
फिर रुलायेंगे प्याज के दाम, 90 रुपये प्रति किलो तक पहुंची कीमतें
क्या है खबर?
प्याज की बढ़ती कीमतें एक बार फिर लोगों की आंखों में पानी लाने वाली हैं। कई राज्यों में प्याज की थोक कीमतें 90 रुपये प्रति किलोग्राम को पार कर गई है।
अगस्त और सितंबर के दौरान भी प्याज के दाम 80 रुपये प्रति किलोग्राम से पार पहुंच गए थे।
अब एक बार फिर आपूर्ति में कमी और महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश के कारण खराब हुई प्याज की फसल के कारण कीमतें आसमान छू रही हैं।
कीमतें
बेमौसम बारिश से पहुंचा प्याज की फसलों को नुकसान
लासलगांव सब्जी मंडी में प्याज की थोक कीमत 55.50 रुपये प्रति किलोग्राम पर है।
व्यापारियों का कहना है कि नवंबर में हुई बेमौसम बरसात के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे दाम और ऊपर जा सकते हैं।
पिछले कुछ दिनों से प्याज के बड़े उत्पादक माने जाने वाले नासिक, अहमदनगर और पुणे में बारिश हुई है, जिससे प्याज की फसल को नुकसान पहुंचा है।
फिलहाल अलग-अलग राज्यों में 60-90 प्रति किलो के हिसाब से प्याज बिक रहे हैं।
मजबूरी
स्टॉक में रखा पुराना प्याज बेच रहे किसान
प्याज के दाम पिछले महीने ही कम हुए थे, जिससे लोगों ने कुछ राहत की सांस ली थी।
अब एक बार फिर प्याज की बढ़ी कीमतें लोगों की जेब पर भार डालेगी।
प्याज की कीमतों में पिछले तीन महीनों में चार गुना तक बढ़ोतरी देखने को मिली है। इन कीमतों ने खाने का जायका बिगाड़ दिया है।
किसानों का कहना है कि नई फसल बारिश में खराब होने के चलते वो स्टॉक में रखा पुराना प्याज बेचने पर मजबूर हैं।
ट्विटर पोस्ट
चंडीगढ़ में 80 रुपये पहुंची प्याज की कीमतें
Chandigarh: Price of onions shoot up in market; A vendor (Pic 3) says, "Price of onion has increased from Rs 50 per kg to Rs 80 per kg. It was Rs 70 per kg yesterday, today it has become Rs 80 per kg. There is a supply crunch as rains have destroyed the crop". pic.twitter.com/c4yHUbkeWy
— ANI (@ANI) November 5, 2019
जानकारी
देश के इन हिस्सों में होता है सर्वाधिक प्याज का उत्पादन
देश में कुल प्याज के उत्पादन का 90 फीसदी हिस्सा महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में होता है। इमने से अधिकतर राज्यों में हुई भारी बारिश की वजह से प्याज की पैदावार पर बुरा असर पड़ा है।
कदम
सितंबर में सरकार ने निर्यात पर लगाई थी रोक
इससे पहले सितंबर में भी प्याज की कीमतें 80 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। इसके बाद प्याज के निर्यात पर रोक लगा दी थी।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने प्याज की निर्यात नीति को अगले आदेश तक संशोधित किया था। इससे प्याज के निर्यात पर तुरंत प्रभाव से रोक लग गई थी।
इसके अलावा सरकार ने कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ड्यूटी-फ्री आयात और स्टॉक जारी करने का भी फैसला किया था।