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गुलाम नबी आजाद के बाद कौन बनेगा राज्यसभा का नेता विपक्ष? इन नेताओं के नाम आगे

गुलाम नबी आजाद के बाद कौन बनेगा राज्यसभा का नेता विपक्ष? इन नेताओं के नाम आगे

Feb 09, 2021
04:47 pm

क्या है खबर?

राज्यसभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद का कार्यकाल खत्म होने के बाद कांग्रेस के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। यह सवाल है गुलाम नबी के उत्तराधिकारी का। 15 फरवरी को गुलाम नबी का कार्यकाल खत्म होने के बाद कांग्रेस को राज्यसभा में नया नेता विपक्ष चुनना होगा और इसी को लेकर पार्टी में मंथन चल रहा है। आइए कुछ ऐसे नामों पर नजर डालते हैं जिन्हें यह जिम्मेदारी दी जा सकती है।

#1

मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम सबसे आगे

हिंदुस्तान अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, राज्यसभा में नेता विपक्ष बनने की रेस में जिन नेताओं का नाम आगे है, उनमें पूर्व रेलवे मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे प्रमुख हैं। दशकों के राजनीतिक अनुभव वाले खड़गे कांग्रेस पार्टी का एक बड़ा नाम हैं और दक्षिण भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वह 2014 से 2019 के बीच लोकसभा में नेता विपक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और कई मुद्दों पर पार्टी की आवाज रहे हैं।

#2

चिदंबरम का नाम भी आगे

पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम दूसरे ऐसे बड़े नेता हैं जिनका नाम राज्यसभा के नेता विपक्ष की रेस में सबसे आगे चल रहा है। खड़गे की तरह चिदंबरम को भी राजनीति का एक लंबा अनुभव है और वह राजनीतिक से आर्थिक तक, सभी तरह के मुद्दों पर पार्टी की राय जोर-शोर से रख सकते हैं। वह UPA सरकार के कार्यकाल में वित्त मंत्री और गृह मंत्री जैसे अहम पद भी संभाल चुके हैं और उन्हें प्रशासन की अच्छी समझ है।

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अन्य नेता

आनंद शर्मा और कपिल सिब्बल भी रेस में, लेकिन...

राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता आनंद शर्मा और कपिल सिब्बल सदन में कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता हैं और नेता विपक्ष के पद के लिए उनके नाम पर भी चर्चा हो सकती है। हालांकि ये दोनों ही नेता पार्टी में बड़े सुधारों की बगावत करने वाले नेताओं में शामिल थे और कई प्लेटफॉर्म पर पार्टी के रवैये की आलोचना कर चुके हैं। यह बात इन दोनों नेताओं के खिलाफ जा सकती है।

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अटकलें

गुलाम नबी को फिर से राज्यसभा लाने की इच्छुक कांग्रेस

इस बीच ये भी खबरें है किं कांग्रेस गुलाम नबी को फिर से राज्यसभा लाने को इच्छुक है और पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने अखबार को बताया कि उन्हें अप्रैल में केरल से राज्यसभा भेजा जा सकता है। दरअसल, गुलाम नबी अभी तक अपने गृह राज्य जम्मू-कश्मीर से सासंद थे, लेकिन चूंकि अभी जम्मू-कश्मीर की कोई विधानसभा नहीं है, इसलिए अगर उन्हें फिर से राज्यसभा आना है तो उन्हें किसी और राज्य से राज्यसभा चुनाव लड़ना पड़ेगा।

बयान

राज्यसभा में गुलाम नबी बोले- भारतीय मुसलमान होने पर गर्व

बता दें कि आज राज्यसभा में अपने विदाई भाषण के दौरान गुलाम नबी ने कहा कि उन्हें भारतीय मुसलमान होने पर गर्व है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को अपनी सफलता का श्रेय भी दिया। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र ने गुलाम नबी की जमकर प्रशंसा की और उनसे जुड़ा एक किस्सा बताते भावुक हो गए। जम्मू-कश्मीर में गुजरात के यात्रियों पर आतंकी हमले के इस किस्से को बताते वक्त उनका गला भर आया और उन्हें कई बार रुकना पड़ा।

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