
बीते साल इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में आया 163 प्रतिशत उछाल, उत्तर प्रदेश ने सबको पछाड़ा
क्या है खबर?
केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में बताया कि साल 2021 में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को काफी प्रोत्साहन मिला, जिससे इनकी बिक्री में जबरदस्त 163 प्रतिशत का उछाल देखा गया है।
2021 में देश में कुल 3,24,840 इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर किये गए थे।
ये पेट्रोल और डीजल वाली गाड़ियों की कुल बिक्री का 1.7 प्रतिशत था। वहीं, सबसे ज्यादा EV बिक्री करने वाले राज्यों में उतर प्रदेश सबसे ऊपर है।
सेल्स रिपोर्ट
इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति बढ़ रही है रुचि
बीते साल काफी लोगों का रुझान इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति देखने को मिला।
2019 में भारत में कुल 1,64,852 यूनिट्स EVs की बिक्री हुई थी। यह 2020 में 25 प्रतिशत घटकर 1,23,528 यूनिट्स हो गई।
फिर 2021 में इस सेगमेंट ने रफ्तार पकड़ी और 163 प्रतिशत की बिक्री बढ़त हासिल की।
इसमें दोपहिया वाहनों ने 422 प्रतिशत, तीन पहिया वाहनों ने 75 प्रतिशत और चार पहिया वाहनों की 230 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की।
बिक्री
उत्तर प्रदेश बना सबसे ज्यादा बिक्री करने वाला राज्य
इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में बीते साल उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे और बेचे गए।
2021 में राज्य में कुल 66,702 EVs का रजिस्ट्रेशन हुआ, जो साल 2020 के मुकाबले 113.38 प्रतिशत ज्यादा है।
वहीं, 242 प्रतिशत बढ़त के साथ कर्नाटक दूसरा सबसे ज्यादा EV बिक्री करने वाला राज्य रहा। कर्नाटक ने बीते साल 33,307 यूनिट्स EVs की बिक्री की।
इसके बाद तमिलनाडु ने 30,037 यूनिट्स और महाराष्ट्र 29,860 यूनिट्स के साथ अपनी जगह बनाई है।
गिरावट
पेट्रोल और डीजल वाली गाड़ियों की बिक्री घटी
एक तरफ जहां इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ी है, वहीं पेट्रोल और डीजल वाली गाड़ियों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है।
2021 में इन गाड़ियों की बिक्री में 0.98 प्रतिशत की कमी आई। बीते साल इस सेगमेंट में 1,83,12,760 यूनिट्स रजिस्टर्ड किये गए थे।
वहीं, 2020 में 22.43 प्रतिशत की कमी देखी गई है। 2019 का भी यही हाल रहा था, उस दौरान पेट्रोल और डीजल से चलने वाली गाड़ियों में 25 प्रतिशत की बिक्री गिरावट आई थी।
सब्सिडी लाभ
इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिल रही है कई तरह की सब्सिडी
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने के लिए परिवहन मंत्रालय लगातार छूट की पेशकश कर रहा है।
इसमें FAME-II नीति के तहत सब्सिडी इंसेन्टिव को 10,000 रुपये प्रति kWh से बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति kWh कर दिया गया है। साथ ही इस योजना को को 2024 तक बढ़ाने का फैसला भी लिया गया है।
इसके अलावा केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस भी माफ कर दी गई है।