
स्वस्थ बच्चों को वैक्सीन की बूस्टर डोज की जरूरत के नहीं मिले हैं कोई सबूत- WHO
क्या है खबर?
कोरोना वायरस के बेहद संक्रामक ओमिक्रॉन वेरिएंट के सामने आने के बाद से संक्रमण के मामलों में बड़ा उछाल आया है।
इस वेरिएंट से बच्चों के भी बड़ी संख्या में संक्रमित होने को देखते हुए उनके वैक्सीनेशन के साथ बूस्टर डोज पर भी चर्चा तेज हो गई है।
इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की प्रमुख वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने कहा है कि स्वस्थ बच्चों को बूस्टर डोज की आवश्यकता के संबंध में अभी तक कोई सबूत नहीं मिले हैं।
बयान
बूस्टर डोज की आवश्यकता का पता लगाने के लिए अध्ययन की जरूरत- स्वामीनाथन
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, स्वामीनाथन ने कहा, "कोरोना वायरस के तेजी से फैलने वाले ओमाइक्रोन वेरिएंट के खिलाफ समय के साथ वैक्सीन से मिलने वाली इम्यूनिटी में कुछ कमी आई है। ऐसे में यह पता लगाने के लिए और अधिक अध्ययन किए जाने की आवश्यकता है कि बूस्टर डोज की आवश्यकता किसे है।"
उन्होंने कहा, "अभी तक इस बात के कोई भी सबूत नहीं मिले हैं कि स्वस्थ बच्चों या स्वस्थ किशोरों को बूस्टर डोज की जरूरत है।"
विचार
"बूस्टर डोज की आवश्यकता पर किया जाएगा विचार"
स्वामीनाथ ने कहा, "WHO ने आबादी के कुछ कमजोर वर्गों को बूस्टर डोज की आवश्यकता को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। प्रमुख विशेषज्ञों का एक समूह इस सप्ताह के अंत में आयोजित बैठक में बूस्टर डोज की आवश्यकता वालों पर चर्चा करेगा।"
उन्होंने कहा, "WHO का उद्देश्य सबसे कमजोर लोगों, गंभीर बीमारी और मृत्यु के उच्चतम जोखिम वाले लोगों की रक्षा करना है। इसी तरह बुजुर्गों के साथ स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।"
चुनौती
बूस्टर डोज के प्रयासों को चुनौती है स्वामीनाथन का बयान
इस समय कई देश बच्चों को बूस्टर डोज पर जोर दे रहे हैं। अमेरिका इसमें सबसे आगे है।
वहां खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने इस महीने की शुरुआत में फाइजर वैक्सीन की बूस्टर डोज को 12 से 15 साल के बच्चों पर उपयोग की मंजूरी दी है।
इजरायल, हंगरी और जर्मनी भी 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को बूस्टर डोज देने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में स्वामीनाथन का बयान इन प्रयासों के लिए चुनौती है।
इम्यूनिटी
डेल्टा के खिलाफ इम्यूनिटी बढ़ा सकता है ओमिक्रॉन- स्वामीनाथन
बूस्टर डोज के अलावा स्वामीनाथन ने इम्यूनिटी को लेकर भी बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन वेरिएंट का संक्रमण डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ इम्यूनिटी को बढ़ा सकता है, लेकिन इसके लिए संक्रमित का वैक्सीन की दोनों खुराक लेना आवश्यक है।
सीधे शब्दों में कहा जाए तो यदि किसी व्यक्ति ने वैक्सीन की दोनों खुराक ले रखी है तो ओमिक्रॉन वेरिएंट का संक्रमण उसकी इम्यूनिटी में बहुत अधिक इजाफा कर सकता है। हालांकि, इस पर शोध जारी है।
चेतावनी
कहीं भी खत्म नहीं हुई है कोरोना महामारी- गेब्रियेसस
इधर, WHO महानिदेशक डॉ टेड्रोस एडनॉम गेब्रियेसस ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अभी विश्व में कहीं भी कोरोना वायरस महामारी खत्म नहीं हुई है और ओमिक्रॉन के बाद भी इसके नये वेरिएंट सामने आने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन का जोखिम औसतन कम हो सकता है, लेकिन इसे हल्की बीमारी बताया जाना भ्रामक है। यह कम मौतों और कम गंभीर मामलों के बावजूद देशों की स्वास्थ्य सुविधाओं को प्रभावित कर रहा है।
संक्रमण
भारत और दुनिया में क्या है कोरोना संक्रमण की स्थिति?
भारत में पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 2,82,970 नए मामले सामने आए और 441 मरीजों की मौत हुई।
इसी के साथ देश में कुल संक्रमितों की संख्या 3,79,01,241 हो गई है। इनमें से 4,87,202 लोगों की मौत हुई है।
इसी तरह दुनियाभर में अब तक 33.36 करोड़ लोग संक्रमित हो चुके हैं, वहीं 55.54 लाख लोगों की मौत हुई है।
सर्वाधिक प्रभावित अमेरिका में 6.76 करोड़ लोग संक्रमित हो चुके हैं और 8.54 लाख लोगों की मौत हुई है।