
कोरोना वैक्सीनेशन: बिना मेडिकल सर्टिफिकेट के तीसरी खुराक लगवा सकेंगे अन्य बीमारियों से ग्रसित बुजुर्ग
क्या है खबर?
केंद्र सरकार ने साफ किया है कि अन्य बीमारियों से जूझ रहे 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को कोविड वैक्सीन की बूस्टर खुराक लगवाने के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं दिखाना होगा।
सरकार ने कहा कि वे सर्टिफिकेट के बिना भी तीसरी खुराक लगवा सकेंगे। सरकार ने ऐसे लोगों से बूस्टर खुराक लगवाने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से परामर्श करने को कहा है।
राज्यों के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव की बैठक में ये फैसला लिया गया।
बयान
स्वास्थ्य सचिव ने कहा- बुजुर्गों को नहीं दिखाना होगा डॉक्टर का कोई सर्टिफिकेट
बैठक के बाद जारी किए गए अपने बयान में स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा, "अन्य बीमारियों से ग्रसित 60 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों प्रिकॉशन (तीसरी) खुराक लगवाते समय डॉक्टर का कोई सर्टिफिकेट दिखाना या जमा नहीं करना होगा। ऐसे लोगों से उम्मीद की जाती है कि वे प्रिकॉशन खुराक लगाने पर फैसला लेने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लेंगे।"
उन्होंने इस संबंध में राज्यों को भी निर्देश जारी किया है।
पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री मोदी ने किया था बुजुर्गों को बूस्टर खुराक लगाए जाने का ऐलान
बता दें कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के कहर को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोेदी ने शनिवार रात को स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन कर्मचारियों के साथ-साथ अन्य बीमारियों से ग्रसित 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को बूस्टर खुराक लगाने का ऐलान किया था।
अपने संबोधन में उन्होंने इसे बूस्टर खुराक न कहकर प्रिकॉशन खुराक कहा था।
प्रिकॉशन खुराक लगाने का ये अभियान 10 जनवरी से शुरू होगा। बूस्टर खुराक दूसरी खुराक के नौ महीने बाद दी जाएगी।
जरूरत
ओमिक्रॉन वेरिएंट को रोकने में अहम साबित हो सकती है बूस्टर खुराक
गौरतलब है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के प्रसार को रोकने में बूस्टर खुराक को बेहद अहम माना जा रहा है।
ये वेरिएंट दो खुराकों से पैदा होने वाली इम्युनिटी को काफी हद तक मात देने में कामयाब रहता है, हालांकि शुरूआती सबूतों में बूस्टर खुराक के इसके खिलाफ पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने के सबूत मिले हैं।
इस विषय पर अभी स्टडी चल रही हैं और सीमित डाटा के कारण कुछ पक्का नहीं कहा जा सकता।
मामले
देश में 650 से अधिक हुए ओमिक्रॉन के मामले
भारत में अभी तक 653 लोगों को ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित पाया जा चुका है।
महाराष्ट्र में सबसे अधिक 167 मामले सामने आए हैं, वहीं दिल्ली में 165 मामले हैं।
केरल में 57, तेलंगाना में 55, गुजरात में 49, राजस्थान में 46, तमिलनाडु में 34, कर्नाटक में 31, मध्य प्रदेश में नौ, ओडिशा में आठ, बंगाल और आंध्र प्रदेश में छह-छह, हरियाणा और उत्तराखंड में चार-चार, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ में तीन-तीन, उत्तर प्रदेश में दो मामले सामने आए हैं।