
दिल्ली-NCR में प्रदूषण से निपटने के लिए नया कानून लाएगी केंद्र सरकार
क्या है खबर?
पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में किसानों द्वारा खेतों में जलाई जा रही पराली से दिल्ली-NCR क्षेत्र की हवा जहरीली होती जा रही है।
सरकार के तमाम प्रयासों के बाद भी वायु प्रदूषण से निजात नहीं मिल पा रहा है। इसको लेकर अब केंद्र सरकार ने नया कानून लाने की तैयारी की है।
इसको लेकर केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में भी तीन-चार दिन में नया कानून बनाने और फिर उसे लागू करने की जानकारी दी है।
प्रकरण
पराली को जलाए जाने से रोकने के लिए दाखिल की गई थी याचिका
बता दें कि पराली जलाने से दिल्ली-NCR क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे वायु प्रदूषण को देखते हुए एक नाबालिग ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
इसमें उसने मांग की थी कि सुप्रीम कोर्ट लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए केंद्र सरकार को पराली को जलाने से रोकने के लिए कदन उठाने का आदेश दे।
याचिकाकर्ता के वकील विकास सिंह ने तर्क दिया था कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण होगा है और इससे कोरोना महामारी ज्यादा फैलेगी।
दलील
याचिकाकर्ता ने दी थी अनुच्छेद-21 की दलील
याचिका में कहा गया है कि अनुच्छेद-21 के तहत सबको जीवन का अधिकार मिला हुआ है। राज्य सरकारों और केंद्र सरकार की लापरवाही के कारण इस अधिकार से लोगों को वंचित होना पड़ रहा है।
गत 16 अक्टूबर को हुई सुनवाई में सपु्रीम कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली-NCR में लोगों को शुद्ध हवा में सांस लेना चाहिए। ऐसे में प्रदूषण लेवल लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर डाले उससे पहले सरकार को कठोर कदम उठाने होंगे।
समिति
सुप्रीम कोर्ट ने किया था लोकुर समिति का गठन
पिछली सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमणियन की पीठ के पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की मॉनिटरिंग के लिए सेवानिवृत्त जस्टिस मदन बी लोकुर को एक सदस्यीय निगरानी समिति नियुक्त करने का आदेश दिया था।
उसके बाद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका विरोध किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस विरोध पर विचार करने से इनकार कर दिया था।
जवाब
केंद्र सरकार ने दी तीन-चार दिन में नया कानून लाने की जानकारी
मामले में सोमवार को केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार दिल्ली-NCR क्षेत्र में वायु प्रदूषण और पराली जलाए जाने के मुद्दे से निपटने के लिए एक कानून लाने की योजना बना रही है। सरकार आगामी तीन-चार दिन में कानून बना लेगी और फिर उसे लागू किया जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से जस्टिस लोकुर समिति के गठन पर रोक लगाने की मांग भी की।
तारीफ
सुप्रीम कोर्ट ने की सरकार के निर्णय की तारीफ
केंद्र सरकार की ओर से प्रदूषण को रोकने के लिए नया कानून बनाने की जानकारी देने पर मुख्य न्यायाधीश बोबडे ने खुशी जताई और कहा कि यह स्वागत योग्य कदम है। यह ऐसा मुद्दा है जिस पर सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनहित याचिका की कोई बात नहीं है, एकमात्र मुद्दा लोगों को प्रदूषण से निजात दिलाने का है।
उन्होंने सरकार के आश्वासन के बाद जस्टिस लोकुर की अध्यक्षता वाली समिति के गठन पर रोक लगा दी।
झगड़ा
पराली जलाने को लेकर हमेशा एक-दूसरे पर दोषारोपण करते रहे हैं राज्य
हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के किसान सबसे ज्यादा पराली जलाते हैं। इसका असर दिल्ली-NCR पर पड़ता है और यहां वायु प्रदुषण बढ़ जाता है। प्रदूषण की बात आने पर सभी एक-दूसरे पर आरोप लगाकर स्वयं का बचाव करते नजर आते हैं।
नेशनल ग्रीन टि्ब्यूनल के आदेश पर हरियाणा और पंजाब सरकार ने पराली जलाने को रोकने के लिए किसानों पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया, लेकिन इसे ज्यादा असर नहीं पड़ा।
जानकारी
आनंद विहार में 405 पर पहुंचा AQI
दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार बिगड़ रहा है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के अनुसार आनंद विहार में सुबह 405 AQI दर्ज किया गया है। इसे बेहद गंभीर श्रेणी में माना जाता है। इसी तरह रोहिणी और द्वारका क्षेत्र की भी हालत खराब है।