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कोरोना वायरस: भारत में सबसे पहले दिसंबर तक उपलब्ध हो सकती है ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन

कोरोना वायरस: भारत में सबसे पहले दिसंबर तक उपलब्ध हो सकती है ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन

Aug 21, 2020
06:42 pm

क्या है खबर?

कोरोना वायरस संकट से बुरी तरह जूझ रहे भारत को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्रेजेनेका द्वारा विकसित की जा रही वैक्सीन कोविशील्ड से बड़ी उम्मीदे हैं। फिलहाल भारत में कोविशील्ड के अलावा भारत बायोटेक की कोवैक्सिन और जाइडस कैडिला की ZyCoV-D के भी ट्रायल चल रहे हैं, लेकिन इन तीनों में से कोविशील्ड को सबसे पहले नियामकीय मंजूरी मिलने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है तो यह भारत में लोगों के लिए उपलब्ध होने वाली पहली वैक्सीन होगी।

समझौता

पुणे स्थित SII करेगी खुराकों का उत्पादन

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के जेनर इंस्टीट्यूट द्वारा ब्रिटिश-स्वीडिश फार्मा कंपनी एस्ट्रेजेनेका के साथ मिलकर तैयार की जा रही यह वैक्सीन साल के अंत तक उपलब्ध हो सकती है। एस्ट्रेजेनका ने वैक्सीन की खुराक के उत्पादन के लिए पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के साथ समझौता किया है। SII भारत समेत कम आय वाले देशों के लिए करोड़ों खुराक का उत्पादन करेगा। SII को पहले ही भारत में इसके ट्रायल की मंजूरी मिल चुकी है।

उम्मीद

अगले साल की शुरुआत में उपलब्ध हो सकती है दोनों स्वदेशी वैक्सीन्स

कोविशील्ड इंसानी ट्रायल के अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। वहीं बाकी दोनों स्वदेशी संभावित वैक्सीन्स- कोवैक्सिन और ZyCoV-D अभी शुरुआती चरण में है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि कोविशील्ड भारत में सबसे पहले उपलब्ध होगी। हालांकि, दोनों स्वदेशी संभावित वैक्सीन के ट्रायल को फास्ट ट्रैक किया गया है, लेकिन इनके ट्रायल साल के अंत तक पूरे होंगे। ये अगले साल तक लोगों को लिए उपलब्ध हो सकती हैं।

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बयान

साल के अंत तक उपलब्ध हो सकती है कोविशील्ड- हर्षवर्धन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन का कहना है कि SII ने ऑक्सफोर्ड की संभावित वैक्सीन के अंतिम चरण में ट्रायल शुरू कर दिए हैं और ये साल के अंत तक भारत में उपलब्ध हो सकती है।

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नतीजे

ट्रायल में कोविशील्ड को मिली दोहरी कामयाबी

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की यह संभावित वैक्सीन कोरोना की वैक्सीन की रेस में सबसे आगे चल रही है। पिछले दिनों वैक्सीन के पहले और दूसरे चरण के नतीजे प्रकाशित हुए थे और इनमें पाया गया था कि वैक्सीन दोहरी सुरक्षा प्रदान करती है। ट्रायल में जिन लोगों को वैक्सीन दी गई, उनके शरीर में एंटीबॉडीज और T-सेल बनीं और उनमें वायरस के खिलाफ इम्युनिटी देखने को मिली। T-सेल लंबे समय तक इम्युनिटी प्रदान में मददगार साबित होती हैं।

कोविशील्ड

सब ठीक रहा तो नवंबर में आ जाएगी वैक्सीन

SII के प्रमुख अदर पूनावाला के अनुसार, अगर सब कुछ ठीक रहता है और ट्रायल के नतीजे अच्छे आते हैं तो वैक्सीन नवंबर में भारत में लॉन्च हो सकती है। उन्होंने कहा कि कंपनी हर महीने वैक्सीन की लगभग छह करोड़ शीशियां बनाएगी जिनमें से आधी यानि तीन करोड़ भारत को मिलेंगी और बाकी अन्य देशों को निर्यात की जाएंगी। पूनावाला ने कहा कि कंपनी अपने जोखिम पर ट्रायल के साथ-साथ वैक्सीन का निर्माण कर रही है।

आंकड़े

तेजी से बढ़ रही कोरोना संक्रमितों की संख्या

कोरोना वायरस की वैक्सीन और प्रभावी इलाज के इंतजार के बीच दुनिया में इससे संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार, अब तक 2.27 करोड़ संक्रमित हो चुके हैं और 7.94 लाख लोगों की मौत हुई है। सबसे अधिक प्रभावित अमेरिका में लगभग 55.76 लाख लोग संक्रमित हुए हैं और 1.74 लाख लोगों की मौत हुई है। वहीं भारत में संक्रमितों की संख्या 30 लाख की तरफ बढ़ रही है।

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