
अमित शाह का निजी सचिव बनकर गडकरी के स्टाफ के पास किया फोन, गिरफ्तार
क्या है खबर?
पुलिस ने एक ऐसे शातिर व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जिसने खुद को गृह मंत्री अमित शाह का निजी सचिव बताकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के स्टाफ के पास फोन किया और अपने दोस्त का ट्रांसफर रोकने को कहा।
शिकायत मिलने के बाद जब उसकी तलाश शुरू हुई तो वह पुलिस से बचता हुआ मुंबई से इंदौर आ गया, लेकिन यहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
आइये, विस्तार से इस मामले के बारे में जानते हैं।
मामला
शिबू ने 3 जुलाई को किया थो फोन
इंडिया टूडे के मुताबिक, अभिषेक द्विवेदी उर्फ शिबू ने 3 जुलाई को खुद को अमित शाह का निजी सचिव बताते हुए सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के स्टाफ के पास फोन किया।
शिबू ने फोन कर ग्वालियर के परिवहन आयुक्त कार्यालय में तैनात अपने दोस्त और परिवहन निरीक्षक का ट्रांसफर रोकने को कहा।
शिबू के दोस्त को दूसरे जिले में ट्रांसफर किया जा रहा था। शिबू ने उसके ट्रांसफर के आदेश में संशोधन करने को कहा।
जानकारी
शिकायत मिलने पर पुलिस ने दर्ज किया मामला
गडकरी ने स्टाफ इसकी जानकारी उनके कार्यालय के साथ-साथ अमित शाह के निजी सचिव को भी दी। जानकारी मिलने के बाद शाह के निजी सचिव ने पुलिस में इसकी शिकायत दी, जिसके बाद शिबू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।
घटना
मुंबई से भागकर इंदौर पहुंच गए शिबू
जांच के दौरान पाया गया कि जिस नंबर से यह फोन किया गया, वह मध्य प्रदेश के रीवा जिले के अभिषेक द्विवेदी के नाम पर रजिस्टर है और इसकी लोकेशन मुंबई पाई गई।
इसके बाद पुलिस ने शिबू की तलाश में मुंबई के कोलांबेली, खारगर, बेलापुर और तलोजा आदि इलाकों में दबिश दी। पुलिस को अपने पीछे देख शिबू मुंबई से मध्य प्रदेश के इंदौर भाग आए। यहां वो पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
बरामदगी
पुलिस ने बरामद किया फोन और सिम कार्ड
पुलिस ने शिबू के पास से फोन और सिम कार्ड बरामद कर लिया है, जिससे उन्होंने कॉल की थी।
पूछताछ में उन्होंने बताया कि उनके बचपन के दोस्त विनय सिंह बघेल ने अपना ट्रांसफर ऑर्डर रद्द करवाने को कहा था। यह भी पता चला कि शिबू रीवा पहले भी कई अपराधों में शामिल रहे हैं।
स्थानीय अदालत ने शिबू को चार दिन की ट्रांजिट रिमांड पर सौंप दिया है। दिल्ली आने के बाद उन्हें फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा।