
स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री का लाल किले से संबोधन, देश को दिए पांच प्रण
क्या है खबर?
भारत की आजादी के 75 साल पूरे हो चुके हैं और आज देश धूमधाम से 76वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मना रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर ट्वीट कर देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने लिखा, 'देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। जय हिंद।'
राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी लाल किले पर पहुंचे और यहां तिरंगा फहराया।
संबोधन
देश के नाम संबोधन में क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी?
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर देशवासियों को शुभकामनाएं देकर की।
उन्होंने कहा कि दुनिया के हर कोने में आज किसी न किसी रूप में भारतीयों द्वारा तिरंगा लहराया जा रहा है। उन्होंने दुनियाभर में फैले भारत प्रेमियों और भारतीयों को आजादी के अमृत महोत्सव की बधाई दी।
उन्होंने कहा कि आज ऐतिहासिक दिन है और नए संकल्प और सामर्थ्य के साथ कदम बढ़ाने का अवसर है।
संबोधन
स्वतंत्रता सेनानियों को किया याद
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता सेनानियों और देश को राह दिखाने वाले महापुरुषों को याद किया।
उन्होंने कहा कि अमृत महोत्सव के दौरान देशवासियों ने उन बलिदानियों को याद किया, जिन्हें किसी कारण भूला दिया गया या याद नहीं किया गया। बीते दिन भारत ने भारी ह्रदय से विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस मनाया। आज उन लोगों के योगदान को याद करने का समय है, जिन्होंने पिछले 75 सालों में देश के लिए काम किया।
ट्विटर पोस्ट
लाल किले की प्राचीर से मोदी का संबोधन
भारत लोकतंत्र की जननी है। मदर ऑफ डेमोक्रेसी है। जिनके ज़हन में लोकतंत्र होता है वे जब संकल्प करके चल पड़ते हैं वो सामर्थ्य दुनिया की बड़ी बड़ी सल्तनतों के लिए भी संकट का काल लेकर आती है ये मदर ऑफ डेमोक्रेसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी #IndiaAt75 pic.twitter.com/yfoyisf1vx
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 15, 2022
संबोधन
भारत की तरफ उम्मीद से देख रही दुनिया- मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब दुनिया कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर उलझन में थी, उसी वक्त भारत ने 200 करोड़ खुराकें लगाकर उपलब्धि हासिल कर ली।
उन्होने आगे कहा कि आजादी के इतने साल बाद दुनिया भारत की तरफ गर्व और अपेक्षाओं से देख रहा है। विश्व की सोच में यह परिवर्तन भारत की 75 साल की अनुभव यात्रा का परिणाम है। दुनिया को दिखने लगा है कि उसकी समस्याओं का समाधान कहां पड़ा है।
संबोधन
प्रधानमंत्री ने देश को दिए पांच प्रण
मोदी ने कहा कि अगले 25 साल देश के लिए महत्वपूर्ण है। आने वाले 25 सालों के लिए पांच प्रण पर शक्तियों और संकल्पों को केंद्रित करना होगा।
उन्होंने कहा, "पहला प्रण है विकसित भारत। दूसरा प्रण है कि हमारे भीतर गुलामी के अंश को बचने नहीं देना है। तीसरा प्रण है कि हमें हमारी विरासत पर गर्व होना चाहिए। चौथा प्रण है एकता और एकजुटता। पांचवां प्रण है नागरिकों का कर्तव्य।"
संबोधन
मोदी ने की देशवासियों से नारी का सम्मान करने की अपील
देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजकल बोलचाल में ऐसी विकृति आई है, जिससे नारी का अपमान होता है। उन्होंने देशवासियों से रोजमर्रा की जिंदगी में नारी का सम्मान करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि जिन देशों ने प्रगति की है, वहां कर्तव्य पर बल दिया गया। हर नागरिक अगर अपने कर्तव्यों को निभाएगा तो भारत अपने इच्छित लक्ष्य को समय से पहले प्राप्त कर सकता है।
ट्विटर पोस्ट
आत्मनिर्भर भारत का किया जिक्र
आत्मनिर्भर भारत, ये हर नागरिक का, हर सरकार का, समाज की हर एक इकाई का दायित्व बन जाता है। आत्मनिर्भर भारत, ये सरकारी एजेंडा या सरकारी कार्यक्रम नहीं है। ये समाज का जनआंदोलन है, जिसे हमें आगे बढ़ाना है: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) August 15, 2022
संबोधन
भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार देश के सामने बड़ी चुनौतियां- मोदी
देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश के सामने भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद बड़ी चुनौतियां हैं। भ्रष्टाचार देश को दीमक की तरह खोखला कर रहा है और उससे लड़ना होगा। जब तक भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारी के प्रति नफरत का भाव पैदा नहीं होता, सामाजिक रूप से उसे नीचा देखने के लिए मजबूर नहीं करते, तब तक ये मानसिकता खत्म नहीं होने वाली।
उन्होंने कहा कि भाई-भतीजावाद केवल राजनीति नहीं बल्कि दूसरे क्षेत्रों में भी है।
सुरक्षा व्यवस्था
सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशभर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सीमाओं पर सुरक्षाबलों ने चौकसी बढ़ा दी है और हर जगह पैनी नजर रखी जा रही है।
इसके अलावा राज्यों की राजधानियों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है।
स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह दिल्ली स्थित लाल किले पर हुआ, जहां कई स्तरों की सुरक्षा व्यवस्था लगाई गई है। लाल किले के आसपास 10,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती गई है।