
केंद्रीय मंत्री ने की पुष्टि, 2020 में लॉन्च होगा चंद्रयान-3
क्या है खबर?
भारत 2020 में चंद्रयान-3 लॉन्च करेगा। अंतरिक्ष विभाग के केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को इसकी घोषणा की थी।
उन्होंने कहा कि लैंडर और रोवर के साथ चंद्रयान-3 चंद्रमा की सतह पर उतरने की कोशिश करेगा।
इस बीच उन्होंने कहा कि चंद्रयान-2 मिशन को एक असफलता नहीं कहा जा सकता।
बता दें कि इस साल चंद्रयान-2 के जरिए भारत ने चंद्रमा की सतह पर उतरने की असफल कोशिश की थी।
बयान
जितेंद्र सिंह बोले, कोई देश पहली बार में चंद्रमा पर उतरने में कामयाब नहीं हुआ
इसकी जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, "लैंडर और रोवर मिशन 2020 में होगा। हालांकि जैसा कि मैंने पहले कहा है कि चंद्रयान-2 मिशन को असफल नहीं कहा जा सकता क्योंकि हमने इससे काफी कुछ सीखा है। दुनिया में ऐसा कोई देश नहीं है जो पहले प्रयास में चंद्रमा पर उतरने में कामयाब रहा हो, अमेरिका को इसके लिए कई प्रयास लगे। लेकिन हमें उतने प्रयास नहीं लगेंगे।"
चंद्रयान-2
चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर की हुई थी चंद्रमा की सतह पर क्रैश लैंडिंग
बता दें कि चंद्रमा की सतह पर उतरने के लक्ष्य के साथ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 22 जुलाई को चंद्रयान-2 मिशन को लॉन्च किया था।
इसने अपने कई चरणों को सफलतापूर्वक पूर्ण किया था लेकिन अंत में विक्रम लैंडर सफलतापूर्वक चंद्रमा की सतह पर उतरने में नाकामयाब रहा।
अधिक स्पीड होने के कारण विक्रम लैंडर की चंद्रमा की सतह पर क्रैश लैंडिंग हुई थीं और उसका ISRO से संपर्क टूट गया था।
सफलता
98 प्रतिशत सफल रहा था चंद्रयान-2 मिशन
विक्रम लैंडर को 7 सितंबर को चांद की सतह पर उतरना था, लेकिन तय समय से महज 90 सेकंड पहले इसका कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया। उस वक्त यह चांद की सतह से सिर्फ 2.1 किलोमीटर ऊपर था।
अगर विक्रम लैंडर सफलतापूर्वक चंद्रमा की सतह पर उतरने में कामयाब रहता तो भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद ऐसा करने वाला मात्र चौथा देश बन जाता। हालांकि ये मिशन 98 प्रतिशत सफल रहा था।
चंद्रयान-3 तैयारियां
ISRO ने तैयार किया चंद्रयान-3 का रोडमैप
ISRO के वैज्ञानिक चंद्रयान-2 मिशन की असफलता से हतोत्साहित नहीं हुए और अभी चंद्रयान-3 की तैयारियों में लगे हुए हैं।
ISRO ने इस पूरे मिशन का रोडमैप तैयार कर लिया है और आगे की तैयारी चल रही है।
जितेंद्र सिंह ने नवंबर में संसद में एक सवाल का जवाब देते हुए बताया था, "रोडमैप को स्पेस कमीशन को दिखाया गया है। विशेषज्ञों की एक समिति इसकी समीक्षा करेगी और उनकी सिफारिशों के आधार आगे के कदम उठाए जाएंगे।"
जानकारी
2008 में लॉन्च हुआ था चंद्रयान-1
बता दें कि भारत ने चंद्रमा से संबंधित पहला मिशन चंद्रयान-1 2008 में लॉन्च किया था जिसने चंद्रमा पर पानी की मौजूदगी के बारे में पता लगाया था। हालांकि ये चंद्रमा की सतह पर नहीं उतरा था और इसके चक्कर लगाते हुए तस्वीरें भेजी थीं।