
नो-फ्लाई लिस्ट में डाले जा सकते हैं बिना मास्क पहने हवाई सफर करने वाले यात्री
क्या है खबर?
अगर कोई व्यक्ति उड़ान के दौरान मास्क पहनने से इनकार करता है तो उसे नो-फ्लाई लिस्ट में डाला जा सकता है।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने यह आदेश जारी किया है।
DGCA के महानिदेशक अरुण कुमार ने कहा कि अगर कोई यात्री उड़ान के दौरान मास्क नहीं पहनेगा तो उसे भविष्य में यात्रा करने से रोक दिया जाएगा। यह रोक कितने समय तक जारी रहेगी, यह चालक दल की रिपोर्ट के आधार पर तय होगा।
जानकारी
जानबूझकर मास्क न पहनने वाले यात्रियों पर होगी कार्रवाई
DGCA के एक और अधिकारी ने कहा कि चालक दल ही किसी यात्री को नो-फ्लाई लिस्ट में डाल सकेगा। हालांकि, खाने-पीने समेत दूसरे कारणों से यात्री मास्क हटा सकेंगे। यह कार्रवाई सिर्फ उन्ही हवाई यात्रियों पर होगी, जो जानबूझकर मास्क पहनने से इनकार करेंगे।
पाबंदियों से छूट
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में गरम खाना परोसने की अनुमति मिली
इसके अलावा सरकार ने घरेलू उड़ानों में यात्रियों को पैक किए हुए स्नैक्स, खाना और पेय पदार्थ परोसने की इजाजत दे दी है।
इसी तरह अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में एयरलाइन्स यात्रियों को गरम खाना परोस सकेंगी। इस संबंध में गुरुवार को आदेश जारी किए गए थे।
25 मई के बाद से उड़ान के समय के आधार पर केवल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में पहले से पैक किया गया ठंडा खाना और स्नैक्स परोसने की अनुमति थी।
पाबंदी
लॉकडाउन के दौरान पूरी तरह ठप्प थीं हवाई सेवाएं
गौरतलब है कि भारत ने कोरोना वायरस के फैलने पर रोक लगाने के लिए 25 मार्च को संपूर्ण लॉकडाउन का ऐलान किया था।
इसके साथ ही हवाई सेवाओं को भी रोक दिया गया था। दो महीने बाद केंद्र ने 25 मई से सीमित संख्या में घरेलू उड़ानों का संचानल शुरू किया था।
पिछले तीन महीनों से इन उड़ानों की संख्या को धीरे-धीरे बढ़ाया जा रहा है। हालांकि, अभी भी यह क्षेत्र 45 फीसदी क्षमता के साथ काम कर रहा है।
हवाई सेवा
वंदे भारत मिशन के तहत संचालित हो रही अंतरराष्ट्रीय उड़ानें
फिलहाल देश से वंदे भारत मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित हो रही है। इनमें विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाया जा रहा है।
सरकार ने अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी और इंग्लैंड समेत अलग-अलग देशों के साथ एयर बबल भी स्थापित किए हैं ताकि यात्रा को सुरक्षित बनाया जा सके।
हाल ही में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि दिवाली तक अधिकतर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बहाल किया जा सकता है।
प्रभाव
विमानन क्षेत्र पर कोरोना संकट का बुरा असर
कोरोना वायरस संकट और कई देशों में लगे लॉकडाउन के कारण विमानन क्षेत्र पर बुरा असर पड़ा है।
अकेले भारत में इस क्षेत्र को सैकड़ों करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है और कई एयरलाइन कंपनियां वित्तीय संकट का सामना कर रही है।
इस बारे में पुरी ने कहा कि जितना जल्दी हो सके, उतना जल्दी संचालन शुरू कर एयरलाइन कंपनियों को बचाया जा सकता है। सरकार इस दिशा में पूरे प्रयास कर रही है।