
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के नए उप राज्यपालों के नाम का ऐलान, जानिये उनके बारे में
क्या है खबर?
केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक को गोवा ट्रांसफर कर दिया है।
जम्मू-कश्मीर के 13वें राज्यपाल मलिक को लगभग 15 महीने पहले अगस्त, 2018 में इस पद पर नियुक्त किया गया था।
उनकी जगह सरकार ने गुजरात कैडर के IAS अधिकारी गिरीश चंद्र मुर्मु को जम्मू-कश्मीर और त्रिपुरा कैडर के IAS अधिकारी राधा कृष्ण माथुर को लद्दाख का उप राज्यपाल बनाया है।
बता दें, अगले महीने से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बन जाएंगे।
कानून
31 अक्टूबर को लागू होगा जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन कानून
31 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने वाला जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन कानून लागू हो जाएगा।
मुर्मु और माथुर दोनों के कंधों पर केंद्र शासित प्रदेशों को आगे ले जाने की जिम्मेदारी होगी।
इसके अलावा केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा को लक्षद्वीप का प्रशासक नियुक्त किया है।
इसके साथ ही सरकार की जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग पक्षों से बातचीत की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से समाप्त हो गई है।
जानकारी
5 अगस्त को लिया गया फैसला
केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के साथ-साथ राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने का फैसला लिया था। अब जम्मूृ-कश्मीर और लद्दाख एक राज्य की जगह दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश होंगे।
परिचय
कौन हैं राधा कृष्ण माथुर?
लद्दाख के उप राज्यपाल बनाए गए राधा कृष्ण माथुर 1977 बैच के त्रिपुरा कैडर के IAS अधिकारी हैं।
पिछले साल नवंबर में मुख्य सूचना आयुक्त के पद से रिटायर होने वाले माथुर रक्षा सचिव भी रह चुके हैं।
उन्होंने IIT कानपुर और IIT दिल्ली से पढ़ाई की है। त्रिपुरा के मुख्य सचिव रह चुके माथुर को रक्षा मामलों की गहरी समझ है।
उनके अनुभवों को देखते हुए ही उन्हें नए केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की कमान सौंपी गई है।
जीसी मुर्मु
तेज-तर्रार अधिकारी माने जाते हैं मुर्मु
गिरिश चंद्र मुर्मु गुजरात कैडर के 1985 बैच के IAS अधिकारी हैं।
59 वर्षीय मुर्मु नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए राज्य के प्रधान सचिव रहे थे।
इसके अलावा उन्होंने वित्त मंत्रालय में व्यय सचिव के तौर पर भी सेवाएं दी हैं।
मूल रूप से ओडिशा के मयूरभंज जिले के रहने वाले मुर्मु ने राजनीति शास्त्र में मास्टर्स और पब्लिक सर्विसेस में MBA की है।
उनकी पहचान एक तेज-तर्रार अधिकारी के तौर पर की जाती है।