना सामने नहीं आई है।
बताया जा रहा है कि इन दोनों बिंदुओं पर हाल ही में हुई उच्च स्तरीय बैठक में चर्चा की गई थी।
जानकारी
भारत में रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा वैक्सीनेशन अभियान
देश में चल रहे दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीनेशन अभियान की बात करें तो अब तक वैक्सीन की 20,06,62,456 खुराकें लगाई गईं हैं। बीते दिन मात्र 20,39,087 खुराकें लगाई गईं। वैक्सीन की कमी के चलते यह अभियान रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।