
महाराष्ट्र मराठा आरक्षण: उपमुख्यमंत्री अजित ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, संगठनों ने किया ठाणे बंद का आह्वान
क्या है खबर?
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। अब जालना जिले में प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में मराठा संगठनों ने 11 सितंबर को ठाणे बंद का आह्वान किया है। कई अन्य संगठनों ने इस बंद का समर्थन किया है।
दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने आज कहा कि इस मुद्दे पर 11 सितंबर को सरकार की ओर से सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है।
अजित
क्या बोले अजित पवार?
आज पुणे में एक रैली में अजित ने कहा, "हमने प्रदर्शनकारियों की भूख हड़ताल को खत्म करने के लिए सभी प्रयास किए हैं। मंत्री गिरीश महाजन समेत सरकार के प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात की, लेकिन उन्होंने अनशन खत्म करने से इनकार कर दिया है। हमारे अब तक के सभी प्रयास विफल रहे हैं। अब सोमवार को सरकार आरक्षण मुद्दे विचार के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की योजना बना रही है।''
कांग्रेस
कांग्रेस बोली- सरकार गंभीर तो प्रधानमंत्री को बुलाए
सर्वदलीय बैठक पर कांग्रेस की भी प्रतिक्रिया आई है।
कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे ने कहा, ''हम सर्वदलीय बैठक बुलाने के कदम का स्वागत करते हैं, लेकिन अगर सरकार गंभीरता से इस मुद्दे को हल करने का इरादा रखती है तो बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुलाना चाहिए। 50 प्रतिशत आरक्षण सीमा को खत्म करने के लिए विधेयक लाना चाहिए, ताकि मराठा समुदाय को कोटा मिल सके। आरक्षण सीमा बढ़ाने की जरूरत है।"
बंद
मराठा संगठनों ने सोमवार को बुलाया बंद
प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज के विरोध में मराठा संगठनों ने सोमवार को ठाणे बंद का आह्वान किया है। विपक्षी दलों ने भी बंद का समर्थन किया है।
ABP की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के ठाणे प्रमुख सुहास देसाई, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नगर अध्यक्ष प्रदीप शिंदे, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के रवींद्र मोरे, अमराठा क्रांति मोर्चा के रमेश अम्ब्रे और कांग्रेस के विक्रांत चव्हाण ने बंद का समर्थन किया है।
प्रदर्शन
29 सितंबर से चल रहा है आरक्षण को लेकर प्रदर्शन
आरक्षण की मांग को लेकर 29 अगस्त को मराठा नेता मनोज जारांगे भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। इसके बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पाटिल को फोन कर भूख हड़ताल को खत्म करने का आग्रह किया था, लेकिन वे नहीं माने।
जब पुलिस ने डॉक्टरों की सलाह पर जारांगे को अस्पताल ले जाने की कोशिश की तो भीड़ उग्र हो गई जिसने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान कई पुलिसवाले घायल हुए और प्रदर्शनकारियों पर भी लाठीचार्ज किया गया था।
आरक्षण
न्यूजबाइट्स प्लस
महाराष्ट्र में मराठा समुदाय की आबादी लगभग 32 प्रतिशत है। 2018 में देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने नौकरी सहित कई क्षेत्रों में मराठा समुदाय को 16 प्रतिशत आरक्षण दिया था। हालांकि, 2021 में सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने इसे रद्द कर दिया था।
बता दें कि महाराष्ट्र में मराठा समुदाय के आरक्षण का मुद्दा काफी बड़ा है। 2014 में भी इसे लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे।