
मुस्लिमों के पास जाने के लिए 150 देश, हिंदुओं के लिए केवल भारत- विजय रुपाणी
क्या है खबर?
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने नागरिकता संशोधन कानून का समर्थन करते हुए कहा कि मुस्लिमों के पास रहने के लिए 150 इस्लामिक देश हैं, लेकिन हिंदुओं के लिए केवल भारत एक देश है।
साबरमती आश्रम के बाहर नागरिकता कानून के समर्थन में रैली को संबोधित करते हुए रुपाणी ने इस कानून का विरोध करने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा।
उन्होंने कांग्रेस पर महात्मा गांधी और मनमोहन सिंह की भावनाओं का सम्मान न करने का भी आरोप लगाया।
बयान
पाकिस्तान में बचे सिर्फ तीन प्रतिशत हिंदू- रुपाणी
गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में बंटवारे के समय पाकिस्तान में 22 प्रतिशत हिंदू थे, लेकिन प्रताड़ना, रेप और लगातार सताए जाने के कारण उनकी जनसंख्या घटकर महज तीन प्रतिशत रह गई है। इसीलिए हिंदू भारत आना चाहते हैं।
रुपाणी ने कहा, "हम वही कर रहे हैं जो कांग्रेस को इन लोगों की मदद के लिए करना चाहिए थे। अब जब हम इसे कर रहे हैं तो इसका विरोध किया जा रहा है।"
बयान
हिंदू वापस आना चाहते हैं तो परेशानी क्यों- रुपाणी
रुपाणी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ दशक पहले अफगानिस्तान में हिंदू और सिखों की संख्या दो लाख से ज्यादा थी, लेकिन आज वो घटकर 500 रह गए हैं। बांग्लादेश में हिंदू घटकर दो प्रतिशत रह गए हैं। मुसलमान 150 देशों में कहीं भी जा सकते हैं, लेकिन हिंदुओं के लिए एक ही देश है और वो भारत है।
रुपाणी ने पूछा, "अगर वो (हिंदू) वापस आना चाहते हैं तो क्या परेशानी है?"
जानकारी
गुजरात के 33 जिलों में निकली रैलियां
मंगलवार को गुजरात के 33 जिलों में नागरिकता संंशोधन कानून के समर्थन में रैलियां निकाली गई थीं। इसमें गुजरात भाजपा और सरकार के कई पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इनका आयोजन RSS के समर्थन वाली नागरिक समितियों ने किया था।
कानून
क्या है नागरिकता संशोधन कानून?
नागरिकता संशोधन कानून को शीतकालीन सत्र में संसद से हरी झंडी मिली थी।
इसके तहत 31 दिसंबर, 2014 से पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना का शिकार होकर भारत आए हिंदू, जैन, सिख, बौद्ध, ईसाई और पारसी लोगों को आसानी से नागरिकता मिल सकेगी। वहीं मुस्लिमों को इस कानून से बाहर रखा गया है।
इस कानून से पहले नागरिकता के लिए हर विदेशी व्यक्ति को कम से कम 11 साल भारत में रहना अनिवार्य था।
विरोध की वजह
देशभर में हो रहा कानून का विरोध
संसद में नागरिकता संसोधन बिल पेश होने के दिन से ही देश के अलग-अलग कोनों में इसका विरोध हो रहा है।
राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन गया और इसका विरोध और तेज हो गया।
देशभर के शहरों में बड़ी संख्या में छात्र, राजनीतिक दल और आम लोग इस कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।
कई शहरों में ये प्रदर्शन हिंसक हो गए और अब तक 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।