
देश में 15 मई तक चरम पर होगी कोरोना महामारी की दूसरी लहर- IIT वैज्ञानिक
क्या है खबर?
कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर ने देश में कोहराम मचा दिया है। हालत यह है कि गुरुवार को देश में दुनिया भर में एक दिन में अब तक सबसे अधिक नए मामले सामने आए। प्रतिदिन हजारों लोगों की मौत हो रही है। इससे लोग सहमे हुए हैं।
इसी बीच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) के वैज्ञानिकों ने लोगों के चिंता को बढ़ा दिया है। वैज्ञानिकों के अनुसार महामारी की दूसरी लहर 11 से 15 मई बीच अपने चरम पर पहुंचेगी।
हालात
देश में बीते दिन मिले रिकॉर्ड 3.32 लाख मरीज
भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस से संक्रमण के 3,32,730 नए मामले सामने आए और 2,263 मरीजों की मौत हुई। ये देश में एक दिन में सामने आए सबसे ज्यादा मामले और मौतें हैं।
इसी के साथ देश में कुल संक्रमितों की संख्या 1,62,63,695 हो गई है। इनमें से 1,86,920 लोगों को इस खतरनाक वायरस के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी है। सक्रिय मामलों की संख्या 24 लाख के आंकड़े को पार करके 24,28,616 हो गई है।
चेतावनी
महामारी के चरम पर देश में होंगे 33-35 लाख सक्रिय मामले
IIT कानपुर और हैदराबाद के वैज्ञानिकों ने गणितीय मॉड्यूल एप्लाइड द ससेक्टिबल, अनडिटेक्ड, टेस्टड (पॉजिटिव) ऐंड रिमूव एप्रोच (सूत्र) मॉडल के आधार पर दूसरी लहर के चरम का अनुमान लगाया है।
उन्होंने कहा कि दूसरी लहर 11 से 15 मई बीच चरम पर होगी और उस दौरान देश में सक्रिय मामलों की संख्या 33-35 लाख हो सकती है। मई के अंत तक मामलों में तेजी से गिरावट दर्ज की जाएगी। अभी सक्रिय मामले 10 लाख और बढ़ सकते हैं।
संभावना
इन राज्यों में 25 से 30 अप्रैल के बीच बढ़ सकते हैं मामले
FE के अनुसार, IIT कानपुर में कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और तेलंगाना नए मामलों के संदर्भ में 25 से 30 अप्रैल के बीच नई ऊचांई छू सकते हैं।
इसके अलावा महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ पहले ही नए मामलों के मामले में चरम पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि 11 से 15 मई के बीच सक्रिय मामले 35 लाख तक पहुंच जाएंगे, लेकिन उसके बाद तेजी से इसमें गिरावट आएगी।
अध्ययन
अभी तक प्रकाशित नहीं किया गया है यह अध्ययन- वैज्ञानिक
वैज्ञानिकों ने कहा कि इस अध्ययन को अभी तक प्रकाशित नहीं किया गया है और इस SUTRA मॉडल में कई विशेष पहलू हैं जबकि पूर्व के अध्ययनों में मरीजों को बिना लक्षण और संक्रमण में विभाजित किया गया था।
नए मॉडल में संज्ञान लिया गया है कि बिना लक्षण वाले मरीजों के एक हिस्से का पता संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की जांच या अन्य नियमों के द्वारा लगाया जा सकता है। इसे यक काफी प्रभावी मॉडल है।
पृष्ठभूमि
पहले कही गई थी 15 अप्रैल को चरम आने की बात
अग्रवाल ने कहा कि इस महीने की शुरुआत में गणितीय मॉडल के माध्यम से अनुमान लगाया गया था कि देश में 15 अप्रैल तक महामारी की दूसरी लहर चरम पर होगी, लेकिन यह सही साबित नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि मौजूदा चरण के लिए हमारे मॉडल के मापदंड लगातार बदल रहे हैं, इसलिए एकदम सटीक आकलन मुश्किल है। यहां तक कि रोजाना के मामलों में मामूली बदलाव से पीक की संख्या में हजारों की वृद्धि हो सकती है।
किल्लत
ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे हैं अस्पताल
गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से दिल्ली समेत कई शहरों में मेडिकल ऑक्सीजन की बेहद कमी हो गई है, जिसके चलते कई अस्पतालों ने मरीजों को भर्ती करना बंद कर दिया है।
गुरुवार को दिल्ली के राठी अस्पताल, सेंटोम अस्पताल, सरोज सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, शांति मुकुंद अस्पताल, तीरथ राम शाह अस्पताल, UK नर्सिंग होम में ऑक्सीजन खत्म हो गई थी।
इसी तरह सर गंगाराम अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 24 घंटों में 25 मरीजों की मौत हो गई।