
कोरोना वैक्सीन का बूस्टर शॉट देने की रफ्तार पहली खुराक से ज्यादा, WHO ने जताई नाराजगी
क्या है खबर?
गरीब देशों में वैक्सीन की कमी के बीच अमीर देशों में दी जा रही तीसरी खुराक या बूस्टर शॉट पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने नाराजगी जाहिर की है।
संगठन का कहना है कि गरीब देशों में जितने लोगों को रोज पहली खुराक लग रही है, अमीर देश उससे छह गुना अधिक तीसरी खुराक लगा रहे हैं।
इस असमानता को 'स्कैंडल' करार देते हुए संगठन के प्रमुख डॉ टेड्रोस टेड्रोस अधेनोम गेब्रिएसेस ने कहा कि इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
वैक्सीनेशन अभियान
वैक्सीन वितरण में असमानता की आलोचना करता आया है WHO
वैक्सीन कवरेज में असमानता को लेकर WHO लगातार अमीर देशों की आलोचना करता आया है।
एक तरफ अमीर देश जहां जरूरत से अधिक खुराकों के साथ बूस्टर शॉट देना शुरू कर चुके हैं तो दूसरी तरफ गरीब देशों के पास अभी अपने फ्रंटलाइन कर्मियों, बुजुर्गों और अधिक जोखिम का सामना कर रहे अन्य लोगों को भी देने के लिए पर्याप्त खुराकें नहीं हैं।
अगस्त में भी WHO ने अमीर देशों से बूस्टर शॉट न देने की अपील की थी।
बूस्टर शॉट
92 देशों ने नजरअंदाज की WHO की अपील
WHO की अपील को नजरअंदाज करते हुए अमेरिका और जर्मनी आदि ने अपनी आबादी को बूस्टर शॉट देने शुरू कर दिए हैं। अभी तक 92 देश बूस्टर शॉट देने की योजना को अंतिम रूप दे चुके हैं और इनमें से एक भी निम्न आय वाला देश नहीं है।
इम्युनिटी बढ़ाने के लिए दी जाने वाली खुराक को बूस्टर शॉट, जबकि जिन लोगों में दो खुराकें लेने से पर्याप्त एंटीबॉडी नहीं बनती, उन्हें दी जाने वाली खुराक तीसरी खुराक कहलाती है।
वैक्सीनेशन
गरीब देशों की केवल 4.5 प्रतिशत आबादी को मिली पहली खुराक
संगठन ने बताया कि दुनिया में रोजाना करीब तीन करोड़ खुराकें लगाई जा रही हैं, जिनमें से एक चौथाई बूस्टर शॉट या तीसरी खुराकें होती हैं।
आंकड़ों से पता चलता है कि निम्न आय वाले देशों की केवल 4.5 प्रतिशत आबादी को अभी तक वैक्सीन की पहली खुराक लग पाई है, जबकि कई अमीर देश अपनी आधी से अधिक आबादी को पूरी तरह वैक्सीनेट कर चुके हैं।
कई जगहों पर बूस्टर शॉट की जरूरत पर भी बहस चल रही है।
चेतावनी
WHO ने कहा- वैक्सीनेशन के साथ ऐहतियात भी जरूरी
कई यूरोपीय देशों में कोरोना के बढ़ते मामलों की तरफ इशारा करते हुए WHO ने कहा कि वैक्सीनेशन के साथ-साथ ऐहतियात बरतना भी जरूरी है।
डॉ टेड्रोस ने कहा कि केवल वैक्सीन तक पहुंच महामारी से नहीं बचा सकती। सभी देश स्थिति को देखते हुए कदम उठा सकते हैं, लेकिन महामारी पर नियंत्रण रखने और स्वास्थ्य व्यवस्था को दबाव से बचने के लिए सामाजिक दूरी और मास्क पहनने जैसे प्रयासों का सहारा लेना चाहिए।
कोरोना वैक्सीनेशन
दुनियाभर में वैक्सीनेशन की क्या स्थिति?
दुनियाभर में वैक्सीनेशन अभियान धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है।
ब्लूमबर्ग के अनुसार, अभी तक पूरी दुनिया में 7.4 अरब से अधिक खुराकें लगाई जा चुकी हैं और 2.3 अरब खुराकों के साथ चीन वैक्सीनेशन कवरेज में सबसे आगे हैं और उसकी 75 फीसदी आबादी पूरी तरह वैक्सीनेट हो चुकी है।
सर्वाधिक खुराकों के मामले में भारत दूसरे नंबर पर है। यहां 1.11 अरब खुराकें लगाई गई हैं और करीब 40 फीसदी व्यस्क आबादी को दोनों खुराकें लग चुकी हैं।