
#NewsBytesExplainer: G-20 शिखर सम्मेलन पर कितने और कौन खर्च कर रहा पैसे?
क्या है खबर?
भारत इस साल G-20 की अध्यक्षता कर रहा है और इस संबंध में 9-10 सितंबर को दिल्ली में G-20 शिखर सम्मेलन होना है। इसमें करीब 29 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और कई खास मेहमान शामिल होंगे।
आयोजन को सफल बनाकर भारत के लिए वैश्विक पटल पर छाप छोड़ने का ये अहम मौका है और केंद्र सरकार इसमें किसी तरह की कसर नहीं छोड़ना चाहती।
आइए समझते हैं कि G-20 शिखर सम्मेलन पर कितना खर्च हो रहा है।
खर्च
G-20 सम्मेलन में आया कितना खर्च?
रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे कार्यक्रम पर करीब 4,200 करोड़ रुपये का खर्च होना है। इस खर्च को कुल 12 अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है।
इसमें सुरक्षा, साज-सज्जा, ब्रांडिंग और आयोजन स्थल के निर्माण पर बड़ी राशि खर्च हुई है। केंद्र सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों, विभागों और संगठनों ने इस खर्च को वहन किया है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने भी राशि आवंटित की है।
विभाग
किस विभाग ने कितना किया खर्च?
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO), सैन्य इंजीनियर सेवा, दिल्ली पुलिस, NDMC और DDA ने कुल खर्चे का 98 प्रतिशत व्यय किया है।
ITPO ने लगभग 3,600 करोड़, दिल्ली पुलिस ने 340 करोड़, NDMC ने 60 करोड़, दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग ने 45 करोड़, केंद्रीय सड़क भूतल परिवहन मंत्रालय ने 26 करोड़, DDA ने 18 करोड़, दिल्ली सरकार के वन विभाग ने 16 करोड़ और दिल्ली नगर निगम (MCD) ने 5 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
मंडपम
भारत मंडपम पर ही खर्च हुए 2,700 करोड़ रुपये
G-20 शिखर सम्मेलन दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। इसके निर्माण और शिल्पकारी में लगभग 2,700 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
करीब 123 एकड़ में फैले इस आयोजनस्थल में एक प्रदर्शनी हॉल, VIP लाउंज एरिया, एक सम्मेलन केंद्र और एक एम्फीथिएटर सहित कई अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। इसके तीसरे फ्लोर में एक साथ 7,000 लोगों के बैठने की व्यवस्था है।
इसी साल 26 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'भारत मंडपम' उद्धाटन किया था।
सुरक्षा
सुरक्षा पर खर्च हो रही बड़ी रकम
सम्मेलन के दौरान VIP मेहमानों की सुरक्षा पर बड़ी राशि खर्च की जा रही है।
5,000 CCTV कैमरे, 50,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी, डॉग स्क्वॉड, स्पेशल कमांडो और स्नाइपर्स की तैनाती की गई है। एयरपोर्ट के आसपास ही 1,500 जवान तैनात किए जाएंगे।
400 से ज्यादा त्वरित कार्यवाही बल की टीमों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है। 25 पुलिसकर्मियों की 2 टीम कंट्रोल रूम से CCTV कैमरों के फुटेज की निगरानी करेगी।
सजावट
दिल्ली की साज-सज्जा पर भी करोड़ों रुपये खर्च
सुरक्षा के अलावा दिल्ली की सुंदरता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। जिन रास्तों से मेहमान गुजरेंगे, वहां रंग-बिरंगे फूलों वाले 6.75 लाख पौधे लगाए गए हैं।
राजघाट परिसर में 115 फीट का भारतीय ध्वज स्थापित किया गया है। भारत की G-20 अध्यक्षता को समर्पित एक पार्क भी बनाया गया है, जिसमें 20 स्तंभ बनाए गए हैं। इनमें से हर एक स्तंभ पर G-20 के सदस्य देश का झंडा लगाया गया है।
G-20
न्यूजबाइट्स प्लस
G-20 एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसके 20 सदस्य हैं। इसकी शुरुआत 1999 के एशियाई वित्तीय संकट के बाद हुई थी और इसे वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों के बीच वैश्विक आर्थिक और वित्तीय मुद्दों की चर्चा के लिए एक मंच के तौर पर शुरू किया गया था।
2007 की मंदी के बाद 2008 से इसमें राष्ट्राध्यक्षों ने भाग लेना शुरू कर दिया और अगले साल इसे अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग के लिए एक प्रमुख मंच करार दिया गया।