
भारत NCAP क्रैश टेस्ट दिसंबर में होगा शुरू, सबसे पहले भाग लेंगी ये गाड़ियां
क्या है खबर?
भारत न्यू कार असिस्टेंस प्रोग्राम (BNCAP) को 1 अक्टूबर, 2023 को लॉन्च किया गया था। इस पहल के साथ भारत क्रैश टेस्ट प्रोग्राम पेश करने वाला दुनिया का 5वां देश बन गया है।
भारत NCAP क्रैश टेस्ट में गाड़ियों की टेस्टिंग 15 दिसंबर के बाद शुरू होगी। इसके तहत अलग-अलग कंपनियों के लगभग 3 दर्जन से भी अधिक गाड़ियों की टेस्टिंग होगी।
आइये जानते हैं कि इस बारे में क्या कुछ जानकारी मिली है।
क्रैश टेस्ट
भारत NCAP क्रैश टेस्ट क्या है?
गाड़ियों की सुरक्षा की जांच के लिए कंपनियां क्रैश टेस्ट रेंटिंग का सहारा लेती हैं। इस वजह से भारत में वाहनों की सुरक्षा जांच के लिए भारत NCAP क्रैश टेस्ट लॉन्च किया गया है।
यह ग्लोबल NCAP और यूरोपियन NCAP प्रोग्राम की तरह ही है। इसमें 8-सीटर तक की गाड़ियों को हिस्सा लेना होगा। इसके अलावा सभी 3.5 टन से कम वजन वाली गाड़ियां इस क्रैश टेस्ट में हिस्सा ले सकेंगी।
बयान
5-स्टार रेटिंग के लिए प्रतिस्पर्धा कर रही कार कंपनियां
इस बारे में बात करते हुए एक सरकारी अधिकारी ने कहा, "भले ही सुरक्षा रेटिंग सभी गाड़ियों के लिए अनिवार्य नहीं हैं, हमें कार निर्माताओं से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और वे सभी 5-स्टार रेटिंग के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।"
उन्होंने बताया कि टाटा मोटर्स पहली ऐसी ऑटोमोबाइल कंपनी है, जिसने अपनी गाड़ियों को भारत NCAP क्रैश टेस्ट के लिए रजिस्टर किया है।
जानकारी के अनुसार, टाटा अपनी सभी गाड़ियों को क्रैश टेस्ट के लिए भेजेगी।
गाड़ियां
ये कंपनियां भी भेजेंगी अपनी गाड़ियां
टाटा मोटर्स के अलावा मारुति सुजुकी, हुंडई और महिंद्रा भी अपनी गाड़ियों को भारत NCAP में क्रैश टेस्ट के लिए भेजेंगी।
बता दें कि इन सभी गाड़ियों के बेस वेरिएंट्स की 3 यूनिट्स की टेस्टिंग होगी। इस तरह दिसंबर में करीब 36 गाड़ियों की टेस्टिंग की जाने की उम्मीद है।
दूसरी तरफ रेनो, स्कोडा और फॉक्सवैगन जैसी यूरोप की कार कंपनियों ने अभी तक अपनी गाड़ियों को भारत NCAP क्रैश टेस्ट में भेजने की कोई भी जानकरी नहीं दी है।
गाड़ियां
ये मॉडल्स लेंगे भारत NCAP में भाग
बता दें कि मारुति सुजुकी अपनी ब्रेजा, बलेनो और ग्रैंड विटारा को भारत NCAP क्रैश टेस्ट के लिए भेजेगी, वहीं हुंडई भी अपनी 3 गाड़ियां हुंडई क्रेटा, एक्सटर और i20 को क्रैश टेस्ट के लिए भेजेगी।
महिंद्रा एंड महिंद्रा अपने 4 मॉडल्स महिंद्रा स्कॉर्पियो-N, XUV700, XUV300 और स्कॉर्पियो क्लासिक को भारत NCAP में भेजेगी। टाटा मोटर्स भी हाल ही में लॉन्च हुई टाटा सफारी और हैरियर फेसलिफ्ट की क्रैश टेस्टिंग भारत NCAP से करवाने की तैयारी में है।
काम
कैसे काम करेगा भारत NCAP क्रैश टेस्ट प्रोग्राम?
भारत NCAP क्रैश टेस्ट 5 चरण में काम करेगा।
1- पहले कार कंपनी को एक मॉडल नामांकित करना होगा।
2- फिर भारत NCAP के प्रतिनिधि कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट या डीलर आउटलेट से किसी भी बेस मॉडल का चुनाव करेंगे।
3- इसके बाद भारत NCAP क्रैश टेस्ट करेगा।
4- गाड़ियों की क्रैश टेस्ट रेटिंग को कार बनाने वाली कंपनी के साथ साझा किया जाएगा।
5- अंत में भारत NCAP टेस्ट के हिसाब से गाड़ी को सर्टिफिकेट मिलेगा।
टेस्ट
इन मानदंडों के अनुसार बना है भारत NCAP
भारत NCAP क्रैश टेस्ट को AIS-197 क्रैश टेस्टिंग मानदंडों के अनुसार डिजाइन किया गया है।
इस प्रोग्राम को ग्लोबल NCAP, सड़क मंत्रालय, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट (CIRT) और ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) और इंटरनेशनल सेंटर जैसी टेस्ट एजेंसियों की विशेषज्ञ टीम ने साथ मिलकर बनाया है।
यह देश का पहला और अपना कार क्रैश टेस्ट प्रोग्राम है, जिसके आधार पर देश में उपलब्ध गाड़ियों को सेफ्टी रेटिंग दी जाएगी।
न्यूजबाइट्स प्लस
न्यूजबाइट्स प्लस (जानकारी)
बता दें कि भारत NCAP के तहत क्रैश टेस्ट में भाग लेने वाली गाड़ियों को 1 से 5 स्टार के बीच रेटिंग दी जाएगी। ऐसा ही ग्लोबल NCAP और यूरोपियन NCAP प्रोग्राम में होता है।
भारत NCAP क्रैश टेस्ट के जरिये पैदल चलने वालों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा बढ़ाने पर अधिक जोर रहेगा।
इसके तहत कार की संरचनात्मक सुरक्षा, व्यस्क लोगों की सुरक्षा और बच्चे की सुरक्षा जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर टेस्टिंग की जाएगी।