
विधानसभा उपचुनाव: 11 राज्यों की 59 सीटों में से 41 पर भाजपा का कब्जा
क्या है खबर?
मंगलवार को बिहार विधानसभा चुनाव के साथ-साथ 11 राज्यों की 59 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के भी नतीजे आए और इनमें भी भाजपा का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला।
भाजपा ने इन 59 में से 41 सीटों पर जीत दर्ज की और छह राज्य ऐसे रहे जहां उसकी लहर देखने को मिली। भाजपा के इस प्रदर्शन से कांग्रेस को सबसे अधिक 31 सीटों का नुकसान हुआ।
आइए सभी राज्यों के उपचुनावों के नतीजों पर विस्तार से नजर डालते हैं।
मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश की 28 में से 19 सीटें भाजपा ने जीतीं
जिन राज्यों में उपचुनाव हुए, उनमें मध्य प्रदेश में सबसे अधिक 28 सीटें दांव पर थीं। ये सभी सीटें पहले कांग्रेस के पास थीं और उसके विधायकों के इस्तीफे या उनकी मौत की वजह से खाली हुई थीं।
मंगलवार को आए नतीजों में भाजपा ने इनमें से 19 सीटों पर जीत दर्ज की, वहीं कांग्रेस महज नौ सीटें जीत पाई। इस तरह भाजपा को 19 सीटों का फायदा तो कांग्रेस को इतनी ही सीटों का नुकसान हुआ।
गुजरात
गुजरात में भाजपा का क्लीन स्वीप
मध्य प्रदेश के बाद गुजरात में सबसे अधिक 8 विधानसभा सीटें दांव पर थीं और इन सभी आठों सीटों पर जीत दर्ज कर भाजपा ने यहां क्लीन स्वीप किया।
मध्य प्रदेश की तरह यहां भी जीतने वाले आठ उम्मीदवारों में से पांच कांग्रेस के पूर्व विधायक थे जो राज्यसभा चुनाव से पहले पाला बदलकर भाजपा में आ गए थे।
इसी के साथ 182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा में अब कांग्रेस के 65 के मुकाबले भाजपा के 111 विधायक हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में सात में छह सीटों पर भाजपा का कब्जा
उत्तर प्रदेश तीसरा ऐसा बड़ा राज्य रहा जहां विधानसभा उपचुनाव में भाजपा का प्रदर्शन शानदार रहा। राज्य की सात सीटों पर उपचुनाव हुआ था और भाजपा ने इनमें से छह सीटों पर जीत दर्ज की, वहीं एक सीट अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के खाते में गई।
हालांकि यहां भाजपा को सीटों का फायदा नहीं हुआ क्योंकि जो छह सीटें उसने जीतीं, उन पर पहले भी उसी का कब्जा था। सपा ने भी अपने हिस्से की सीट जीती है।
मणिपुर और कर्नाटक
मणिपुर और कर्नाटक में भी भाजपा को फायदा, कांग्रेस को नुकसान
अन्य राज्यों की बात करें तो मणिपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने पांच में चार सीटों पर जीत दर्ज की। एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई। पहले इन पांचों सीटों पर कांग्रेस का कब्जा था और इस उपचुनाव में उसे पांच सीटों का नुकसान हुआ।
इसके अलावा कर्नाटक में भी भाजपा कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) से एक-एक सीट छीनने में कामयाब रही और राज्यों की दोनों सीटों पर जीत दर्ज की।
अन्य राज्य
तेलंगाना में भाजपा ने TRS से छीनी सीट, नागालैंड में सहयोगी पार्टी जीती
भाजपा तेलंगाना में भी एक विधानसभा सीट जीतने में कामयाब रही और उसके प्रत्याशी एम रघुनंदन राव ने मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) की प्रत्याशी सोलिपेता सुजाता को 1,079 वोटों के अंतर से हराया। इस जीत को तेलंगाना में भाजपा के बढ़ते प्रभाव के तौर पर देखा जा रहा है।
अन्य राज्यों की बात करें तो नागालैंड की दो सीटों में से एक पर भाजपा की सहयोगी NDPP ने जीत दर्ज की।
जानकारी
ओडिशा में भाजपा को एक सीट का नुकसान
ओडिशा एकमात्र ऐसा राज्य रहा जहां भाजपा को नुकसान उठाना होगा और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की बीजू जनता दल (BJD) ने उसके हिस्से की एक सीट पर जीत दर्ज की। राज्य में दो सीटों पर उपचुनाव हुए थे और दोनों पर BJD जीती।
कांग्रेस का प्रदर्शन
हरियाणा, छत्तीसगढ़ और झारखंड में ठीक-ठाक रहा कांग्रेस का प्रदर्शन
हरियाणा, छत्तीसगढ़ और झारखंड तीन ऐसे राज्य रहे जहां के उपचुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन ठीक-ठाक रहा।
हरियाणा और छत्तीसगढ़ दोनों में एक-एक सीट पर उपचुनाव हुआ था और इन दोनों ही जगह कांग्रेस ने जीत दर्ज की। जहां हरियाणा वाली सीट पहले भी उसके कब्जे में थी, वहीं छत्तीसगढ़ में उसने अजीत जोगी के परिवार का गढ़ माने जानी वाली सीट पर कब्जा किया है।
झारखंड में कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) एक-एक सीट जीतने में कामयाब रहीं।