
घरेलू उड़ान सेवा: आरोग्य सेतु ऐप अनिवार्य नहीं, यात्रियों को भरना होगा डिक्लेरेशन फॉर्म
क्या है खबर?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सोमवार से शुरू हो रही घरेलू उड़ान सेवाओं के लिए कुछ नियम तय किए हैं।
इनमें से एक नियम यह था कि केवल वही यात्री विमानों में उड़ान भर सकते हैं, जिनके स्मार्टफोन में आरोग्य सेतु ऐप है और इसमें ग्रीन स्टेट्स है।
अब मंत्रालय ने स्पष्टीकरण जारी कर कहा है कि उड़ान के लिए आरोग्य सेतु अनिवार्य नहीं है, लेकिन यात्रियों को विमान में बैठने से पहले डिक्लेरेशन फॉर्म भरना होगा।
लॉकडाउन
दो महीने बाद शुरू होगी घरेलू उड़ान सेवा
25 मार्च को देश में लॉकडाउन लागू होने के साथ ही घरेलू उड़ान सेवाओं पर भी पाबंदी लग गई थी।
अब दो महीने बाद सरकार ने 25 मई से सीमित संख्या में घरेलू उड़ाने शुरू करने की इजाजत दी है।
इसके लिए कई शर्तें और नियम तय किए गए हैं। हालांकि, इस बीच कई राज्यो ने केंद्र से यह सेवा कुछ दिन स्थगित करने की मांग की है।
इनका कहना है कि वो अभी इसके लिए तैयार नहीं है।
नियम
यात्रियों को भरना होगा डिक्लेरेशन फॉर्म
मंत्रालय ने स्पष्टीकरण जारी कर कहा है कि जो लोग स्मार्टफोन इस्तेमाल नहीं करते या जिनके फोन में आरोग्य सेतु ऐप नहीं होगी, उन्हें विमान में बैठने से पहले एक डिक्लेरेशन फॉर्म भरना होगा।
इस फॉर्म में उनसे उनकी ट्रैवल हिस्ट्री और सेहत की जानकारी मांगी जाएगी।
मंत्रालय पहले ही साफ कर चुका है कि केवल उन्हीं यात्रियों को सफर की इजाजत दी जाएगी, जिनमें कोरोना वायरस का कोई लक्षण नहीं होगा।
घरेलू उड़ान सेवा
इन राज्यों से नहीं मिली अनुमति
घरेलू उड़ान सेवा को सोमवार से शुरू होना है, लेकिन रविवार तक महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में इसे लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
तीनों राज्यों ने इस समय घरेलू उड़ानों को शुरू करने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। इन राज्यों की राजधानियों में स्थित हवाई अड्डे देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शुमार होते हैं।
महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि रेड जोन में विमान सेवा शुरू करना गलत फैसला है।
उड़ान सेवा
पश्चिम बंगाल ने की कोलकाता से संचालन शुरू न करने की मांग
तमिलनाडु ने भी केंद्र सरकार से 31 मई तक घरेलू उड़ान सेवाएं शुरू न करने की मांग की है। तमिलनाडु देश में महाराष्ट्र के बाद सबसे बुरी तरह प्रभावित राज्य है।
दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल ने अम्फान से हुई तबाही के कारण कोलकाता हवाई अड्डे से घरेलू उड़ान सेवाओं को 30 मई तक स्थगित रखने की मांग की है। उन्होंने तब तक बागडोगरा हवाई अड्डे से उड़ाने संचालित करने की मांग की है।
अधिकार
घरेलू उड़ान सेवाएं केंद्र के अधिकार क्षेत्र में
घरेलू उड़ान सेवाएं केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है, लेकिन यात्रियों को स्वीकार करना राज्य सरकारों के हाथ में है।
इसके अलावा अगर राज्य सरकारें उड़ान सेवाओं की अनुमति दे भी देती है तब भी यात्रियों के लिए हवाई अड्डों से घर जाना काफी मुश्किल काम रहने वाला है।
मुंबई जैसे शहरों में लॉकडाउन के कारण सार्वजनिक यातायात और टैक्सी सेवाओं पर पाबंदी लगी हुई है। ऐसे में यात्रियों को घर पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
प्रतिक्रिया
नागरिक उड्डयन मंत्री ने कही यह बात
वहीं राज्यों की असमंजस पर नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि कुछ सरकारों ने दूसरे मंत्रियों से बात कर सेवा स्थगित करने की मांग की है। उनसे इस संबंध में लिखित अनुरोध मांगा गया है, लेकिन अभी तक यह मिला नहीं है।
उन्होंने कहा, "ऐसा होता है। जब हम ऐसी स्थितियों से निपट रहे होते हैं तो कुछ ना-नुकर होती है, लेकिन यह केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है और हम इस संबंध में पूरे प्रयास कर रहे हैं।"