
कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में लगभग 115 रुपये की कटौती, घरेलू में कोई बदलाव नहीं
क्या है खबर?
आम जनता को महंगाई से राहत देने की कोशिश करते हुए तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम के कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में कटौती की है। आज जारी की गई नई कीमतों में कमर्शियल सिलेंडर के दामों में 113 रुपये से लेकर 116.5 रुपये तक की कमी की गई है।
ये पिछले चार महीनों में छठवीं बार है जब देश में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में कटौती की गई है।
नई कीमतें
किस महानगर में कितनी हुई कीमत?
दिल्ली में 19 किलो के कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 115.50 रुपये की कटौती हुई है और अब ये 1,859.50 रुपये की जगह 1,744 रुपये में मिलेगा।
वहीं मुंबई में इसकी कीमत 1,811.50 रुपये से घटकर 1,696 रुपये हो गई है।
इसी तरह चेन्नई में कमर्शियल सिलेंडर अब 116.5 रुपये कम होकर 2,009.50 रुपये की बजाय 1,893 रुपये में मिलेगा, वहीं कोलकाता में इसकी कीमत 113 रुपये घटकर 1,959 रुपये से 1,846 रुपये पर आ गई है।
कटौती
1 अक्टूबर को 25.50 रुपये घटाई गई थी कमर्शियल सिलेंडर की कीमत
इससे पहले आखिरी बार 1 अक्टूबर को कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में कटौती की गई थी। तब इसकी कीमत में 25.50 रुपये की कमी की गई थी।
अक्टूबर से पहले सितंबर, अगस्त और जुलाई में भी कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में कटौती हुई थी।
इसके दाम 1 सितंबर को 100 रुपये, 1 अगस्त को 36 रुपये, 6 जुलाई को 8.50 रुपये और 1 जुलाई को 198 रुपये घटाए गए थे।
टैक्स के कारण अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग कीमत होती है।
रसोई गैस
रसोई गैस की कीमत में कोई बदलाव नहीं
14.2 किलोग्राम के रसोई गैस के सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह दिल्ली में पहले की तरह 1,053 रुपये में ही मिलेगा।
मुंबई में इसकी कीमत 1,052.50 रुपये है, वहीं कोलकाता में यह 1,079 रुपये, चेन्नई में 1,068.50 रुपये और हैदराबाद में 1,100 रुपये में मिल रहा है।
आखिरी बार 6 जुलाई को इसकी कीमत में 50 रुपये की वृद्धि की गई थी और इसके बाद इसकी कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ।
महंगाई
महंगाई से त्रस्त है आम जनता
गौरतलब है कि LPG की कीमतें ऐसे समय पर आसमान छू रही हैं जब आम जनता पहले से ही महंगाई से त्रस्त है।
दूध से लेकर सब्जियों और खाने के अन्य सामानों की कीमतें आसमान छू रही हैं और महंगाई दर 7.50 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है।
सरकार ने पैक किए गए आटे, दूध और दही जैसी चीजों पर GST लगाने का निर्णय भी लिया है। इससे भी आम आदमी की जेब पर असर पड़ा है।