
PNB में धोखाधड़ी का एक और मामला, तमिलनाडु की कंपनी ने लगाया 2,060 करोड़ का चूना
क्या है खबर?
घाटे में चल रहे पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में ऋण धोखाधड़ी का एक और बड़ा मामला सामने आया है।
नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी इंन्फ्रास्टक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशल सर्विस (IL&FS) तमिलनाडु पावर कंपनी लिमिटेड ने PNB से लिए 2,060.14 करोड़ रुपये का ऋण नहीं चुकाया है।
ऐसे में अब PNB ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को अपनी दिल्ली शाखा लार्ज कॉर्पोरेट बैंक में कंपनी के गैर-निष्पादित खाते (NPA) में 2,060.14 करोड़ की धोखाधड़ी की सूचना दी है।
सूचना
PNB ने RBI को क्या दी है सूचना?
PNB ने पूंजी बाजार नियामक (SEBI) के दिशानिर्देशों के अनुसार एक एक्सचेंज फाइलिंग में RBI को इस धोखाधंडी की जानकारी दी है।
PNB ने फाइलिंग में कहा कि दिल्ली के जोनल ऑफिस के एक्स्ट्रा लार्ज कॉरपोरेट शाखा में IL&FS तमिलनाडु पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (ITPCL) के NPA खाते में 2060.14 करोड़ रुपये लोन धोखाधड़ी हुई है।
हालांकि, बैंक ने इस मामले में अपने निर्धारित नियमों के हिसाब से 824.06 करोड़ रुपये की रिकवरी प्रक्रिया को शुरू कर दिया है।
अन्य
एक महीने पहले पंजाब एंड सिंध बैंक ने दी थी धोखाधड़ी की सूचना
बता दें कि इस घटना से ठीक एक महीने पहले एक अन्य राज्य के स्वामित्व वाले ऋणदाता पंजाब एंड सिंध बैंक (P&SB) ने IL&FS तमिलनाडु के NPA खाते को 148 करोड़ रुपये की बकाया राशि के रूप में धोखाधड़ी खाता घोषित किया था।
बैंक ने सूचना में कहा था कि IL&FS तमिलनाडु पावर कंपनी लिमिटेड पर 148.86 करोड़ रुपये के कर्ज को धोखाधड़ी घोषित की गई है। इसकी जानकारी RBI को भी दी गई थी।
डिफॉल्टर
साल 2018 में डिफॉल्टर हो गई थी IL&FS
बता दें कि IL&FS तमिलनाडु पावर कंपनी लिमिटेड को कुड्डालोर में थर्मल पावर परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए अपने ऊर्जा मंच के तहत IL&FS द्वारा स्थापित किया गया था।
IL&FS साल 2018 में उस समय डिफॉल्टर हो गई थी जब उसके द्वारा निवेश करने के बाद लिंबो की कई परियोजनाएं असफल हो गई थी।
उस समय IL&FS करीब 94,000 करोड़ रुपये घाटे में चल रही थी। उसके बाद कंपनी ने बैंक से लिया ऋण भी नहीं चुकाया।
पुनरावृत्ति
पहले भी घोटाले की मार झेल चुका है PNB
PNB में ऋण घोटाले का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले साल 2018 में भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी ने अपने मामा मेहुल चोकसी के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए PNB समेत कई बैंकों से कर्ज लिया था और बाद में इसे चुकाया नहीं।
उन्होंने बैंकों को लगभग 14,000 करोड़ रुपये का चूना लगाया था और इसमें सबसे अधिक 6,500 करोड़ का घोटाला PNB से किया गया था। 2019 में नीवर देश छोड़कर फरार हो गया था।
प्रयास
PNB को घाटे से निकालने के लिए सरकार और RBI ने किए हैं कई प्रयास
नीरव मोदी के घोटाले के बाद PNB बड़े घाटे में चला गया था। इसके बाद सरकार और RBI ने उसे घाटे से निकालने के लिए कई कदम उठाए थे।
इसके तहत अक्टूबर 2018 में पुराने बोर्ड को हटाकर नए बोर्ड का गठन किया गया था।
उस दौरान कोटक महिंद्रा बैंक के उदय कोटक, टेक महिंद्रा के विनीत नैयर, जीएन वाजपेयी, ICICI बैंक के पूर्व अध्यक्ष जीसी चतुर्वेदी, मालिनी शंकर और नंद किशोर को बोर्ड की बागडोर दी गई थी।