
उद्धव ठाकरे और संजय राउत के करीबियों पर ED का छापा, करीब 15 जगहों पर कार्रवाई
क्या है खबर?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज उद्धव ठाकरे के करीबी सूरज चव्हाण और संजय राउत के करीबी सुजीत पाटकर के यहां छापे मारे। ये कार्रवाई कोरोना वायरस केंद्र में कथित घोटाले को लेकर की गई है।
बताया जा रहा है कि मामले से जुड़े कुछ वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और नौकरशाहों के घरों की भी तलाशी ली गई है।
मुंबई में एक साथ 15 से ज्यादा जगहों पर ED की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
मामला
क्या है मामला?
दरअसल, कोरोना वायरस महामारी के दौरान मुंबई में कई कोरोना केंद्र बनाए गए थे। आरोप है कि दहिसर में बनने वाले एक केंद्र का काम संजय राउत के बेहद करीबी उद्योगपति पाटकर को मिला था। इसके लिए पाटकर ने लाइफलाइन हॉस्पिटल मैनेजमेंट सर्विस नाम से एक कंपनी बनाई।
बताया गया कि ये कंपनी फर्जी थी और इसे चिकित्सा क्षेत्र में काम करने का कोई अनुभव नहीं था। पिछले साल भाजपा नेता किरीट सोमैया ने इस मामले में शिकायत की थी।
आरोप
क्या हैं आरोप?
पाटकर पर जालसाजी का आरोप है। भाजपा के नेता सोमैया की शिकायत पर आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था।
इसमें कहा गया था कि पाटकर और उनके सहयोगियों को जो कोरोना केंद्र मिले थे, उसके लिए उन्होंने फर्जी कंपनी बनाई और फर्जी दस्तावेज जमा किए। कंपनी के पास अस्पताल चलाने का कोई अनुभव नहीं था।
सोमैया का आरोप है कि इस कंपनी के जरिए 100 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया।
नाम
FIR में किस-किसका नाम है?
FIR में लाइफलाइन हॉस्पिटल मैनेजमेंट सर्विसेज कंपनी के 4 पार्टनर हेमंत गुप्ता, संजय शाह, राजू सालुंखे और पाटकर के नाम हैं।
अक्टूबर, 2022 में मुंबई पुलिस ने ये केस आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को स्थानांतरित कर दिया था।
इस साल जनवरी में EOW ने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस भेजकर लाइफलाइन हॉस्पिटल मैनेजमेंट सर्विसेज कंपनी के अनुबंधों और भुगतानों से जुड़ी जानकारी मांगी थी।
ED
मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है ED
ED ने बाद में इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी दर्ज किया था।
जनवरी में ED ने BMC आयुक्त इकबाल सिंह चहल से भी पूछताछ की थी। चहल ने कहा था कि वे ED का पूरी तरह से सहयोग करेंगे।
सोमवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया था कि BMC में 12,500 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है और सरकार ऐसा करने वालों से पाई-पाई वसूल करेगी।