
डिप्रेशन से मुक्ति दिलाने में मदद कर सकते हैं ये 5 योगासन, जानिए अभ्यास का तरीका
क्या है खबर?
योग मूड को हल्का करने और डिप्रेशन को दूर रखने के बेहतरीन तरीकों में से एक है।
योगासन मस्तिष्क में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाकर इसे शांत रखने में मदद कर सकते हैं, इसलिए इसे डिप्रेशन के लिए अन्य दवाओं की तुलना में एक बेहतर विकल्प माना जाता है।
आइए आज हम आपको 5 ऐसे योगासनों के बारे में बताते हैं, जिनका अभ्यास डिप्रेशन से मुक्ति दिलाने समेत कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकता है।
#1
बालासन से मिलेगा लाभ
बालासन के लिए योगा मैट या जमीन पर वज्रासन की मुद्रा में बैठें और गहरी सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं।
अब फिर सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुककर सिर को जमीन से सटाएं।
इस अवस्था में दोनों हाथ सामने, सिर जमीन से लगा हुआ और छाती जांघों पर रहेगी।
कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रहकर सामान्य रूप से सांस लेते रहें। इसके बाद धीरे-धीरे आसान छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में आ जाएं।
#2
हलासन भी है प्रभावी
इसके लिए योगा मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं और फिर हाथों को शरीर से सटाकर रखें।
अब सांस लेते हुए पैरों को 90 डिग्री तक ऊपर उठाएं और फिर सांस छोड़ते हुए टांगों को धीरे-धीरे सिर के ऊपर से पीछे की ओर ले जाएं।
इस दौरान हाथों को कमर से हटाकर जमीन पर सीधा ही रखें। इसके बाद सांस लेते हुए धीरे-धीरे वापस शुरुआती अवस्था में आ जाएं।
#3
अधोमुख शवासन का करें अभ्यास
सबसे पहले जमीन पर पेट के बल लेट जाएं, फिर घुटनों को सीधा करें और दोनों हाथों की मदद से अपनी कमर को ऊपर की ओर उठा लें।
ध्यान रखें कि ऐसा करते वक्त आपके घुटने और कमर सीधी होनी चाहिए। 4-5 मिनट इस अवस्था में बने रहें व धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।
अधोमुख शवासन का असर सबसे ज्यादा मस्तिष्क पर पड़ता है, जिसकी वजह से डिप्रेशन जैसे मानसिक विकारों से छुटकारा मिल सकता है।
#4
उत्तानासन से होगा फायदा
सबसे पहले योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं। इसके सांस छोड़ते हुए और कूल्हों की तरफ से मुड़ते हुए नीचे झुकें।
ध्यान रहें कि आपके घुटने बिल्कुल सीधे हों और पैर एक−दूसरे के समानांतर हों।
इसके बाद हाथों से अपने पंजों को छूने की कोशिश करें। कुछ देर इसी मुद्रा में बने रहने के बाद धीरे−धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।
यकीनन इस योगासन के नियमित अभ्यास से आपको काफी फायदा होगा।
#5
शवासन भी दिलाएगा डिप्रेशन से राहत
शवासन यानी आराम मुद्रा के लिए पहले योगा मैट पर पीठ के बल लेटकर आंखें बंद कर लें। इस दौरान शरीर एकदम ढीला छोड़ दें।
अब दोनों हथेलियों को शरीर से लगभग एक फीट की दूरी पर रखें। इसके अलावा पैरों को भी एक-दूसरे से लगभग 2 फीट की दूरी पर रखें।
धीरे-धीरे सांसें लें और पूरा ध्यान सांस पर लगाने की कोशिश करें। कुछ देर इसी मुद्रा में बने रहने के बाद दाईं ओर करवट लेकर उठें।