
NEET काउंसलिंग: केंद्र का सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा, EWS मापदंडों में इस साल नहीं होगा बदलाव
क्या है खबर?
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट स्नातकोत्तर (NEET-PG) काउंसलिंग 2021 का लंबे समय से इंतजार कर रहे छात्रों के लिए राहत भरी खबर है।
केंद्र सरकार ने NEET-PG में ऑल इंडिया कोटा (AIQ) में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के आरक्षण के पुराने मानदंड को बरकरार रखने का निर्णय लिया है।
केंद्र सरकार मौजूदा सत्र के लिए EWS कोटे में आठ लाख रुपये तक की आय के मानदंड में बदलाव नहीं करेगी।
बात
केंद्र सरकार ने एक्सपर्ट कमिटी की बात मानी
न्यूज 18 के अनुसार, केंद्र सरकार ने इस मामले में एक्सपर्ट कमिटी की तरफ से जो सुझाव दिए गए थे, उन्हें मान लिया है।
एक्सपर्ट कमिटी ने सरकार को सुझाव दिया था कि सत्र के बीच में बदलाव करने से सरकार के लिए ही परेशानी बढ़ेगी और इसलिए इसे अगले सत्र से ही लागू किया जाए।
बता दें कि NEET-PG काउंसलिंग में देरी होने के कारण सरकारी अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर्स ने देशव्यापी हड़ताल भी की थी।
हलफनामा
हलफनामे में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से क्या कहा?
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करते हुए NEET-PG पाठ्यक्रम में एडमिशन के लिए काउंसिलिंग कराने की इजाजत मांगी है।
हलफनामे में केंद्र ने कहा है कि इस साल वह आठ लाख रुपये तक की आय वाले अभ्यर्थियों को ही EWS के तहत दाखिला देना चाहती है क्योंकि बीच में मापदंडों के बदलाव से परेशानियां बढेंगी।
इसके साथ ही केंद्र ने कहा कि अगले सत्र से EWS के मापदंडों में बदलाव किया जा सकता है।
सुझाव
एक्सपर्ट कमिटी ने अगले साल होने वाली परीक्षा के लिए क्या सुझाव दिया?
एक्सपर्ट कमिटी ने सुझाव दिया है कि NEET काउंसलिंग में EWS कोटे के लाभ के लिए परिवार की 8 लाख रुपए तक सालाना आय के साथ उन परिवारों के उम्मीदवारों को भी शामिल किया जाएगा जिनके पास पांच एकड़ से कम कृषि भूमि है।
इससे अब यह साफ हो गया है कि अगले साल होने वाली NEET परीक्षा में जिन परिवारों के पास पांच एकड़ या इससे अधिक कृषि भूमि है, उनको EWS कोटे से बाहर रखा जाएगा।
मामला
NEET-PG काउंसलिंग मामले में कब क्या हुआ?
NEET-PG काउंसलिंग में EWS आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई गई थी।
25 नवंबर, 2021 को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि आठ लाख रुपए तक की सालाना आय की सीमा पर उठाए गए सवालों को लेकर उसने एक्सपर्ट कमिटी बनाई है।
इसके बाद केंद्र सरकार ने 30 नवंबर, 2021 को वित्त सचिव अजय भूषण पांडे की अगुआई में कमिटी बनाई।
इस मामले में अब 6 जनवरी, 2022 को सुनवाई होगी।