
अब डॉक्टरों की सलाह लिए बिना दिव्यांगों को विमान में बैठने से नहीं रोक सकेंगी एयरलाइंस
क्या है खबर?
रांची हवाई अड्डे पर एक दिव्यांग बच्चे को विमान में न बैठने देने को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने नियमों में बदलाव की तरफ कदम उठाया है।
DGCA अब नियमों बदलाव करने जा रहा है, जिसके बाद कोई भी एयरलाइंस मेडिकल सलाह लिए बिना किसी भी दिव्यांग यात्री को विमान में बैठने से नहीं रोक सकेगी।
नियमों में इस संशोधन को आगे बढ़ा दिया गया है और जल्द इसके लागू होने की उम्मीद है।
पृष्ठभूमि
रांची हवाई अड्डे पर क्या हुआ था?
बीते महीने महीने इंडिगो एयरलाइन ने रांची से हैदराबाद जा रहे विमान में एक दिव्यांग बच्चे को बैठाने से इनकार कर दिया था।
एयरलाइन के स्टाफ ने बच्चे को 'अन्य यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा' बताकर उसके माता-पिता के साथ फ्लाइट में नहीं चढ़ने दिया।
लंबी कार यात्रा से परेशान बच्चे को उसके माता-पिता शांत कर रहे थे, तभी स्टाफ ने उनसे आकर कहा कि अगर वो 'सामान्य' नहीं हुआ तो उसे चढ़ने नहीं देंगे।
संशोधन
प्रस्तावित संशोधन में कही गई है यह बात
प्रस्तावित संशोधन में DGCA की तरफ से कहा गया है कि कोई भी एयरलाइन किसी यात्री को इस आधार पर विमान में बैठने से नहीं रोक सकती कि वह दिव्यांग है, लेकिन अगर कंपनी को लगे कि उड़ान के दौरान उस व्यक्ति की हालत बिगड़ सकती है तो उस यात्री की डॉक्टर से जांच करवाना अनिवार्य होगा।
डॉक्टर यह बताएगा कि वह व्यक्ति उड़ान भरने योग्य है या नहीं। इसके बाद कंपनियां उचित कदम उठा सकती हैं।
मौजूदा नियम
अभी तक क्या नियम है?
मौजूदा नियम के तहत एयरलाइंस किसी भी दिव्यांग व्यक्ति को इस आधार पर विमान में बैठने देने से इनकार कर सकती है अगर उसे लगता है कि ऐसे व्यक्ति का बैठने उड़ान के लिए खतरा पैदा कर सकता है। ऐसी स्थिति में एयरलाइन को अपना कारण लिखित में देना होता है।
रांची हवाई अड्डे पर हुई घटना के बाद से इस नियम में बदलाव की मांग उठी और DGCA ने भी नियमों की समीक्षा की बात कही थी।
जानकारी
डॉक्टरों की सलाह होगी जरूरी
पिछले ही महीने नियंत्रक ने कहा था कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को होने से रोकने के लिए नियमों में बदलाव किया जाएगा और एयरलाइंस के लिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी किया जाएगा। इसके आधार पर ही एयरलाइंस फैसला ले सकेंगी।
जानकारी
इंडिगो पर लगा था 5 लाख रुपये का जुर्माना
दिव्यांग बच्चे को विमान में बैठने से रोकने के मामले में इंडिगो पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
DGCA) ने जुर्माना लगाते हुए कहा था कि जांच में पता चला है कि दिव्यांग बच्चे के साथ इंडिगो ग्राउंड स्टाफ का बर्ताव ठीक नहीं था और इससे स्थिति खराब हो गई।
विशेष परिस्थितियों में असाधारण प्रतिक्रिया की जरूरत होती है, लेकिन एयरलाइन स्टाफ ने यहां निराश किया और इस दौरान दिशानिर्देशों को लागू करने में गलतियां की।