
बिहार विधानसभा चुनाव: इन 11 सीटों पर एक हजार से भी कम रहा जीत का अंतर
क्या है खबर?
बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना के बाद सभी 243 सीटों के परिणाम आ गए हैं। बिहार की जनता ने इस बार भी भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को मौका दिया है।
सामने आए परिणामों में NDA को 125, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नीत महागठबंधन को 110 और चिराग पासवान की जन लोकशक्ति पार्टी सहित अन्य दलों को आठ सीटें मिली।
यहां 11 सीटों पर कड़ी टक्कर देखने को मिली और जीत का अंतर 1,000 से कम वोटों का रहा।
#1
हिलसा में JDU उम्मीदवार ने महज 12 वोटों से हासिल की जीत
चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार हिलसा में बेहद कांटे की टक्कर देखने को मिली। यहां JDU उम्मीदवार कृष्ण मुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया ने महज 12 वोटों से जीत हासिल की।
मतगणना में उन्हें 61,848 वोट मिले थे, जबकि निकटतम प्रतिद्वंद्वी RJD उम्मीदवार अत्री मुनि उर्फ शक्ति सिंह यादव को 61,836 वोट मिले।
इस दौरान दो बार रिकाउंटिंग भी कराई गई, लेकिन आखिरकार JDU उम्मीदवार ने जीत हासिल कर ली।
#2 और #3
बरबीघा और रामगढ़ में 200 वोट से कम रहा जीत का अंतर
बरबीघा सीट पर JDU के उम्मीदवार सुदर्शन कुमार ने कांग्रेस के गजानन शाही को हराकर जीत हासिल की। इस सीट पर जीत का अंतर महज 113 वोटों का रहा।
इसी तरह रामगढ़ सीट पर RJD के सुधाकर सिंह ने कांटे के मुकाबले के बाद 189 वोटों से जीत हासिल की।
उन्होंने बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) की अंबिका सिंह को हराया। दोनों सीटों पर मतगणना पूरी होने तक समर्थकों की सांसे ऊपर-नीचे होती रही।
#4, #5, #6 और #7
इन सीटों सीट पर 500 वोट से कम रहा जीत का अंतर
मटिहानी विधानसभा सीट पर जीत का अंतर सिर्फ 333 वोट रहा। यहां लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के राज कुमार सिंह ने JDU के नरेंद्र कुमार को हराया।
इसी तरह भोरे सीट पर JDU के सुनील कुमार ने 462 वोटों से जीत हासिल की।
देहरी विधानसभा सीट पर RJD के फतेहबहादुर ने भाजपा के सत्य नारायण को 464 वोटों के अंतर से हराया, वहीं बछवारा सीट पर भाजपा के सुरेंद्र मेहता ने 484 वोटों से जीत हासिल की।
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यहां 1,000 वोटों से कम रहा जीत का अंतर
चकाई विधानसभा सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार सुमित कुमार सिंह ने जीत हासिल की। उन्होंने RJD की सावित्री देवी को 581 वोटों से हराया।
इसी तरह कुरहानी में RJD के अनिल कुमार सहानी ने भाजपा के केदार प्रसाद गुप्ता को 712 वोटों के अंतर से धूल चटाई।
बखरी सीट पर जीत का अंतर 777 वोट था। यहां CPI नेता सूर्यकांत पासवान ने भाजपा के राम शंकर पासवान को हराया।
परबत्ता सीट पर JDU के संजीव कुमार 951 वोटों से जीते।
पार्टियों की स्थिति
किस पार्टी को मिली कितनी सीटें?
अलग-अलग पार्टियों की बात करें तो NDA में शामिल भाजपा ने 74 सीटें जीती और वह दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
वहीं नीतीश कुमार की JDU 43 सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाब हुई। उसका प्रदर्शन पिछली बार के मुकाबले काफी खराब रहा है।
महागठबंधन की राष्ट्रीय जनता दल (RJD) 75 सीटों के साथ इस बार सबसे बड़ी पार्टी बनी, जो पिछली बार के मुकाबले पांच कम हैं। कांग्रेस ने 19 और वामपंथी पार्टियों ने 17 सीटें जीती।
प्रतिशत
चुनाव में पार्टी वार यह रहा वोट शेयर
चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार इस बार RJD को 23.11 प्रतिशत वोट मिले हैं और उसका सबसे ज्यादा वोट शेयर रहा है।
इस मामले में भाजपा को 19.5 प्रतिशत वोट मिले हैं और वह दूसरे पायदान पर रही है। इसी तरह निर्दलीय उम्मीदवार तीसरे नंबर पर रहे हैं और उन्हें कुल 18.8 प्रतिशत वोट मिले हैं।
इनके अलावा JDU को 15.4 प्रतिशत, कांग्रेस को 9.48, LJP को 5.66 प्रतिशत वोट मिले हैं शेश अन्य को मिले हैं।